किसी भी मूवी में लद्दाख का सीन देखते ही हर किसी के मन में एक ही बात उठती है, एक बार लद्दाख जरूर जाएंगे... और वो भी बाइक पर या खुद की कार से और अगर हो सका तो जीप से... ऐसा ही ख्याल आपके मन में भी आया होगा, लेकिन हम जानते हैं, खर्च की बात आते ही ख्याल आपके मन से काफिर हो गया होगा। अगर वाकई में आप केवल पैसे की तंगी की वजह से लद्दाख की ट्रिप नहीं बना पा रहे हैं, तो रुकिए अपने मन को मत मारिये। क्योंकि हम आपको आपके बजट में पूरी ट्रिप का खर्च बताने जा रहे हैं। एक सलाह देना चाहेंगे कि इस लेख को पढ़ते समय अपने साथ कॉपी-पेन जरूर रखें और हर चीज़ नोट करते जायें, या फिर एक्सेल में डाटा फीड करते जायें, इससे अंत में आपको पूरा खर्च कैल्कुलेट करने में आसानी होगी।
पहले लद्दाख से जुड़ी कुछ खास बातें
- क्या आप जानते हैं, भारत में सबसे अधिक सोलर रेडिएशन लद्दाख में होता है। यही कारण है कि केंद्र सरकार यहां पर सोलर एनर्जी का सबसे बड़ा प्लांट लगा रही है।
- यहां पर साल के कुल 365 दिन में से 320 दिन आसमान साफ रहता है।
- देश का सबसे बेहतरीन पश्मीना लद्दाख से ही आता है।
- हेमिस, अलची, लामायुरु, शेय और थिकसेय विश्वप्रसिद्ध मठ हैं, जहां देश-दुनिया से हर साल 3 लाख से अधिक पर्यटक आते हैं। 2021 में कुल 3,04,077 पर्यटक इन मठों पर आये, जिनमें 1054 विदेशी पर्यटक थे।
- पूरी दुनिया में खुमानी और सी बकथॉर्न यानी हिप्पोफे रमनोइड्स की सबसे ज्यादा पैदावार लद्दाख में होती है।
- यहां आने वाले पर्यटक सबसे ज्यादा यहां के ग्रामीणों द्वारा तैयार किए जाने वाले देसी भोजन को पसंद करते हैं।
हम आपको पहले ही अपने एक लेख में लद्दाख की खूबसूरत जगहों के बारे में बता चुके हैं। आप चाहें तो इस लिंक पर क्लिक करके अभी पढ़ सकते हैं। क्योंकि अब आगे हम आपको सीधे लद्दाख ट्रिप पर होने वाले खर्च पर ले जा रहे हैं। लद्दाख के खर्च में सबसे पहले बात आती है परमिट की, जो आपको लेह-लद्दाख में प्रवेश करने से पहले लेना होता है। दरअसल यह केंद्रशासित प्रदेश है और बॉर्डर से लगा हुआ है इसलिए यहां जाने के लिए परमिट लेना होता है। अगर आप ग्रुप में जा रहे हैं तो भी आपको प्रत्येक व्यक्ति के लिए अलग से परमिट बनवाना पड़ता है।
लद्दाख परमिट कैसे लें, कितना होगा खर्च
सबसे पहले आप सरकारी वेबसाइट https://www.lahdclehpermit.in/ पर जाएं और दाहिनी ओर दिए गए लिंक Tourist Information पर क्लिक करें। यहां आपको अपना एंट्री प्वाइंट बताना अनिवर्य है। तीन एंट्री प्वाइंट हैं- केबीआर लेह एयरपोर्ट, खल्त्से, और उपशी। इसके अलावा नाम, वाहन नंबर, मोबाइल नंबर, उम्र, होटल या घर का नाम-पता, कितने दिन रुकेंगे, किस राज्य से आये हैं, आदि भरना पड़ता है। अगर आपके साथ और लोग यानि मित्र या परिवार के सदस्य भी हैं, तो उनका विवरण भी यहीं पर भरना होगा। सारा विवरण भरने के बाद आपके मोबाइल पर एसएमएस आयेगा, साथ ही आपको परमिट संख्या बता दी जाएगी। हालांकि आप एंट्री प्वाइंट पर जाकर भी परमिट ले सकते हैं, लेकिन वहां आपको लाइन में लगना पड़ सकता है। ध्यान रहे यात्रा पर निकलने से पहले अपने परमिट की कॉपी डाउनलोड करके उसका प्रिंट अपने साथ रखना मत भूलें। क्योंकि प्रत्येक पर्यटक के लिए एक आईडी जारी की जाती है और उसी से उसकी पहचान मानी जाती है।
परमिट चुनते समय आपको सर्किट भी चुनना होता है। अगर आप सभी जगह जाना चाहते हैं, तो प्रति व्यक्ति कुल शुल्क 2000 रुपए तक पड़ेगा। क्षेत्र जहां के लिए परमिट मिलता है वो निम्न हैं-
1. दाह हानु क्षेत्र- खालसी, डोमखार, स्कुरबुचन, हानु, बाइमा, धा सब डिवीजन।
2. नुब्रा घाटी क्षेत्र- खारदोंग, खालसर, त्रिथ, डस्केट, हुंडेर, तुरतुक, पचाथंग, त्याक्शी और नुब्रा घाटी के अन्य क्षेत्र।
3. सो मोरिरी- उपशी, त्सोमोरीरी, कोरज़ोक।
4. सो मोरीरी और सोकार क्षेत्र- उपशी, दिपलिंग, पुगा, त्सोमोरीरी, कोरज़ोक और सो कार।
5. पेंगोंग सो - खारू, चांगला, दुबुक, तांग्से, लुखुंग, स्पंगमिक और मन-मेराग।
6 लोमा - उपशी, चुमाथांग, माहे, लोमा बेंड।
7. चुसूल एवं लोमा बेंड - लेह खारु चांगला, दुरबुक तांग्से, लुकुंग स्पंगमिक और मन मेराक।
8. चुसूल - तांग्से, करग्याम, सातो, बरमा, चुशुल।
खर्च- यहां आपको इनर लाइन परमिट के लिए 20 रुपए प्रति व्यक्ति देने होंगे। पेंगोंग लेक के लिए 400 रुपए। जिसमें 300 रुपए पर्यावरण शुल्क है और 100 रुपए रेड क्रॉस शुल्क। इस परमिट के साथ आप इनर लाइन क्षेत्र जैसे कि नुब्रा घाटी, पैंगोग सो, सो मोरीरी पर जाने की परमीशन होगी। बता दें कि 12 वर्ष से कम आयु के बच्चों का परमिट नि:शुल्क है।

लद्दाख में होटल का खर्च
लद्दाख में आपको हाई-फाई होटल तो नहीं मिलेंगे लेकिन हां, यहां के लोग इतने शांत और सुंदर स्वभाव के होते हैं, कि आप उनके द्वारा की जाने वाली आवो-भगत में इस कदर डूब जाएंगे कि उनके आगे आपको बेंगलुरु-दिल्ली का फाइव स्टार होटल भी फीका लगेगा। यहां पर उच्च वर्ग के होटल में जाएंगे तो एक रात का 700 रुपए से 1000 रुपए तक खर्च आयेगा। वहीं पेंगोंग जैसी जगहों पर जहां कोई होटल नहीं हैं, वहां चादर-टेंट में रुकना पड़ता है। उसका प्रति रात का खर्च 200 से 300 रुपए तक आता है। वहीं स्पंगमिक क्षेत्र में होमस्टे में 700 से 800 रुपए तक में रुकने की अच्छी व्यवस्था हो सकती है। यह खर्च प्रति व्यक्ति है, अगर आपके साथ आपके मित्र या परिवार के सदस्य हैं, तो 500 रुपए प्रति व्यक्ति के हिसाब से खर्च और जोड़ लीजिये।
लद्दाख में खाने पर कितना खर्च आता है?
