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ऐतिहासिक पन्नो में खो चुका उत्तर प्रदेश का चुनारगढ़

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भारत दुनिया के उन खास देशों में शुमार है, जिसका इतिहास बेहद समर्द्ध रहा है। इस खूबसूरत देश में कई सालों तक कई महान राजवंशों के कई शक्तिशाली शासकों द्वारा शासन किया गया है। इसमें कोई शक नहीं कि, भारत के इतिहास को अगर ध्यान से देखा जाये तो आपके लिए कई कहानियां गढ़ते हैं, जिनसे आप अपने देश भारत की महानता और गौरव को समझते हैं।

इन्ही में से एक हैं चुनार, जिसका इतिहास बेहद समर्द्ध रहा है। भारत के सबसे बड़े प्रदेश उत्तर प्रदेश में स्थित चुनार इतिहास के पन्नों में खो चुका ऐतिहासिक स्थल है। अगर अप इतिहास प्रेमी हैं, तो आपको एकबार इस ऐतिहासिक जगह की यात्रा अवश्य करनी चाहिए।

 कब जायें चुनार

कब जायें चुनार

Pc:amiteshikha
उत्तर प्रदेश में स्थित चुनार गर्मी में बहुत गर्म रहता है, इसलिए बेहतर होगा आप इस जगह की यात्रा मानसून या फिर सर्दियों के बीच ही करें। हालांकि, एक ऐतिहासिक शहर होने के नाते, यह इतिहास प्रेमियों के लिए साल भर का गंतव्य है।

चुनार का इतिहास

चुनार का इतिहास

चुनार के गठन के बाद से ही यह गढ़ भारत का अहम हिस्सा रहा है। उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी वाराणसी के निकट स्थित चुनार का अस्तित्व बेहद पुराना माना जाता है, यहां आप घुमते हुए कई प्राचीन स्थानों को देख सकते हैं। चुनार गढ़ के लिए प्रसिद्ध चुनार कई इतिहास प्रेमी पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता है।

चुनारगढ़ किले का निर्माण उज्जैन के राजा महाराजा विक्रमादित्य ने अपने भाई राजा भर्थारीके सम्मान में कराया था, माना जाता है कि इसी किले में उन्होंने महासामधि ले ली थी । किले के निर्माण के बाद से इस किले पर, कई महान शासकों के अधीन रहा है, जैसे मुगल वंश के हुमायूं और बाबर, सुर साम्राज्य के शेर शाह सूरी और कई अन्य।

चुनार अपने इतिहास के अलावा अपने मिट्टी के बर्तनों के काम के लिए भी जाना जाता है। यहां मिट्टी के खिलौने पर अद्भुत कलाकारी को भी देखा जा सकता हैं। तो आप इस जगह को घूमते हुए यहां की कला और अपने घर में सजाने के लिए भी खरीद सकते हैं।

चुनार में देखने योग्य जगहें

चुनार में देखने योग्य जगहें

Pc: Joy1963
चुनार अपने चुनार गढ़ के लिए पर्यटकों और स्थानीय लोगों के बीच खासा लोकप्रिय है, लेकिन चुनारगढ़ किले के अलावा भी आप यहां कई लोकप्रिय जगहों को देख सकते हैं। यदि आप चुनार भ्रमण पर हैं, तो आपको यअहं स्थित हनुमान मंदिर और शीतला माता मंदिर के दर्शन अवश्य करने चाहिए।

मन्दिरों के अलावा यहां के मुख्य बाजार भी अन्य आकर्षण हैं जो समृद्ध मिट्टी के बर्तनों और मिट्टी की सामग्रियों की सुंदरता के लिए विखाय्त हैं। शहर के बाहरी इलाके में स्थित ब्रिटिश कब्रिस्तान एक और स्थान है जो कई इतिहास प्रेमियों को अपनी ओर आकर्षित करता है।

क्यों जरूरी है चुनार की यात्रा

क्यों जरूरी है चुनार की यात्रा

Pc:Prithwiraj Dhang

अगर आप एक इतिहास प्रेमी है, तो आपको इस खूबसूरत जगह की यात्रा अवश्य करनी चाहिए, इस खूबसूरत जगह को घूमते हुए आप यहां की ऐतिहासिक इमारत और उनसे जुड़ी कहानियों को जान और मध्ययुगीन काल और भारत के प्राचीन युग के बारे में बहुत कुछ सीख सकते हैं।

21वीं सदी में होने के बावजूद आज भी चुनार आधुनिक तकनीक से प्रभावित नहीं है, जिससे यहां आज भी इमारते खड़ी हुई हैं । मिट्टी के बर्तनों की कला को देखने और मिट्टी के खिलौने इकट्ठा करने के लिए यह एक महान जगह है।

कैसे पहुंचे चुनार

कैसे पहुंचे चुनार

वायु द्वारा: चुनार का निकटतम हवाई अड्डा वाराणसी में लगभग 50 किमी की दूरी पर स्थित है। पर्यटक वाराणसी हवाई अड्डे तक पहुँचने के बाद आसानी से टैक्सी या बस के जरिये चुनार पहुंच सकते हैं।

रेल द्वारा: चुनार का अपना रेलवे स्टेशन है और इसलिए, आप आसपास के शहरों और कस्बों से चुनार को सीधी ट्रेन पकड़ सकते हैं।

सड़क से: चुनार सड़क से सभी प्रमुख शहरों और कस्बों से अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है और इसलिए, यहां सड़क से आसानी से पहुंचा जा सकता है।

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