अरब सागर में उठे चक्रवाती तूफान बिपरजॉय के कारण समुद्र में हलचल काफी बढ़ गयी है। हर गुजरते हुए समय से साथ चक्रवाती तूफान बिपरजॉय विकराल आकार लेता जा रहा है। इस तूफान के कारण मुंबई से लेकर केरल तक समुद्र हाईटाइड की चपेट में है।
इसके साथ ही बारिश होने का सिलसिला भी जारी है। चक्रवाती तूफान में सुरक्षा के मद्देनजर हमारी सलाह है कि अगले कुछ दिनों तक कुछ चुनिंदा समुद्रतटिय शहरों से पर्यटक अभी दूरी बनाकर रहे।
कब और कहां होगा लैंडफॉल
चक्रवाती तूफान बिपर्जय 15 जून को गुजरात और पाकिस्तान के बीच समुद्रतट को पार करने की संभावना है। जिस समय यह अतिशक्तिशाली चक्रवाती तूफान गुजरात के समुद्रतट को पार करेगी उस समय इसकी रफ्तार 135 किमी प्रति घंटा से लेकर 150 किमी प्रति घंटा होने की संभावना है। मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार इस चक्रवाती तूफान के गुजरात के सौराष्ट्र और कच्छ से सटे मांडवी और पाकिस्तान के कराची के बीच से होकर गुजरने की संभावना है।
इन समुद्रतटों से बनाकर रखें अभी दूरी

चक्रवाती तूफान बिपरजॉय के कारण मुंबई के समुद्र हाईटाइड की चपेट में आ चुका है। मुंबई के मरीन ड्राईव, गेटवे ऑफ इंडिया के पास हाईटाइड के दृश्य नजर आ रहे हैं। इसलिए मुंबई दर्शन के लिए जाने वाले पर्यटक अगले 3-4 दिनों तक यानी 16 जून तक समुद्रतट पर जाने से बचे। महाराष्ट्र के रत्नागिरी, पालघर और ठाणे में तेज हवाओं के साथ बारिश होने की आशंका जाहिर की गयी है।
गुजरात में सौराष्ट्र और कच्छ के समुद्रतटों पर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार गुजरात के वलसाड और नवसारी जिलों के समुद्रतटीय क्षेत्रों पर चक्रवाती तूफान बिपरजॉय का सबसे अधिक प्रभाव पड़ने की संभावना है। वलसाड जिला प्रशासन की तरफ से पर्यटकों में काफी लोकप्रिय तीथल बीच को भी अगले कुछ दिनों तक बंद कर दिया गया है। इन समुद्रतटों पर भी हाईटाइड आने की संभावना है।
चक्रवाती तूफान के प्रभाव से इन राज्यों में भारी बारिश
मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार चक्रवाती तूफान बिपरजॉय के प्रभाव से केरल, कर्नाटक, गोवा, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, अंडमान निकोबार द्वीप समूह, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, गुजरात में भारी बारिश होने की संभावना है।
चक्रवात की तीव्रता बढ़ने के साथ ही इन इलाकों में बारिश में भी तेजी आने की आशंका है। तेज हवाओं और बारिश का असर मुंबई की विमान सेवाओं पर भी देखने को मिला है। 12 जून की सुबह 8.30 बजे यह चक्रवाती तूफान देवभूमि द्वारका से 360 किमी दक्षिण-दक्षिण पश्चिम में था। 15 जून की दोपहर को इस चक्रवाती तूफान के जखाऊ बंदरगाह से निकट से होकर पार करने की संभावना है।



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