हरियाणा भारत का एक तेजी से विकसित होता हुआ राज्य है जो पूर्व में उत्तर प्रदेश, पश्चिम में पंजाब, दक्षिण में राजस्थान और उत्तर में हिमाचल प्रदेश से घिरा हुआ है। यह राज्य दिल्ली के पास में ही और दिल्ली की पश्चिमी, उत्तरी और दक्षिणी सीमा हरियाणा से लगती है। आपको बता दें कि इस राज्य को 1 नवंबर 1966 को पंजाब से अलग करके बनाया गया था। गौरतलब है कि दिल्ली से सटा हरियाणा पर्यटन की दृष्टि से काफी समृद्ध है। यहां देखने के लिए कई मनमोहक नजारे और स्थान हैं। कुरुक्षेत्र यहीं स्थित है, जहां महाभारत का युद्ध हुआ था।
इसके अलावा फरीदाबाद का बड़खल झील भी हरियाणा पर्यटन में खास स्थान रखता है। भिवानी के पास स्थित तारे के आकार में बनी समाधि भी काफी चर्चा जगाती है और यहां पूरे विश्व से पर्यटक आते हैं। पर्यटन के लिए हरियाणा में मंदिर और किले से लेकर झील और पार्क तक सब कुछ है।
तो इसी क्रम में आज हम आपको अपने इस आर्टिकल के माध्यम से अवगत कराने जा रहे हैं हरियाणा स्थित कुछ चुनिंदा झीलों से। हमारा सुझाव है कि जब तभी भी आप हरियाण या उसके आस पास हों तो इन झीलों की यात्रा अवश्य करें।
ब्रह्मा सरोवर
ब्रह्मा सरोवर टैंक, थानेसर में स्थित एक पवित्र जलाशय है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, कुरूक्षेत्र को भगवान ब्रह्मा द्वारा विशाल यज्ञ से निर्मित किया गया था। यहां भगवान शिव का एक मंदिर भी है जहां एक पुल के माध्यम से पहुंचा जा सकता है। यह टैंक, नबंवर में गीता जयंती के दौरान सुंदर दिखता है और दिसम्बर के शुरू में यहां दीपदान का आयोजन किया जाता है जिसमें पानी में जलती हुए दीपों को बहाया जाता है।

