प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्र शासित प्रदेश लक्षद्वीप की अपनी यात्रा की कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए यहां पर्यटन को बढ़ावा देने के बारे में लिखा। वहीं दूसरी तरफ मालदीव के कुछ मंत्रियों ने पीएम मोदी पर तंज कसते हुए आपत्तिजनक टिप्पणी कर दी। बस फिर क्या था...

एक ओर सोशल मीडिया पर मालदीव Vs लक्षद्वीप की लड़ाई छिड़ गयी तो दूसरी तरफ इंटरनेट पर लक्षद्वीप के लिए टूर पैकेज ढूंढने वालों की बाढ़ आयी हुई है। अगर आप भी इस बहती गंगा में हाथ धोना चाहते हैं और लक्षद्वीप में घूमने जाने की प्लानिंग करने का सोच रहे हैं तो तेज रफ्तार से दौड़ती अपनी सोच पर जरा ब्रेक लगाइए। क्या आप जानते हैं भारतीय होने के बावजूद लक्षद्वीप में आप बिना स्पेशल परमिट के प्रवेश नहीं कर सकते हैं।
हम यहां डिटेल्स में आपको बताने वाले हैं कि लक्षद्वीप में प्रवेश करने के लिए स्पेशल परमिट की जरूरत क्यों होती है और इसे कैसे हासिल किया जा सकता है।
बता दें, लक्षद्वीप 35 प्रवाल द्वीपों का एक समूह है। समुद्र के किनारे बसे इन सभी 35 द्वीपों में से सिर्फ 1 द्वीप ही ऐसा है, जहां लोग रहते हैं। लक्षद्वीप में समुद्र का पानी बेहद साफ होता है। यहां पानी इतना स्वच्छ होता है कि पानी के नीचे प्रवाल और वहां तैरते समुद्री जीवों को आसानी से देखा जा सकता है।
क्यों जरूरी है परमिट?
लक्षद्वीप प्रशासन के आधिकारिक वेबसाइट से मिली जानकारी के अनुसार लक्कादीव, मिनीकॉय और अमीनदीवी द्वीपों के एंट्री और रेसिडेंशियल नियम 1967, के अनुसार इन द्वीपों पर प्रवेश और रुकने के लिए विशेष परमिट की जरूरी होती है। ऐसा नियम इसलिए तैयार किया गया है ताकि यहां रहने वाली अनुसूचित जनजातियों की रक्षा हो सकें। मिली जानकारी के अनुसार लक्षद्वीप की कुल आबादी का लगभग 95% इन्हीं जनजातियों की है।

कौन जा सकते हैं लक्षद्वीप?
विशेष परमिट लेने के बाद सभी भारतीय पर्यटकों को लक्षद्वीप घुमने जाने और वहां ठहरने की अनुमति मिल जाती है। वहीं जिन विदेशी पर्यटकों के पास पासपोर्ट और टूरिस्ट वीजा है, उन्हें लक्षद्वीप के द्वीपों पर घुमने की अनुमति दी जाती है। हालांकि सरकारी अधिकारी या सेना के जवानों और उनके परिवार के सदस्यों को लक्षद्वीप में काम करने या घूमने के लिए किसी स्पेशल परमिट की जरूरत नहीं होती है।
सिर्फ इस शहर से कर सकते हैं एंट्री
सिर्फ एक शहर है, जिसका संपर्क लक्षद्वीप से है और इसी शहर से होकर ही आप लक्षद्वीप में प्रवेश कर सकते हैं। लक्षद्वीप जाने के लिए कोच्चि के अलावा देश के किसी भी और शहर से सीधी फ्लाइट नहीं है। जो लोग लक्षद्वीप घुमने जाते हैं, वो पहले केरल के कोच्चि में आते हैं। फिर यहां से लगभग डेढ़ घंटे की दूसरी फ्लाइट लेकर लक्षद्वीप जाते हैं। लक्षद्वीप में सिर्फ एक ही एयरपोर्ट होने की वजह से यहां ज्यादा फ्लाइट नहीं उतर सकती हैं। लक्षद्वीप एयरपोर्ट का रनवे समुद्र के ठीक बीचोंबीच से होकर तैयार किया गया है।

कैसे प्राप्त करेंगे परमिट
लक्षद्वीप जाने का स्पेशल परमिट प्राप्त करने के लिए आप ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए आपको लक्षद्वीप प्रशासन के आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा। वहां लॉग इन आईडी तैयार कर आवेदन फॉर्म को भरकर प्रशासन के पास जमा करना होगा। इस फॉर्म के साथ 50 रूपए का शुल्क भी जमा करना पड़ता है। इसके साथ ही पासपोर्ट साइज फोटो और अपना फोटो आईडी कार्ड की कॉपी भी जमा करनी पड़ती है। एंट्री परमिट के ऑनलाइन आवेदन के लिए लक्षद्वीप के ईपरमिट आधिकारिक वेबसाइट https://epermit.utl.gov.in पर जाएं।



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