ट्रेनों में कंफर्म टिकट की समस्या हमेशा बनी रहती है। अगर त्योहारों का सीजन हो तो सैंकड़ों स्पेशल ट्रेन चलाने के बावजूद यात्रियों को कंफर्म टिकट मिलना बड़ा ही मुश्किल होता है। लेकिन साल 2027 तक ट्रेन से यात्रा करने वाले हर यात्री के पास कंफर्म टिकट होगी। भारतीय रेलवे इस मुश्किल से दिखने वाले काम को मुमकिन बनाने की कवायद में जुट गयी है। विशेष रूप से त्योहारों के समय स्टेशन से लेकर ट्रेनों तक में यात्रियों की भारी भीड़ देखने को मिलती है।

लेकिन भारतीय रेलवे अब इस समस्या का स्थायी समाधान निकालने के बारे में ही सोच रही है। मिली जानकारी के अनुसार भारतीय रेलवे ने अपना व्यापक विस्तार करने की योजना बनायी है, जिससे आम यात्रियों को सबसे ज्यादा फायदा मिलने वाला है।
3000 अतिरिक्त मेल-एक्सप्रेस चलाएगी रेलवे
मिली जानकारी के अनुसार अगले 4-5 सालों में भारतीय रेलवे वेटिंग लिस्ट टिकट की समस्या को खत्म करने के लिए करीब 3000 अतिरिक्त मेल, एक्सप्रेस और यात्री ट्रेनों का संचालन करने की योजना बना रही है। फिलहाल, भारतीय रेलवे से करीब 800 करोड़ यात्री हर साल यात्रा करते हैं, जो संख्या अगले 5 सालों में बढ़कर 1000 करोड़ तक पहुंचने की संभावना है। इतनी अधिक संख्या में यात्रियों के लिए रेलवे में व्यापक विस्तार की आवश्यकता भी है।

बता दें, कोविड-19 अतिमारी से पहले 10,186 मेल, एक्सप्रेस और पैसेंजर ट्रेन चलती थी लेकिन वर्तमान में 10,748 मेल, एक्सप्रेस और पैसेंजर ट्रेनों का संचालन होता है।
हर यात्री को मिले कंफर्म टिकट
रेलवे के अधिकारियों का कहना है कि ट्रेनों की संख्या में वृद्धि और ट्रैक की क्षमता बढ़ाने का मुख्य उद्देश्य वर्ष 2027-28 तक टिकट बुक करने वाले हर यात्री को कंफर्म टिकट मुहैया कराना है। इस बारे में एक वरिष्ठ रेलवे अधिकारी का कहना है कि देशभर में यात्रियों की बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए ही रेलवे के विस्तार की योजना बनायी गयी है। उन्होंने बताया कि अधिक से अधिक पुश-पूल ट्रेनों को चलाने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं, जिनका इंजन दोनों तरफ हो। इससे लंबी दूरी में यात्रा का समय 2-5 घंटे तक घट सकता है।
बिछायी जाएंगी 4,000-5,000 किमी नयी ट्रैक

मीडिया रिपोर्ट्स से मिली जानकारी के अनुसार रेलवे के विस्तार योजना के बारे में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, "ज्यादा से ज्यादा वंदे भारत ट्रेन, आधुनिक LHB कोच और वार्षिक 4,000-5,000 किमी नयी ट्रैक बिछायी जाएगी ताकि अधिक से अधिक ट्रेनों के संचालन की मांग को पूरा किया जा सकें।" उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य यात्रा के समय को घटाकर यात्रियों की क्षमता में वृद्धि करना है ताकि बढ़ती मांग के अनुसार अधिक ट्रेनों का संचालन किया जा सकें।
बता दें, वर्तमान समय में वार्षिक 5,000 LHB कोच (225 ट्रेनों के बराबर) का उत्पादन बनारस लोकोमोटिव वर्क्स में किया जा रहा है। जल्द ही इंजन समेत पूरी ट्रेन का उत्पादन किया जाएगा।
इस साल चलायी जाएगी तीन गुना ट्रेन

रेलवे के अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार त्योहारों के सीजन में पिछले साल के मुकाबले इस साल 3 गुना ट्रेनों का संचालन होगा। पिछले साल 1 अक्टूबर से 31 दिसंबर तक, जब ट्रेनों की मांग सबसे अधिक होती है, तब स्पेशल ट्रेन ने करीब 2,614 ट्रिप्स लगाए थे। इस साल रेलवे ने यात्रियों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कुल 6,754 ट्रिप्स स्पेशल ट्रेन की योजना बनायी है। इसमें से 1 अक्टूबर से अब तक भारतीय रेलवे 2,423 ट्रिप स्पेशल ट्रेन का संचालन कर चुकी है, जिनसे 36 लाख यात्रियों ने यात्रा की है।



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