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किले की बावड़ी में मौजूद है 26 गुफाएं, बाबर ने दिया तहस-मह्स करने का आदेश

मध्यप्रदेश भारत के प्राचीन नगरों में से ही नहीं बल्कि ऐतिहासिक और सांस्कृतिक शहर के रूप में कई सालों से जगमगाता रहा है,तथा अपना योगदान देता रहा है। ग्वालियर वह स्थान है जहाँ इतिहास आधुनिकता से मिलता है।

Non living temple

PC:Sanu N

यह अपने ऐतिहासिक स्मारकों, किलों और संग्रहालयों के द्वारा आपको अपने इतिहास में ले जाता है तथा साथ ही साथ यह एक प्रगतिशील औद्योगिक शहर भी है। आधुनिक भारत के इतिहास में ग्वालियर को अद्वितीय स्थान प्राप्त है।

ग्वालियर, मध्य प्रदेश का एक ऐतिहासिक शहर

यूं तो ग्वालियर में घूमने के लिए अनेक आकर्षण हैं। ग्वालियर फ़ोर्ट(किला), फूल बाग़, सूरज कुंड, हाथी पूल, मान मंदिर महल, जय विलास महल आदि किसी भी पर्यटक को सम्मोहित करते हैं।

Non living temple

इसी क्रम में आज हम आपको बताने जा रहे हैं,एक ऐसे किले के बारे में जिसकी तलहटी में 26 गुफाएं हैं। जिनमें प्राचीन जैन प्रतिमाएं बनी हैं। इसकी तलहटी में हमेशा साफ पानी बहता रहता है। ये बावड़ी एक ही पत्थर की बनी है। जिसे देखने हर रोज पर्यटक यहां पहुंचते हैं।

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बताया जाता है कि,किले की तलहटी क्षेत्र में बनी गुफाओं में जैन तीर्थंकर प्रतिमाओं का निर्माण तोमर शासक राजा डूंगर सिंह 1425-59 ईं. के समय कराया था । इसके अभिलेख भारतीय पुरातत्व एवं सर्वेक्षण के पास मौजूद हैं।

Non living temple

भारतीय पुरातत्व एवं सर्वेक्षण ने सुरक्षा की दृष्टि से बावड़ी पर चैनल लगाकर ताला डाल दिया है। आज भी इस बावड़ी से हर वक्त साफ पानी बहता रहता है। इसके अंदर साफ पानी की झीरें हैं, जिनसे यहां पानी भरता रहता है। यह बावड़ी गुफा नम्बर एक में है।

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भारतीय पुरातत्व एवं सर्वेक्षण के मुताबिक, एक पत्थर की बावड़ी स्थल पर 26 गुफाएं बनी हुई हैं। उनमें जैन तीर्थंकर की बड़ी और छोटी प्रतिमाएं हैं। यहां पर उन्हें खड़े और बैठे हुआ दर्शाया गया है। प्रतिमाओं के पाद-पीठ पर शिलालेख खड़े हुए हैं। यहां 26 गुफाओं के दूसरे छोर पर हनुमान मंदिर भी मौजूद है।मुगल शासनकाल के दौरान बाबर ने इन प्रतिमाओं को खंडित किया था।

यह बावड़ी अब यह स्मारक राष्ट्रीय संरक्षित धरोहर है..इस बावड़ी को पुरातत्व विभाग ने वर्ष 1904 में राष्ट्रीय संरक्षित स्मारक घोषित किया था। इस बावड़ी को एएसआई की भाषा में नॉन लिविंग टेंपल के नाम से जाना जाता है।जिसे देखने पर्यटक भी काफी तादाद में पहुंचते हैं।

Non living temple

कैसे पहुंचे मध्य प्रदेश
सड़क द्वारा
ग्वालियर के लिए नियमित बस सेवा उपलब्ध है। लक्ज़री बसें और टैक्सी या राज्य संचालित बसें भी हमेशा उपलब्ध रहती हैं। दिल्ली, आगरा, इंदौर और जयपुर से भी बसें उपलब्ध हैं। यहाँ अच्छी टैक्सी सुविधा उपलब्ध है जो ग्वालियर और भारत के प्रमुख शहरों के बीच चलती हैं।

हवाईजहाज द्वारा
ग्वालियर के लिए देश प्रमुख शहरों से सीधी उड़ानें उपलब्ध हैं। ग्वालियर में हवाई अड्डा है। यह शहर के केंद्र से केवल 8 किमी. की दूरी पर स्थित है।

ट्रेन द्वारा
ग्वालियर रेलवे स्टेशन शहर के मध्य में स्थित है। यह दिल्ली - चेन्नई और दिल्ली - मुंबई रेल लाइन का मुख्य रेलवे स्टेशन है। ग्वालियर सभी प्रमुख शहरों जैसे मुंबई, चेन्नई, कोलकाता, दिल्ली आदि से रेल सेवा द्वारा जुड़ा हुआ है।

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