देश का मैदानी इलाका अभी तक गर्मी से परेशान है, रात के समय AC चलाकर पसीना पोंछते हुए सोने जा रहा है। लेकिन जन्नत...धरती का स्वर्ग एक बार फिर से बर्फ की पतली परत के नीचे ढंकने लगा है। यकीन नहीं होता है तस्वीरों को ही देख लें। दिल्ली, मुंबई से लेकर कोलकाता तक में जब गर्मी पीछे हटने का नाम ही नहीं ले रही है तब मौसम की पहली बर्फबारी ने कश्मीर की वादियों को और भी खुशनुमा बना दिया है।
कश्मीर घाटी के ऊंचे इलाकों में जहां बर्फ के छोटे-छोटे कण आसमान से बरसते दिखें वहीं नीचले इलाकों में हल्की-हल्की बारिश ने ठंड को और भी बढ़ा दिया है।

सर्दियों के आने का है संकेत
कश्मीर की वादियों में ऊंचे पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी का होना और नीचे वाले हिस्सों में हल्की बारिश का होना इस बात का स्पष्ट संकेत है कि अब कुछ ही दिनों में सर्दियां पूरे दमखम के साथ दस्तक देने वाली हैं। मिली जानकारी के अनुसार कश्मीर घाटी के ऊंचे पहाड़ी इलाकों में हुई मौसम की पहली बर्फबारी ने कुछ इंच मोटी बर्फ की परत जमा कर दी।
गुलमर्ग और सोनमर्ग जैसे इलाके जहां बड़ी संख्या में पर्यटक बर्फबारी को ही अनुभव करने और कई तरह के स्नो एक्टिविटी में हिस्सा लेने आते हैं, वहां बर्फबारी होने की वजह से पर्यटकों में भी खासा उत्साह नजर आया।
बता दें, देश का उत्तरी हिस्सा सर्दियों के मौसम में आपके और हमारे घर में रखे रेफ्रिजरेटर के डीप फ्रिज से भी अधिक ठंडा हो जाता है। देश के उत्तरी हिस्सों में बर्फबारी होने की वजह से तापमान में जहां तेजी से गिरावट आती है वहीं इस वजह से देश के दूसरे हिस्सों के तापमान पर भी असर पड़ता है।

सर्दियों में कश्मीर बन जाता है पर्यटकों का स्वर्ग
सर्दियों के मौसम में कश्मीर की सुन्दरता को सिर्फ निहारने के लिए ही नहीं बल्कि बर्फबारी को करीब से महसूस करने, विंटर गेम्स में हिस्सा लेने के लिए बड़ी संख्या में पर्यटक देश और विदेशों से भी आते हैं। पर्यटकों की ज्यादा से ज्यादा संख्या होने का अर्थ होता है घाटी का आर्थिक विकास क्योंकि कश्मीर घाटी पर्यटन व्यवसाय पर बहुत ज्यादा निर्भर करता है।
कश्मीर में विंटर एक्टिविटी की शुरुआत नवंबर के मध्य से लेकर मार्च के अंत तक जारी रहता है। सुबह और शाम के वक्त जमकर ठंड पड़ती है और दिन के समय लोग इसी सर्दी को भरपूर एंजॉय करते हैं। सर्दियों के मौसम में ही कश्मीर में चेरी ब्लॉसम का भी सीजन आता है, जिसके साथ ही विश्व प्रसिद्ध ट्यूलिप गार्डन को भी सर्दियों के मौसम में पर्यटकों के लिए खोल दिया जाता है।

दिसंबर का महीना कश्मीर घाटी में रहने वाले स्थानीय लोगों के लिए थोड़ा चुनौतीपूर्ण जरूर बन जाता है क्योंकि इस समय तापमान -2 डिग्री सेल्सियस से लेकर 7 डिग्री सेल्सियस के आसपास होता है। हालांकि पर्यटक कड़ाके की इस सर्दी का भरपूर आनंद उठाते हैं।



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