लद्दाख में अगर आप नॉथ-इंडियन खाना खोजेंगे तो शायद महंगा पड़ सकता है, लेकिन यहां का देसी भोजन एक टाइम का 400 रुपए से 500 रुपए प्रति व्यक्ति पड़ता है। यहां होमस्टे में आपको किचन मिलता है, जहां आप स्वयं खाना पका सकते हैं। और तो और कुछ जगहों पर तो यहां के लोग स्वयं देसी भोजन पका कर आपके समक्ष परोसेंगे, जिसका स्वाद लाजवाब होता है। ग्रामीणों के चूल्हे पर पके खाने का स्वाद शायद आप जीवन में कभी नहीं भूल पायेंगे।
परमिट, खाना और रुकने की बात हो गई, अब हम आपको यहां जाने के खर्च का ब्योरा देंगे। पहले आप यह तय करिये कि आपको कैसे जाना है। जैसे कि आप अपने वाहन से जाना चाहते हैं तो बाइक या कार या फिर जीप, अगर आप किराये पर वाहन लेकर जाना चाहते हैं या फिर पब्लिक ट्रांसपोर्ट से। हम आपको इन सभी पर आने वाले खर्च का ब्योरा देने जा रहे हैं।
दिल्ली से लेह तक की दूरी कितनी है?
यहां पर खर्च की गणना दिल्ली से लद्दाख तक की करने जा रहे हैं, इसलिए पहले दूरी की बात करना जरूरी है। दिल्ली से लद्दख तक की रोड ट्रिप में आपको निम्न विकल्पों के हिसाब से दूरी तय करनी पड़ सकती है-
| यात्रा विवरण | दूरी |
| दिल्ली से लेह, मनाली होते हुए | 1000 किमी |
| दिल्ली से लेह, श्रीनगर होते हुए | 1200 किमी |
| लेह से नुब्रा घाटी तक आना-जाना | 250 किमी |
| लेह से पेंगोंग लेक तक आना-जाना | 300 किमी |
| लेह से चुमाथांग होते हुए सो मोरीरी तक आना-जाना | 500 किमी |
इसके आधार पर आप यह तय कर सकते हैं कि आपको कितने दिन के लिए लद्दाख जाना है। हालांकि अगर आप सारी जगहें कवर करना चाहते हैं, तो उसमें कम से कम 6 से 7 दिन लगेंगे। अगर आप केवल एक जगह जाते हैं तो 2 दिन कम से कम रख लीजिये। इसी तरह दो जगह कवर करने के लिए 3 से 4 दिन लग सकते हैं।
बाइक से लद्दाख जाने का खर्च
अगर आप अपनी बाइक से लद्दाख जाने की योजना बना रहे हैं, तो हमारी सलाह है कि बाइक का इंजन पावरफुल होना चाहिए। 80 या 100 सीसी के इंजन वाले वाहन आपकी यात्रा में रुकावट पैदा कर सकते हैं। बेहतर होगा अगर आप रॉयल एन्फील्ड, रॉयल एन्फील्ड हिमालयन, केटीएम 390 एडवेंचर, बजाज डॉमिनार, या इस कैडर में आने वाली बाइक से लद्दाख जायें।
आम तौर पर हाई-एंड बाइक का माइलेज 25 किमी प्रति लीटर होता है। दिल्ली से यात्रा शुरू करने का मतलब आपको करीब 140 से 150 लीटर पेट्रोल की आवश्यकता होगी, यानि करीब 14 से 15 हजार रुपए का पेट्रोल लगेगा।
किराए की बाइक से लद्दाख जाने का खर्च
अगर आप किराए की बाइक से लद्दाख जाना चाहते हैं तो पेट्रोल का खर्च तो उतना ही पड़ेगा जितना कि आपकी खुद की बाइक से बस ऊपर से आपको जो देना है वो है बाइक का किराया। चंडीगढ़, मनाली, श्रीनगर आदि शहरों से आपको किराए पर बाइक आसानी से मिल सकती है। बाइक का किराया लगभग 1200 से 1500 रुपए के बीच होता है। लेकिन अगर आप हार्ले डेविडसन जैसी हाई-एंड बाइक लेते हैं तो किराया 2000 रुपए प्रति दिन तक जा सकता है।
निजी कार से लद्दाख जाने का खर्च
