Search
  • Follow NativePlanet
Share
» »लोधी गार्डन में है कई ऐतिहासिक स्थल, जानिए क्या है यहां का इतिहास और प्रवेश शुल्क

लोधी गार्डन में है कई ऐतिहासिक स्थल, जानिए क्या है यहां का इतिहास और प्रवेश शुल्क

लोधी गार्डन दिल्ली में स्थित एक ऐतिहासिक पर्यटन स्थल है, जिसका निर्माण 15वीं शाताब्दी में लोधी वंश के शासकों ने करवाया था।

लोधी गार्डन दिल्ली के इंडिया इंटरनेशनल सेंटर के पास स्थित है, जो हुमायूं के मकबरे से महज 3 किलोमीटर की दूरी पर है। यह दिल्ली के उन ऐतिहासिक उद्यानों में से एक है, जहां पर्यटक सबसे ज्यादा जाना पसंद करते हैं। करीब 600 साल पुराना यह गार्डन आज भी उसी खूबसूरती के साथ खड़ा है, जो अपने पुराने समय में था। आसपास के लोग यहां सुबह-शाम टहलने के लिए आते हैं और व्यायाम भी करते हैं। दिल्ली जाने वाले पर्यटकों के लिए भी यह पार्क एक आकर्षण का केंद्र बन गया है।

लोधी गार्डन का इतिहास

लोधी गार्डन का इतिहास

यह गार्डन तब अस्तित्व में आया, जब यहां 1414 ईस्वी में अलाउद्दीन आलम द्वारा सैय्यद राजवंश के दूसरे शासक मोहम्मद शाह का मकबरा बनवाया गया। फिर 1517 ईस्वी में इब्राहिम लोधी द्वारा अपने पिता सिकंदर लोधी का मकबरा बनवाया गया। ऐसे में देखा जाए तो इस गार्डन का निर्माण कार्य 15वीं - 16वीं शाताब्दी के मध्य हुआ है। इब्राहिम लोधी अपने वंश के अंतिम शासक थे, जिसके बाद इस पर मुगलों का शासन शुरू हुआ। फिर सम्राट अकबर ने इस स्थान को वैधशाला के रूप में प्रयोग किया और फिर बाद में जब यहां ब्रिटिश सरकार का शासन आया, तब उन्होंने भी इस गार्डन का जीर्णोद्धार किया।

'लेडी विलिंगडन पार्क' के नाम से जाना जाता था लोधी गार्डन

'लेडी विलिंगडन पार्क' के नाम से जाना जाता था लोधी गार्डन

हालांकि, भारत के गवर्नर जनरल की पत्नी मर्कुएस ऑफ विलिंगडन ने इस बेशकीमती खूबसूरत पार्क का पुन: निर्माण कराया और फिर इस पार्क का नाम 'लेडी विलिंगडन पार्क' रखा गया। लेकिन जब भारत आजाद हुआ, तब इस पार्क का नाम बदलकर लोधी गार्डन रख दिया गया। वर्तमान समय में जो डिजाइन लोधी गार्डन की देखने को मिलती है, उसे 1968 ईस्वी में जेए स्टेन और गैरेट एकबू ने तैयार किया था।

लोधी गार्डन की वास्तुकला

लोधी गार्डन की वास्तुकला

लोधी गार्डन की वास्तुकला भी बेहद शानदार तरीके से डिजाइन की गई है, इसे देखने पर एक बार तो आपकी आंखें इस पर टिक ही जाएंगी। परिसर के बीच में आपको गुम्बद दिखाई देगा, जिसे बारा गुम्बद के नाम से जाना जाता है। यहां की छत में आपको कुरान लिखे हुए शिलालेख देखने को मिल जाएंगे, जो इस्लामी वास्तुकला को दर्शाते हैं। अकबर के शासनकाल में बना हुआ मेहराब भी आपको देखने को मिल जाएगा। करीब 90 एकड़ में फैला यह पार्क अपनी सुंदरता से किसी भी पर्यटक का मन मोह सकता है।

लोधी गार्डन का आकर्षण

लोधी गार्डन का आकर्षण

लोधी गार्डन में सैय्यद व लोधी वंश के कब्रों के अलावा यहां और भी कई स्मारक है, जो इतिहास में आपको दोबारा ले जाने का काम करते हैं। यहां मोहम्मद शाह मकबरा, सिकंदर लोधी का मकबरा, बड़ा गुम्बद, शीश गुंबद, अथपुला व एक शानदार उद्यान मौजूद है, जिसे देखने के लिए काफी दूर-दूर से पर्यटक यहां आते हैं और अपनों खास लम्हों में से कुछ पल यहां बिताते हैं। यहां आपको एक छोटी सी झील देखने को मिल जाएगी, जिसके आसपास गुलाब के पौधे भी हैं।

लोधी गार्डन में जाने का समय व प्रवेश शुल्क

लोधी गार्डन में जाने का समय व प्रवेश शुल्क

अगर आप भी लोधी गार्डन घूमने की प्लानिंग कर रहे हैं तो आप यहां सुबह 06:00 से लेकर शाम 07:30 बजे तक यहां जा सकते हैं और इस खूबसूरत ऐतिहासिक स्थल की नजारा ले सकते हैं। इसके अलावा गार्डन में प्रवेश करने के लिए कोई शुल्क नहीं रखा गया है, यह गार्डन सभी के लिए निशुल्क है।

लोधी गार्डन कैसे पहुंचें

लोधी गार्डन कैसे पहुंचें

लोधी गार्डन पहुंचने के लिए यहां का नजदीकी हवाई अड्डा इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट है, जो दिल्ली में ही स्थित है। वहीं, यहां का नजदीकी रेलवे स्टेशन हज़रत निज़ामुद्दीन रेलवे स्टेशन (नई दिल्ली रेलवे स्टेशन और पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन से भी आसानी से जाया जा सकता है) और नजदीकी मेट्रो स्टेशन 'जेएलएन' है। इसके अलावा यहां सड़क मार्ग से भी आसानी से पहुंचा जा सकता है।

अपनी यात्रा को और भी दिलचस्प व रोचक बनाने के लिए हमारे Facebook और Instagram से जुड़े...

More News

    Notifications
    Settings
    Clear Notifications
    Notifications
    Use the toggle to switch on notifications
    • Block for 8 hours
    • Block for 12 hours
    • Block for 24 hours
    • Don't block
    Gender
    Select your Gender
    • Male
    • Female
    • Others
    Age
    Select your Age Range
    • Under 18
    • 18 to 25
    • 26 to 35
    • 36 to 45
    • 45 to 55
    • 55+