भगवान शिव को समर्पित काशी विश्वनाथ मंदिर उत्तरकाशी के मंदिरों में सबसे ज्यादा लोकप्रिय है। इस मंदिर में स्थापित शिवलिंग और भगवान शिव की मूर्ति 90 सेमी चौड़ी और 60 सेमी लंबी है। ये मंदिर भागीरथी नदी के तट पर स्थित है।

काशी विश्वनाथ मंदिर की स्थापत्यकला
इस मंदिर को प्राचीन भारतीय स्थापत्कला में डिज़ाइन किया गया है और ये भारत के अलग-अलग हिस्सों में बने मंदिरों से प्रेरित है। इस मंदिर में तीन भाग हैं जिनमें से एक भगवान काशी विश्वनाथ, स्वर्ण गुंबद और स्वर्ण चोटि पर ध्वज है।
मंदिर के परिसर में अन्य देवी-देवताओं की मूर्तिंया भी स्थापित हैं। इनमें भगवान विष्णु, सनिश्वरा, विरुपाक्ष गौरी, अविमुक्तेश्वरा, विरुपाक्षा, विनायक, धनदापानी आदि की मूर्ति स्थापित हैं। मंदिर के गर्भगृह में चांदी की वेदी ने शिवलिंग को पकड़े हुआ है।Pc:Atudu

काशी विश्वनाथ मंदिर की स्थापत्यकला
इस मंदिर को प्राचीन भारतीय स्थापत्कला में डिज़ाइन किया गया है और ये भारत के अलग-अलग हिस्सों में बने मंदिरों से प्रेरित है। इस मंदिर में तीन भाग हैं जिनमें से एक भगवान काशी विश्वनाथ, स्वर्ण गुंबद और स्वर्ण चोटि पर ध्वज है।
मंदिर के परिसर में अन्य देवी-देवताओं की मूर्तिंया भी स्थापित हैं। इनमें भगवान विष्णु, सनिश्वरा, विरुपाक्ष गौरी, अविमुक्तेश्वरा, विरुपाक्षा, विनायक, धनदापानी आदि की मूर्ति स्थापित हैं। मंदिर के गर्भगृह में चांदी की वेदी ने शिवलिंग को पकड़े हुआ है।Pc:Dibendu Nandi

काशी विश्वनाथ मंदिर के आसपास के अन्य स्थल
पर्यटकों के लिए उत्तरकाशी में बहुत कुछ देखने लायक है। यहां पर कई ट्रैकिंग और हाइकिंग स्पॉट हैं और यहां वन्यजीव अभ्यारण्य भी है। काशी विश्वनाथ मंदिर के आसपास आप इन जगहों पर घूम सकते हैं -
दोडिताल झील और नचिकेता झील
ट्रैकर्स के लिए दोडिताल झील किसी जन्नत से कम नहीं है। ये झील काफी खूबसूरत है। वहीं नचिकेता झील पिकनिक मनाने के लिए बढिया जगह है।Pc:Nikhilchandra81

दोडिताल दायरा पास ट्रैक
समुद्रतट से 3024 मीटर की ऊंचाई पर स्थित इस जगह से प्रकृति का बेहद खूबसूरत नज़ारा दिखाई देता है। यहां पर कई तरह के एडवेंचर भी किए जाते हैं।Pc:Shaswat Nimesh

दायरा बुग्याल ट्रैक
इस क्षेत्र में अल्पाइन घास के मैदान हैं और हिमालय के पर्वतों के बीच ये जगह बहुत सुंदर दिखाई देती है। इसका प्राकृतिक सौंदर्य पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर देता है।Pc:Shubhang99

नेहरू माउंटेनियरिंग इंस्टीट्यूट
पर्वतारोहियों के बीच यह संस्थान भारत के सभी प्रमुख संस्थानों में से एक है।

कैसे पहुंचे उत्तरकाशी
वायु मार्ग द्वारा : उत्तरकाशी से 180 किमी दूर स्थित देहरादून का जौली ग्रांट एयरपोर्ट निकटतम हवाई अड्डा है। एयरपोर्ट से उत्तरकाशी के लिए कैब या राज्य परिवहन की बस ले सकते हैं।
रेल मार्ग द्वारा : निकटतम रेलवे स्टेशन देहरादून में है जोकि 144 किमी दूर है। देहरादून रेलवे स्टेशन देश के प्रमुख शहरों जैसे दिल्ली, हरिद्वार आदि से जुड़ा हुआ है।
सड़क मार्ग द्वारा : उत्तरकाशी पहुंचने का सबसे सही रास्ता सड़क मार्ग द्वारा है। देश के प्रमुख शहरों और राज्यों से उत्तरकाशी के लिए निजी और सरकारी बसें और कैब चलती हैं।Pc:rakesh bishnoi

काशी विश्वनाथ मंदिर आने का सबसे सही मौसम
गर्मी के मौसम यानि अप्रैल से जून तक तापमान बहुत गर्म और उमस भरा रहता है। इस दौरान तापमान 32 से 46 डिग्री सेल्सियस होता है।
मॉनसून का मौसम यानि जुलाई से सितंबर के बीच उत्तराकाशी का मौसम बेहद सुहावना रहता है।
सर्दी का मौसम यानि नवंबर से मार्च के बीच उत्तरकाशी आने का सबसे सही समय है। इस दौरान यहां का तापमान 5 - 15 डिग्री सेल्सियस के बीच होता है।Pc:Paul Hamilton



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