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इस सितंबर जरूर देखें हिमाचल प्रदेश का फुलाइच मेला

हिमाचल प्रदेश किन्‍नौर का फूलों का फुलाइच मेला बहुत प्रसिद्ध है।

By Namrata Shatsri

हिमाचल प्रदेश के हर कोने में आपको बर्फ ही दिखाई देगी। ठंडे मौसम और बर्फीले पहाडों की खूबसूरती पूर हिमाचल प्रदेश में फैली हुई है। भारत में पर्यटकों, बैकपैकर और रोमांचित ट्रिप के शौकीन लोगों के लिए हिमाचल प्रदेश सबसे बेहतर पर्यटन स्‍थल है।

ऊंचे पर्वतों की बर्फ से ढकी चोटियां, घाटियां, झरने और देवदार के घने जंगर इस जगह की प्राकृतिक सुंदरता में चार चांद लगा देते हैं।

Phulaich Fair

pc:snotch

इसके अलावा हिमाचल प्रदेश के लोग, उनकी अनूठी संस्‍कृति और उनके त्‍योहार इस जगह को और खास बना देते हैं। यहां पर उख्‍यांग और किन्‍नौर का फूलों का फुलाइच मेला बहुत प्रसिद्ध है। सेब और अखरोट के बागानों के साथ किन्‍नौर कैलाश पर्वत बहुत ही खूबसूरत दिखाई देता है। किन्‍नौरी गांव में फुलाइच मेले का आयोजन किया जाता है।

फूलों का मेला : फुलाइच उत्‍सव
हर साल सितंबर के महीने में हिमाचल प्रदेश के किन्‍नौर क्षेत्र में फूलों का त्‍योहार मनाया जाता है। इस दौरान बड़ी संख्‍या में पर्यटक यहां आते हैं और हिमाचल प्रदेश के लोगों, जगहों, खानपान और संस्‍कृति को इस मेले के ज़रिए जानने का सबसे यह सही समय है। इसके अलावा किन्‍नौर क्षेत्र घूमने का भी सबसे बेहतर महीना सितंबर का ही है।

Phulaich Fair

pc:official site

इस समय हिमाचल का मौसम बेहद सुहावना होता है और थोड़ी-बहुत वर्षा भी रहती है। हिमाचल की घाटियाँयों पर खूबसूरत फूल सजे रहते हैं। अपने मृत प्रियजनों की याद में फुलाइच त्‍योहार मनाया जाता है। ग्रामीणों का एक समूह पहाड़ के ऊपर चढ़ाई कर विशेष रूप से लाद्रा फूल लेकर आता है दूसरा समूह किसी और पहाड़ी पर जाकर ड्रम से संगीत बजाता है।

मृत परिजनों को फूलों का हार, चावल और वाइन अर्पित कर उन्‍हें सम्‍मान देकर याद किया जाता है। इस दौरान यहां पर आसपास के गांव के लोग और पर्यटक भी आते हैं। यहां पर रंग-बिरंगी स्‍टॉल लगती हैं। कई तरह के पारंपरिक उत्‍सव जैसे लोक नृत्‍य और लोक गीत आदि की प्रस्‍तुति दी जाती है। इसके अलावा कुछ धार्मिक प्रस्‍तुति, मनोरंजक कार्य और खेल आदि का आयोजन भी किया जाता है।

Phulaich Fair

कैसे पहुंचे किन्‍नौर
दो प्रमुख स्‍थान रेकोंग पिओ और कल्‍पा – शिमला, दिल्‍ली और चंडीगढ़ शहरों से जुड़ा हुआ है। सड़क मार्ग द्वारा कल्‍पा और रेकोंग पिओ पहुंचना सबसे बेहतर रहता है। इस जगह पर कोई रेलवे स्‍टेशन या एयरपोर्ट नहीं है।

हालांकि ये जगहें शिमला से जुड़ी हुई हैं। हरियाणा के काल्‍का से शिमला के लिए ट्रेन चलती है। आप चाहें तो शिमला तक ट्रेन द्वारा पहुंच सकते हैं। शिमला का छोटा-सा एयरपोर्ट भी है जो दिल्‍ली शहर से जुड़ा हुआ है।

किन्‍नौर पहुंचने के लिए सबसे पहले बस, फ्लाइट या ट्रेन द्वारा शिमला पहुंचे या फिर आप कल्‍पा और रेकोंग पिओ से सड़क मार्ग से होते हुए किन्‍नौर पहुंच सकते हैं। शिमला से कल्‍पा की दूरी 225 किमी और रेकोंग पिओ की दूरी लगभग 228 किमी है।

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