कुछ सालों पहले जब दुनिया कोरोना अतिमारी की चपेट में था, उस समय खुद को कोरोना के संक्रमण से बचाने के लिए लोगों ने घर पर ही काढ़ा बनाकर पीना शुरू कर दिया था। इस काढ़ा में कई तरह की जड़ी-बुटियों और घरेलु वस्तुओं का इस्तेमाल किया जाता था, जो शरीर में रोग-प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है। क्या आप जानते हैं, चटपटे चाट का आविष्कार एक महामारी को रोकने के लिए हुआ था!

जी हां, वहीं स्ट्रीट फूड चाट जिसे चौक-चौराहे और गली-मुहल्ले के मोड़ पर खड़े होकर हम सभी बड़े चाव से खाते हैं। यकिन मानिए, हम जरा भी मजाक नहीं कर रहे हैं। यह मुगलकाल की बात है। उस जमाने में चटपटी चाट आविष्कार जिस महामारी को फैलने से रोकने के लिए हुआ था, आज के समय में कई बार गंदी जगहों से चाट खाने की वजह से लोग उसी बीमारी की चपेट में भी आ जाते हैं। हम बात कर रहे हैं हैजा की।
इतिहासकारों के मुताबिक 16वीं सदी में मुगल बादशाह शाहजहां के शासनकाल के दौरान एक बार हैजा महामारी के रूप में फैली थी। सैंकड़ों की संख्या में लोग हैजा की चपेट में आ रहे थे और इलाज नहीं मिल पाने के कारण हैजा से मरने वाले लोगों की संख्या भी काफी अधिक थी। काफी कोशिशों के बावजूद वैद्य और हकीम भी हैजा पर नियंत्रण नहीं कर पा रहे थे। बस फिर क्या था, उसी समय उत्तर प्रदेश में जन्म लिया चटपटी चाट ने।

कहा जाता है कि हैजा महामारी को रोकने के लिए वैद्य-हकिमों ने एक खास इलाज की सलाह दी। उस समय शाहजहां के दरबार में मौजूद शाही हकिम अली का कहना था कि गंदे पानी की वजह से ही लोगों को पेट से संबंधित बीमारियां हो रही हैं। इसलिए हकीम साहब ने लोगों को कुछ ऐसा व्यंजन खिलाने के लिए कहा गया जिसमें मिर्च समेत कई और तरह के मसालों का इस्तेमाल किया गया हो। अब जब भारतीय मसालों की बात आएगी तो वह व्यंजन चटपटा तो बनेगा ही। कुछ इस तरह से ही जन्म हुआ मसाला चाट का।
कहा जाता है कि उनके सलाह पर ही इमली, लाल मिर्च, धनिया और पुदिना आदि मसालों को मिलाकर तैयार की गयी थी दुनिया की पहली चाट। पूरी दिल्ली के लोगों को वह चाट खिलायी गयी। इतिहासकारों का मानें तो इमली, पुदिना, लाल मिर्च और दूसरे मसालों को मिलाकर बनायी गयी चाट को खाने के कारण लोगों के शरीर में रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ी जिसका फायदा हैजा के विषाणुओं से लड़ने में मिला और धीरे-धीरे हैजा पर नियंत्रण भी पाया जा सका था।

बाद में दिल्लीवालों ने अपनी कारीगरी दिखाई और बना डाला चाट का एक नया वर्जन आलू टिक्की चाट। इधर उत्तर प्रदेश वाले भी कहां पीछे रहने वाले थे, वे तवे पर टमाटर के साथ मसालों को पकाकर परोसने लगे टमाटर चाट। अब चाट दिल्लीवालों की हो या UP वालों की...इस चटपटी व्यंजन का स्वाद तो पूरे भारत के लोग उठाते हैं...है न!!



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