अगर आप फोर व्हीलर से से जा रहे हैं, तो यहां भी आपको वही कार या एसयूवी चुननी होगी, जिसका इंजन दमदार हो। जैसे कि महिंद्रा थार, फॉर्च्यूनर, सफारी, स्कॉर्पियो, 4X4 एसयूवी, क्रेटा, एसएल6, अरटिगा जैसे फोर व्हीलर ही उपयुक्त रहेंगे। क्योंकि हम नहीं चाहते कि बीच रास्ते में ही आपकी कार के इंजन से धुआं निकलने लगे, जोकि आम तौर पर 900 से 1000 सीसी की कारों में होना यहां आम बात है।
अब अगर आपकी कार का माइलेज 10 का है तो इसका मतलब आपको करीब 3500 किलोमीटर चलने के लिए 350 लीटर पेट्रोल या डीजल चाहिये होगा, जिसकी कीमत 36 हजार रुपए तक आयेगी।

प्राइवेट कैब से लद्दाख जाने का खर्च
अगर आप प्राइवेट कैब से लद्दाख जाना चाहते हैं, निर्भर करेगा कि आप किस कैब से जा रहे हैं। प्राइवेट कैब का विवरण चीने दिया गया है, जिसके आधार पर आप खर्च की गणना कर सकते हैं। आपको बता दें कि लद्दाख के बाहर से आने वाली किसी भी कैब को साइट सीन का परमिट नहीं होता है, इसलिए उसके लिए वहां आपको लोकल कैब करनी पड़ेगी, जिसका चार्ज अलग होगा।
| वाहन | वाहन का रेट | लगभग खर्च |
| एसयूवी 8 सीटर | 20 रु प्रति किमी | 80,000/- |
| इनोवा, महिंद्रा, आदि | 20 रु प्रति किमी | 80,000/- |
| टयोयोटा इन्नोवा क्रिस्टा | 23 रु प्रति किमी | 92,000/- |
ध्यान रहे कुछ कैब सर्विसेस नाइट चार्ज अलग से लगाती हैं, उसके लिए आपकेा अलग से भुगतान करना पड़ सकता है।
शेयरिंग टैक्सी में लद्दाख की यात्रा
अगर आपका बजट ज्यादा नहीं है तो आप शेयरिंग टैक्सी से लद्दाख की यात्रा कर सकते हैं। बस उसके लिए आपको पहले दिल्ली से मनाली या श्रीनगर आना होगा। श्रीनगर और मनाली दोनों जगहों से टैक्सियां चलती हैं, जो आपको सीधे लेह ले जाती हैं। वहां पहुंचने के बाद आप नुब्रा वैली, पैंगोंग लेक, सो मोरीरी, आदि जगहों पर जाने के लिए अलग से स्थानीय संसाधनों का इस्तेमाल कर सकते हैं।
| कहां से कहांं तक | प्रति व्यक्ति किराया |
| श्रीनगर से लेह तक | 2600 रु |
| मनाली से लेह तक | 2600 रु |
| लेह से नुब्रा घाटी आना-जाना | 1000 रु |
| लेह से सो मोरीरी तक आना-जाना | 1000 रु |
| लेह से पैंगोग घाटी तक आना-जाना | 1000 रु |
इस तरह से कुल मिला कर अगर आप शेयरिंग टैक्सी से यात्रा कर रहे हैं तो पूरा लद्दाख देखने में आपका कुल खर्च करीब 8000 रुपए आयेगा, जिसमें साइट सीन के लिए लोकल वाहनों में यात्रा करते वक्त आको करीब 3000 से 4000 तक देने पड़ सकते हैं। अगर वाहन थोड़ा लग्जरी है तो खर्च 5000 रुपए तक जा सकता है।
बस से लद्दाख की यात्रा पर कितना खर्च?
अगर आप बस से यात्रा करते हैं तो आपको पहले से बुकिंग करवानी होगी, क्योंकि लद्दाख के लिए बसें बहुत कम चलती हैं। मनाली से लेह तक वॉल्वो का किराया लगभग 3000 रुपए होता है, जबकि साधारण बस का किराया 600 रुपए है। वहीं डीलक्स बस की बात करें तो 1000 से 1500 रुपए तक में आपको आराम से टिकट मिल जाएगा।
अब आप चाहे बस से जायें या शेयरिंग टैक्सी से, आगे की साइट सीन पर 5000 से 6000 रुपए तक खर्च आता है, यह निर्भर करता है कि आप कहां घूमने जा रहे हैं। हालांकि लोक संसाधनों से यह खर्च कुल 2000 रुपए तक में भी हो सकता है।



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