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लाखमंडल मंदिर में ग्रेफाइट शिव जी के दर्शन!

उत्तराखंड का लाखमंडल मंदिर ग्रेफाइट शिवलिंग के लिए जाना जाता है।

उत्तरखंड में, मंदिरों की नगरी में हिमालय की तलहटी की पृष्ठभूमि के बीच स्थित है भगवान शिव का अद्भुत मंदिर, लाखमंडल मंदिर। यह मंदिर इस क्षेत्र के अन्य मंदिरों के समान ही निर्मित है। लाखमंडल गाँव के शीर्ष पर विराजित पत्थर की वास्तुकला है। यह उत्तराखंड के प्रसिद्द शिव मंदिरों में से एक है।

Lakhamandal Temple

लाखमंडल मंदिर
Image Courtesy: Bpmnnit

लाखमंडल मंदिर की कथाएं

लाखमंडल मंदिर की कथाएं महाकाव्य महाभारत से सम्बंधित हैं। ऐसा कहा जाता है कि पांडव इस क्षेत्र के ही लाक्ष्यागृह(मोम का घर) में वास करते थे। तभी दुर्योधन ने इस मोम के घर को जला दिया था। कथानुसार यह घर लाखमंडल में ही स्थित था।

अन्य कथा गुप्त गुफ़ा से सम्बंधित है जो लाखमंडल मंदिर के पास ही स्थित है। इस गुफ़ा के बारे में कहा जाता है कि पांडवों ने इसी गुफ़ा के अंदर शरण ली थी जब दुर्योधन उन्हें ढूंढ रहा था। इसे धुंडी ओडारी के नाम से जाना जाता है।

Lakhamandal Temple

लाखमंडल मंदिर
Image Courtesy: Bpmnnit

लाखमंडल मंदिर की रचना

लाखमंडल मंदिर, एक आकर्षक वास्तुकला और गँवई व पुराने ज़माने के वातावरण का मिश्रण है। यहाँ के प्रमुख देवता, भगवान शिव जी और द्वारपाल इस मंदिर के दो प्रमुख आकर्षण हैं।

'लाख' मतलब बहुत सारे और 'मंडल' मतलब मंदिर, ऐसी जगह जो बहुत सारे मंदिरों का एक विशेष लिंग के साथ वास स्थल है। यहाँ का शिवलिंग ग्रेफाइट का बना हुआ है और जब यह गीला होता है तो यह चमकता है।

Lakhamandal Temple

लाखमंडल मंदिर
Image Courtesy: Bpmnnit

यहाँ के द्वारपालों का मनन

मंदिर के द्वारपाल यहाँ के महत्वपूर्ण भाग हैं। कुछ लोगों का मानना है कि ये मूर्तियां पांडव भाई 'अर्जुन' और 'भीम' की हैं तो कुछ अन्य लोगों का कहना है कि ये 'मानव' और 'दानव' की मूर्तियां हैं। ऐसा भी कहा जाता है कि ये मूर्तियां 'जय' और 'विजय'(भगवान विष्णु के वासस्थल के द्वारपाल) की हैं। जैसा कि यह जगह महाभारत से सम्बंधित है, ऐसा हो सकता है कि ये दो मूर्तियां पांडव भाइयों की हों।

Lakhamandal Temple

लाखमंडल मंदिर
Image Courtesy: Bpmnnit

लाखमंडल मंदिर का इतिहास

मंदिर के शिलालेख गुप्ता वंश की ओर इशारा करते हैं कहा जाता है कि मंदिर का निर्माण 8 वीं से 15 वीं शताब्दी के बीच हुआ था।

लाखमंडल मंदिर के नज़दीक ही स्थित अन्य पर्यटक केंद्र

धुंडी ओडारी गुफ़ा, केम्पटी फॉल्स, चकराता, देहरादून जो यहाँ से 118 किलोमीटर दूर स्थित है, मसूरी जो यहाँ से 75 किलोमीटर दूर स्थित है, यहाँ के अन्य प्रमुख पर्यटक स्थलों में से एक हैं।

Lakhamandal Temple

धुंडी ओडारी गुफ़ा
Image Courtesy: Bpmnnit

लाखमंडल मंदिर पहुंचें कैसे?

लाखमंडल मंदिर मसूरी-यमुनोत्री सड़क मार्ग पर स्थित है। आप चकराता से कोई भी निजी टैक्सी या बस द्वारा यहाँ पहुँच सकते हैं। यहाँ का सबसे नज़दीकी रेलवे स्टेशन है देहरादून का रेलवे स्टेशन।

देहरादून कैसे पहुँचें?

अपने महत्वपूर्ण सुझाव व अनुभव नीचे व्यक्त करें।

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