कोयंबटूर में आदि योगी के दर्शन करने जाने का मन है लेकिन समय की कमी के कारण नहीं जा पा रहे हैं। कोई बात नहीं...बस कुछ दिनों का और इंतजार कर लें। उसके बाद कोलकाता में ही आदि योगी के दर्शन कर सकेंगे। आदि योगी, जिन्हें दुनिया का प्रथम योगी या गुरु कहा जाता है। कोयंबटूर में ईशा फाउंडेशन ने भगवान शिव के आदि योगी स्वरूप की प्रतिमा तैयार की है, जिसका वजन करीब 500 टन है।

लेकिन कोलकाता में आदि योगी की जिस प्रतिमा के दर्शन भक्त कर सकेंगे, उसकी ऊंचाई लगभग 70 फीट होने वाली है।
कहां होंगे आदि योगी के दर्शन
अगर आप यह सोच रहे हैं कि कोलकाता में ईशा फाउंडेशन द्वारा आदि योगी की मूर्ति स्थापित की जाने वाली है, तो आप गलत हैं। कोलकाता में आदि योगी की मूर्ति दुर्गा पूजा के एक पंडाल में दिखाई देने वाली है। जी हां, कोलकाता के सॉल्टलेक में स्थित BJ ब्लॉक पार्क में इस बार दुर्गा पूजा पंडाल को आदि योगी की थीम पर ही तैयार किया जा रहा है।

कोयंबटूर में आदि योगी की आवक्ष मूर्ति दुनिया की सबसे बड़ी मूर्ति है। इसकी ऊंचाई लगभग 112 फीट है लेकिन कोलकाता में इसकी लगभग आधी 70 फीट ऊंची आदि योगी की प्रतिमा का निर्माण किया जा रहा है। बता दें, इस साल सॉल्टलेक के BJ ब्लॉक पार्क की दुर्गा पूजा अपने 40वें वर्ष में प्रवेश करने वाली है।
कैसा दिखेगी मूर्ति
कोलकाता में आदि योगी की मूर्ति के तर्ज पंडाल की सजावट ना करके पूजा पंडाल के सामने मैदान में 70 फीट ऊंची आदि योगी की फाईबर ग्लास से निर्मित मूर्ति को स्थापित किया जाएगा। सॉल्टलेक के BJ ब्लॉक पार्क में आने वाले हर दर्शक को मां दुर्गा के साथ-साथ भगवान शिव के आदि योगी स्वरूप के भी दर्शन होंगे।

बता दें, कोयंबटूर में ईशा फाउंडेशन द्वारा स्थापित आदि योगी की मूर्ति को तैयार करने में स्टील का इस्तेमाल किया गया है। यहां शाम के समय होने वाली लाइट एंड साउंड प्रोग्राम काफी ज्यादा लोकप्रिय है। आदि योगी के दर्शन करने आने वाले लोग इस कार्यक्रम में शामिल होना नहीं भूलते हैं।
क्या होगी मूर्ति की खासियत
कोलकाता के दुर्गा पूजा पंडाल में तैयार की जा रही आदि योगी की मूर्ति को फाइबर ग्लास से बनाया जा रहा है। 70 फीट ऊंची इस प्रतिमा को पश्चिम मिदनापुर जिले के तमलुक में रहने वाले कलाकार तैयार कर रहे हैं। इस मूर्ति को 272 अलग-अलग हिस्सों में तैयार किया जा रहा है, जिसे पूजा पंडाल के सामने मैदान में जोड़कर आदि योगी की संपूर्ण प्रतिमा का निर्माण किया जाएगा।

इस प्रतिमा के साथ-साथ भगवान शिव के तांडव स्तोत्र आदि को बहुत ही बारीकी से तैयार किया जा रहा है ताकि देखने पर यह लोगों को असली प्रतिमा जैसी ही लगे।
अगर कोलकाता में आदि योगी के दर्शन करने हैं तो बस कुछ दिनों का और इंतजार करें। दुर्गा पूजा में 1 महीने से भी कम का समय शेष रह गया है। जल्द ही कोलकाता में होंगे आदि योगी के दर्शन।



Click it and Unblock the Notifications