कहा जाता है कि इस कुंड में डुबकी लगाने से उतना ही पुण्य प्राप्त होता है जितना पुण्य अश्वमेघ यज्ञ को करने के बाद मिलता है। यह कुंड, 1800 फीट लम्बा और 1400 फीट चौडा है। इस कुंड में स्नान करने के लिए सूर्य ग्रहण और गीता जंयती के दौरान काफी भीड होती है। नवंबर में गीता जंयती के दौरान और दिसम्बर में दीपदान के समय, यहां प्रवासी पक्षी भारी संख्या में आते है।
सननिहित सरोवर
सननिहित सरोवर को सात पावन सरस्वती का संगम माना जाता है। सननिहित शब्द का अर्थ होता है - इक्ट्ठा होना। इसका वास्तविक अर्थ यह है कि सननिहित में सात नदियों के पानी का शामिल है, विशेषकर अमावस्या और सूर्य ग्रहण के दौरान यहां स्नान किया जाता है। कहा जाता है कि इस सरोवर में अमावस्या और ग्रहण के दौरान नहाने से उतना ही पुण्य मिलता है जितना पुण्य अश्वमेध यज्ञ को करने के बाद मिलता है।
ऐसा माना जाता है कि इस सरावेर में नहाने, प्रार्थना करने और दान करने से प्यारे दिवंगतों की आत्मा को शांति मिलती है। हिंदूओं की बडी भीड़ अपने चाहने वालों की आत्मा की शांति के लिए यहां पिंड - दान करने आते है। माना जाता है कि यहां सरोवर में निवास करने वाले भगवान विष्णु, आर्शीवाद देते है।
यहां कई मंदिर भी स्थित है जो हिंदू धर्म के कई देवी - देवताओं को समर्पित है जैसे - श्री हनुमान, भगवान विष्णु, ध्रुव भगत, देवी दुर्गा, लक्ष्मी नारायण और अन्य भगवान। इन सभी के मंदिर, पर्यटकों के लिए आकर्षण और श्रद्धालुओं के श्रद्धा का हिस्सा है।
सूरजकुण्ड
सूरजकुण्ड फरीदाबाद का सबसे लोकप्रिय पर्यटक स्थान है। इस झील का प्रतीकात्मक महत्व है और उगते सूरज का प्रतीक माना जाता है। यह एक प्रसिद्ध पिकनिक स्पॉट है और चट्टानों से काटी गई सीढियों से घिरा है। यह दक्षिण दिल्ली से 8 किमी की दूरी पर है। यहाँ पर एक सिद्ध कुण्ड है जिसके पानी में रोगों से मुक्त करने की शक्ति मानी जाती है। सूरजकुण्ड परिसर में सुन्दर राजहंस और बगीचा भी है। हर साल यहाँ प्रसिद्ध सूरजकुण्ड अन्तर्राष्ट्रीय महोत्सव का आयोजन 1 से 15 फरवरी के बीच आयोजित किया जाता है। पर्यटक यहाँ कलाकारों और शिल्पकारों द्वारा मेले में प्रदर्शित विभिन्न कलाकृतियों में ग्रामीण भारत के रंगो का अहसास कर सकते हैं। महोत्सव को दौरान लोकनृत्य, संगीत, हवाई करतब और जादू के शो का आयोजन किया जाता है। दुनिया भर से पर्यटक बड़ी संख्या में इस मेले में आते हैं। भारतीय पकवान मेले के महत्वपूर्ण अंग हैं।

तिलयार झील
तिलयार झील दिल्ली-हरियाणा सीमा से करीब 42 किमी दूर है। रोहतक शहर के पास स्थित यह झील 132 एकड़ भूभाग में फैला हुआ है। झील के आसपास का क्षेत्र इस इलाके का सबसे बड़ा हरा भरा क्षेत्र है। यही वजह है कि यहां दिल्ली और आसपास के इलाके से बड़ी संख्या में लोग शांति के कुछ पल बिताने के लिए आते हैं। झील में क्याकिंग, एंगलिंग और बोटिंग की भी सुविधा है, जिससे वाटर स्पोर्ट्स को पसंद करने वाले लोगों के बीच भी यह स्थान काफी चर्चित है। यह झील एक शानदार पिकनिक स्थल भी है। यहां एक छोटा जू है, जिसमें बाघ, चीता, हिरन, बंदर और पक्षी देखे जा सकते हैं। साथ ही जहां बच्चों के लिए मिनि ट्रेन है, वहीं वयस्कों के लिए कोलंबस स्विंग भी है। इसके अलावा ग्रीन पार्क में खेलने-कूदने का आनंद उठाया जा सकता है।

बड़खल झील
हरियाणा के फरीदाबाद में स्थित बड़खल झील एक प्राकृतिक झील है। ज्ञात हो कि इस स्थान का शुमार हरियाणा के सबसे सुंदर स्थानों में है। झील के चारों तरफ अरावली की पहाड़ियां इसकी सुंदरता में चार चांद लगाते हैं। इस झील की ख़ास बात ये है कि ये साल भर सूखी रहती और इसमें केवल बरसात के दौरान ही पानी देखने को मिलता है। आपको बता दें कि इस झील की यात्रा का सबसे अच्छा समय मॉनसून के बीच का है इस दौरान यहां सुंदरता देखने वाली होती है। हमारा सुझाव है कि यदि आप इस झील की यात्रा के लिए जा रहे हों तो बरसात के मौसम में हो जाएं।




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