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प्रकृति के बीच बसा शांति का पर्याय- जापानी मंदिर!

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'हजारों शब्दों से अच्छा वह एक शब्द है जो शांति लाता है।'- गौतम बुद्ध

जी हाँ, इन वचनों से पता चलता है कि सर्व जन शांति यानि कि सार्वभौमिक शांति भगवान बुद्ध की शिक्षाओं में से एक है। बौद्ध धर्म में शांति एक मुख्य सिद्धांत है जो किसी जाती या धर्म की परवाह किये बिना सभी को एक दूसरे के करीब लाता है। इसी सिद्धांत का पालन करते हुए अपने भारत देश में भी कई बौद्ध मंदिर हैं जो जन-जन के बीच शांति को फैला लोगों को एक नई राह दिखा रहे हैं।

इन्हीं सारे मंदिरों में से एक है, पश्चिम बंगाल में स्थित जापानी मंदिरपश्चिम बंगाल के हिल स्टेशन दार्जीलिंग में बना हुआ जापानी मंदिर भगवान बुद्ध के उपदेशों को बढ़ावा देते हुए निप्पोज़न म्योहोजी बौद्ध अनुक्रम का पालन करता है।

दार्जीलिंग पहुँचें कैसे?

चलिए आज हम आपको भगवान बुद्ध के उपदेशों का संस्मरण कराते हुए ले चलते हैं दार्जीलिंग के जापानी मंदिर की सैर पर उसके कुछ खूबसूरत तस्वीरों के साथ।

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जापानी मंदिर

जापानी मंदिर

दार्जीलिंग का यह जापानी मंदिर एक बौद्ध मंदिर है जिसका निर्माण जापानी वास्तुशैली में किया गया है। पश्चिम बंगाल के खूबसूरत हिल स्टेशन दार्जीलिंग के हरे-भरे परिदृश्य के बीच में बसा यह दो मंज़िला जापानी मंदिर आपकी आँखों को सुकून के साथ-साथ शांति भी प्रदान करता है।

Image Courtesy:Silpi.2016

जापानी मंदिर

जापानी मंदिर

निप्पोज़न म्योहोजी बौद्ध मंदिर के नाम से भी जाने जाने वाले इस जापानी मंदिर को फुजी गुरूजी(निचीदात्सु फुजी) द्वारा स्थापित किया गया था।

Image Courtesy:Shahnoor Habib Munmun

निप्पोज़न म्योहोजी क्या है?

निप्पोज़न म्योहोजी क्या है?

निप्पोज़न म्योहोजी दाइसांग एक धार्मिक आंदोलन था जिसने निचरेन बौद्ध धर्म नाम के उप धर्म को जन्म दिया। बौद्ध धर्म के इस रूप में ऐसा माना जाता है कि कमल सूत्र बौद्ध अभिव्यक्ति का सर्वोच्च क्रम है। निप्पोज़न म्योहोजी दाइसांग की खोज सन् 1917 में निचीदात्सु फुजी(फुजी गुरूजी) द्वारा की गई।

Image Courtesy:PP Yoonus

निप्पोज़न म्योहोजी क्या है?

निप्पोज़न म्योहोजी क्या है?

यह जापानी मंदिर और मंदिर के पास ही बना शांति पगोडा बौद्ध धर्म के इस संप्रदाय का पालन करता है।

Image Courtesy:Dipanjon.halder

जापानी मंदिर

जापानी मंदिर

प्राचीन परिवेश में बना साधारण सा सफ़ेद रंग का जापानी मंदिर, एक खास तरह का आकर्षण लिए हुए लोगों को अपनी ओर आकर्षित करता है। पर्यटकों को मंदिर के प्रवेश द्वार पर पहुँचने के लिए कुछ सीढ़ियाँ चढ़नी होती हैं।

Image Courtesy:Shahnoor Habib Munmun

जापानी मंदिर

जापानी मंदिर

मंदिर के प्रवेश द्वार पर पहुँचते ही दो स्वर्ण रंग के शेर पर्यटकों का स्वागत करते हुए विराजमान हैं जो पर्यटकों को मंदिर के अंदर प्रवेश करने के लिए आकर्षित करते हैं। मंदिर के अंदर घुसते ही आपको एक बड़े से प्रार्थना घर में स्थापित बुद्ध प्रतिमा नज़र आएगी।

Image Courtesy:Shahnoor Habib Munmun

जापानी मंदिर

जापानी मंदिर

मंदिर का चमकता हुआ जीवंत परिवेश खूब सारे बौद्ध देवताओं के चित्रों के साथ हर बार पर्यटकों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करता है। आप मंदिर में होने वाले प्रार्थना सभा में भी हिस्सा ले सकते हैं जो दिन में दो बार आयोजित होते हैं।

Image Courtesy:Dipanjon.halder

जापानी मंदिर

जापानी मंदिर

प्रार्थना के दौरान एक बौद्ध पंडित या गुरु वहां रखे ड्रम को बजाते हैं। एक पर्यटक के रूप में आपको इस जापानी मंदिर में बौद्ध पूजा की एक झलक मिल जाएगी।

Image Courtesy:Mpmanoj

शांति का पगोडा

शांति का पगोडा

जापानी मंदिर के दर्शन होते ही आप मंदिर के पास में ही स्थित शांति के पगोडे की ओर बढ़ेंगे। दार्जीलिंग में बसा यह शांति का पगोडा एक बौद्ध स्तूप है जहाँ भगवान बुद्ध की मूर्तियां रखी हुई हैं।

Image Courtesy:Shahnoor Habib Munmun

शांति का पगोडा

शांति का पगोडा

यह लौकिक शांति और एकता के विचार को भी बढ़ावा देता है। इस शांति के पगोडे में भगवान बुद्ध की 4 मूर्तियां स्थापित हैं, जो बुद्धा के अलग-अलग अवतारों का चित्रण करते हैं।

Image Courtesy:Shahnoor Habib Munmun

शांति का पगोडा

शांति का पगोडा

दार्जीलिंग के इस शांति के पगोडे का निर्माण फुजी गुरूजी के मार्गदर्शन में किया गया था और यह दार्जीलिंग की सबसे ऊँची रचनाओं में से एक है।

Image Courtesy:PP Yoonus

शांति का पगोडा

शांति का पगोडा

पगोडा के चारों ओर चक्कर लगा कर आप बुद्ध की जीवन कथाओं के बारे में जान पाएंगे जिनका चित्रण पगोडा में नक्काशियों द्वारा किया गया है। शांति पगोडा की यह सफ़ेद रचना समानता, विश्व शांति और अहिंसा को दर्शाती है।

Image Courtesy:Shahnoor Habib Munmun

शांति का पगोडा

शांति का पगोडा

तो अब आप अगली बार जब भी पश्चिम बंगाल के इस हिल स्टेशन, दार्जीलिंग की सैर पर जाएँ, इन खूबसूरत और अद्वितीय रचनाओं का दीदार करना बिल्कुल भी ना भूलें। निर्मल परिदृश्य के बीचोंबीच बसे इन बौद्धिक मंदिरों के दर्शन करना अपने में ही एक अलग और खास अनुभव होगा।

Image Courtesy:Shahnoor Habib Munmun

जापानी मंदिर पहुँचें कैसे?

जापानी मंदिर पहुँचें कैसे?

जापानी मंदिर और शांति का यह पगोडा दार्जीलिंग नगर में ही स्थित है। यहाँ यह जलपहाड़ नाम के पहाड़ी पर स्थित है।

Image Courtesy:Krishnabhaya

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