इन दिनों ग्लास ब्रिज के फोटो और वीडियो जमकर वायरल हो रहे हैं, जिसमें कांच के ब्रिज पर चलते हुए दिखाई देते हैं और फिर वह जहां पैर रखते हैं, वहां का ग्लास चटकने लगता है। ऐसे में कुछ तो डरकर वही बैठ जाते हैं और कुछ बिना डरे इसे पार कर लेते हैं। यह सब देखने के बाद आप सभी का मन करता है होगा कि काश.. आप भी ऐसे ब्रिज को देख पाते और इस पर चलने के रोमांच का लुत्फ उठा पाते।
आपको सभी को जानकर खुशी होगी कि ऐसे ग्लास ब्रिज हमारे देश में भी है। और तो और ये किसी एक जगह पर ही नहीं बल्कि देश के कई जगहों पर है, जिन्हें देखने और उस पर चलने के रोमांच का अनुभव आप देश में ही कर सकते हैं। तो आइए जानते हैं इन 'ग्लास ब्रिज' या 'शीशे के पुलों' के बारे में...

साल 2023 के अंत बनकर तैयार हो जाएंगे ये ग्लास ब्रिज
1. ऋषिकेश ग्लास ब्रिज
ऋषिकेश ग्लास ब्रिज का निर्माण उत्तराखंड के ऋषिकेश में लक्ष्मण झूला के पास में किया जा रहा है। यह देश का संस्पेंशन ब्रिज होगा, जिस पर लाइट व्हीकल (जैसे - कार या बाइक) ले जाने की अनुमति रहेगी। दरअसल, लक्ष्मण झूला लगभग 100 साल के आसपास का हो चुका है, जिसे साल 2019 में सुरक्षा को देखते हुए बंद कर दिया गया था।
यह ग्लास ब्रिज एक अनूठा ग्लास ब्रिज होने वाला है। इसकी लम्बाई लगभग 132.2 मीटर और चौड़ाई 8 मीटर होगी। इसमें इस्तेमाल किए जाने वाले ग्लास की लम्बाई 1.5 मीटर और चौड़ाई 2.5 मीटर होगी। वहीं, इसकी मोटाई 3.5 इंच होगी। बनने के बाद यह करीब आने वाले 150 साल तक रहेगी। इसे 2023 के अंत तक शुरू कर दिया जाएगा।
2. केदारनाथ ग्लास ब्रिज
केदारनाथ ग्लास ब्रिज, एक प्रस्तावित परियोजना है, जिसका निर्माण रुद्रप्रयाग जिले में मंदाकिनी नदी के ऊपर बनाया जाएगा, जो रामबाड़ा और केदारनाथ श्राइन को जोड़ने का काम करेगा। इसकी लम्बाई तकरीबन 80-100 मीटर तक होगी। वहीं, नदी से इसकी ऊंचाई 60-65 मीटर होगी।
इस ग्लास ब्रिज के बन जाने से पर्यटन के क्षेत्र में काफी लाभ मिलेगा और यहां रहने वाले स्थानीय लोगों के लिए यह काफी फायदेमंद साबित होगी। अनुमान है कि इसके निर्माण में करीब 8 करोड़ की लागत आएगी। उम्मीद है कि यह ब्रिज 2023 के अंत तक बनकर तैयार हो जाएगा।

पर्यटकों के लिए खुल चुका है ये ग्लास ब्रिज
3. काकीनाडा ग्लास ब्रिज
काकीनाडा ग्लास ब्रिज, आंध्र प्रदेश में स्थित देश का पहला ग्लास ब्रिज है, जिसका निर्माण अगस्त 2018 में किया गया था। इसे बनने में करीब 7 महीने का समय लगा था। यह 45 मीटर लम्बा, 8 मीटर ऊंचा और 2 मीटर चौड़ा है। इसे बनाने में करीब 2.5 करोड़ रुपए की लागत आई थी। यह टफन ग्लास से बनाई गई है, जिसकी मोटाई करीब 25 मिमी है। इसके लिए 12-12 मिमी के दो ग्लासों को एक मिमी की लेमिनेटेड फिल्म से जोड़ा गया है, जो टूटने पर भी 12 घंटे तक दुर्घटना होने से बचा रहेगा।
4. पेलिंग ग्लास ब्रिज
सिक्किम के पेल्लिंग में स्थित यह स्काईवॉक भारत का प्रथम ग्लास स्काईवॉक है, जिसे आम पर्यटकों के लिए साल 2018 में खोला गया था। यह ब्रिज पेलिंग शहर से 3 किमी. दूर स्थित प्रसिद्ध चोनरेजिंग की मूर्ति के पास बना हुआ है। यह सुबह 8 बजे से लेकर शाम 5 बजे तक खुला रहता है।
इसका टिकट मूल्य सिक्किम वासियों के लिए 20 रुपया और बाकी लोगों के लिए 50 रुपया रखा गया है। अपनी खूबसूरती के साथ-साथ यह ग्लास ब्रिज अपनी चारों ओर फैले सुंदरता का भी दीदार कराता है। इस ग्लास ब्रिज को अमेरिका के ग्रेंड केन्यन के स्काईवॉक के तर्ज पर बनाया गया है।
5. राजगीर ग्लास ब्रिज
बिहार के नालंदा जिले में स्थित राजगीर काफी अच्छा टूरिस्ट प्लेस माना जाता है। इसका मुख्य कारण है यहां मौजूद हिंदू, बौद्ध व जैन धर्म से जुड़े धार्मिक स्थल..। आम पर्यटकों के लिए यह मार्च 2021 से चालू कर दिया गया है। यहां शानदार जंगली व पहाड़ी नजारों को देखना काफी सुखद है।
यहां आने वाले कई सारी एडवेंचरस एक्टिविटी भी कर सकते हैं। इसकी लम्बाई 25.9 मीटर और चौड़ाई 6 फीट और ऊंचाई 61 मीटर है। इस ग्लास में लगे ग्लास की मोटाई करीब 45 मिमी है। नेचर सफारी पार्क में बने इस ग्लास ब्रिज की लागत 20 करोड़ है। इसे बनने में राजगीर के पर्यटन में काफी बढ़ावा मिला है।

6. वायनाड ग्लास ब्रिज
केरल के वायनाड में बना इस ग्लास ब्रिज की ऊंचाई 100 फीट है, जहां का वायनाड के सुंदर प्राकृतिक नजारों का दीदार किया जा सकता है। यह ब्रिज पहाड़ों की सुंदरता को निहारने के लिए बनाया गया है, जिस पर जाने के लिए महज आधे घंटे की अनुमति मिलाएगा। इसके लिए 100 रुपये प्रति व्यक्ति प्रवेश शुल्क रखा गया है।
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