लद्दाख जाने का सपना हर एडवेंचर लवर देखता है। खासतौर पर सर्दियों का मौसम शुरू होते ही लद्दाख जाने के बारे में लोग सोचने लगते हैं। लद्दाख के बंजर पहाड़ और बर्फ से ढंकी चोटियों की खुबसूरती लोगों को अपनी तरफ खींचती है। इसके अलावा यहां के मॉनेस्ट्री, समुद्रतल से करीब 3000 मीटर की ऊंचाई और घाटियों को देखने के लिए दूर-दूर से ट्रैवलर यहां पहुंचते हैं।

कोई लद्दाख तक आराम से ट्रेन या विमान से पहुंचना चाहता है तो एडवेंचर के शौकिन बाइक से लद्दाख तक का सफर तय करते हैं। कुछ लोग बजट फ्रेंडली तरीके से बस से भी लद्दाख आते हैं। लद्दाख आने के कई रास्ते हैं, हर ट्रैवलर को इनमें से अपनी पसंद और सुविधानुसार रूट चुनना पड़ता है।
बता दें, लद्दाख के कई रूट मई से अक्टूबर तक अत्यधिक बर्फबारी की वजह से बंद भी कर दिये जाते हैं।
लद्दाख तक पहुंचने का सम्पूर्ण रूट-मैप :-
बस से :-
अगर आप लद्दाख तक बजट फ्रेंडली तरीके से पहुंचना चाहते हैं तो आपको मनाली या फिर श्रीनगर से बस मिल जाएंगी। लेकिन याद रखें यह रास्ता आसान नहीं होने वाला है। रास्ते में कई उबर-खाबड़ मोड़ आएंगे। श्रीनगर से लद्दाख तक का रास्ता ज़ोजी ला पास से होकर और मनाली से लद्दाख तक का रास्ता रोहतांग पास से होकर पार किया जाता है।

नोट :- दोनों ही पास भारी बर्फबारी की वजह से साल के कई महीनों तक बंद कर दिये जाते हैं। इसलिए लद्दाख के लिए अपना टूर प्लान करने से पहले वहां की वास्तविक स्थिति और मौसम की भविष्यवाणी पर जरूर अपनी नजरें बनाएं रखें।
विमान से :-
लद्दाख तक सबसे आरामदायक तरीके से विमान द्वारा पहुंचा जा सकता है। देशभर के विभिन्न शहरों से कई एयरलाइंस कंपनियों की लद्दाख तक डायरेक्ट फ्लाइट जाती है। लद्दाख का सबसे नजदीकी एयरपोर्ट लेह का कुशोक बकुला रीमपोछे एयरपोर्ट है, जहां से दिल्ली, जम्मु, कोलकाता, श्रीनगर, मुंबई, चंडीगढ़ आदि की डायरेक्ट फ्लाइट नियमित तौर पर उड़ान भरती हैं।
ट्रेन से :-
लद्दाख तक ट्रेन से आना थोड़ा मुश्किल भरा हो सकता है, क्योंकि लद्दाख से सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन भी उससे लगभग 700 किमी दूर स्थित है। जी हां, लद्दाख से सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन जम्मु तवी है। हालांकि जम्मु तवी के लिए दिल्ली, कोलकाता और मुंबई से नियमित रूप से ट्रेन खुलती है। जम्मु तवी पहुंचने के बाद स्टेशन से आपको लद्दाख तक पहुंचने के लिए किसी प्राइवेट गाड़ी को किराए पर लेना होगा।

हालांकि भारत सरकार हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर से मनाली होते हुए लेह तक नयी रेल लाइन बिछाने की परियोजना पर काम कर रही है। खास बात यह होगी कि यह रूट 62 सुरंगों और 206 छोटे-बड़े ब्रिज से होकर गुजरेगा। बताया जाता है कि बिलासपुर से लेह का यह सफर ट्रेन पहाड़ों के बीच होकर जब पूरा करेगी, तब वह काफी सुंदर अनुभव कराएगी।
हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर से वाया मनाली लेह तक के प्रस्तावित रेल रूट के बारे में विस्तार से पढ़ने के लिए हमारा यह आर्टिकल पढ़ें :-
बाइक या अपनी गाड़ी से :-
अब हम आपको लद्दाख तक पहुंचने की सबसे ज्यादा लोकप्रिय रूट और माध्यम बताते हैं। देश में सबसे अधिक ऊंचाई पर स्थित होने के बावजूद लद्दाख सड़क मार्ग से पूरी तरह से जुड़ा हुआ है। लद्दाख मुख्य रूप से जम्मु और कश्मीर में श्रीनगर तथा हिमाचल प्रदेश में मनाली से सबसे अच्छी तरीके से सड़क मार्ग से जुड़ा है। लेकिन लद्दाख की सड़कें साल में सिर्फ 6 महीने के लिए ही खुली रहती हैं।

जैसा कि हमने पहले भी बताया है साल में कई महीने ऐसे भी होते हैं जब भारी बर्फबारी की वजह से लद्दाख के रास्ते पूरी तरह से बंद रहते हैं। लद्दाख की ट्रिप पर अपनी बाइक या गाड़ी से जाने का सपना अधिकांश ट्रैवलर ही देखते हैं और यह काफी रोमांचक सफर भी होता है।
लद्दाख तक बाइक या गाड़ी से पहुंचने के 2 रास्ते हैं :-
रूट 1. श्रीनगर से लेह - लद्दाख तक पहुंचने के लिए श्रीनगर से लद्दाख का रूट काफी कम लोकप्रिय है। लेह-लद्दाख से श्रीनगर तक की दूरी 434 किमी है।
रूट : श्रीनगर-सोनमर्ग-ज़ोजी ला पास-द्रास घाटी-कारगील-मुल्बक-लामायुरू-सस्पोल-लेह

रूट 2. मनाली से लेह - श्रीनगर की तुलना में लद्दाख तक मनाली से पहुंचने का रास्ता थोड़ा ज्यादा लंबा है, लेकिन अधिकांश लोग लेह-लद्दाख तक पहुंचने के लिए यहीं रूट लेते हैं। खासतौर पर यह बाइकर्स का फेवरेट रूट है। इस रूट पर ज्यादा सुन्दर नजारे दिखते हैं। मनाली से लेह तक की दूरी 490 किमी है।
रूट : मनाली-रोहतांग पास-ग्रम्फु-कोख्सर-केलॉन्ग-जिस्पा-दार्च-ज़िंगज़िंगबार-बरालाचा ला पास-भरतपुर-सर्चु-गाटा लुप्स-नाकी ला पास-लाचुंग ला पास-पैंग-तंगलैंग ला पास-ग्या-उप्सी-कारु-लेह



Click it and Unblock the Notifications














