महाकुंभ मेले को लेकर कई तरह की तैयारियां राज्य प्रशासन की ओर से की जा रही है। महाकुंभ मेला, जो दुनिया का सबसे बड़ा सार्वजनिक समागम स्थल है, की शुरुआत 13 जनवरी 2025 से प्रयागराज के संगमतट पर होने वाला है। यह मेला 26 फरवरी 2025 को समाप्त होगा। प्रयागराज में महाकुंभ मेला 2025 के दौरान ट्रैफिक का संचालन ठीक तरीके से करने के लिए मेला पुलिस की तरफ से भी कई तैयारियां की गयी है...
जिससे यहां आने वाले श्रद्धालुओं को कोई परेशानी भी न हो और ट्रैफिक का बहाव भी सामान्य बना रह सकें। इसी क्रम में महाकुंभ मेला पुलिस ने मेला परिसर को 'नो व्हीकल जोन' बनाने का फैसला लिया है। लेकिन...

महाकुंभ मेला परिसर को 13 जनवरी से 26 फरवरी तक लगातार नो व्हीकल जोन नहीं बनाया जाएगा बल्कि 6 शाही स्नान के आसपास मेला परिसर में वाहनों का प्रवेश निषेध होगा। इस बाबत Times of India की मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार महाकुंभ मेला चलने के दौरान 6 शाही स्नान होंगे। इनमें से 5 शाही स्नान से एक दिन पहले से लेकर एक दिन बाद तक के दिन को महाकुंभ मेला नो व्हीकल जोन बनेगा।
क्या पूरे प्रयागराज में बंद होंगे वाहन?
महाकुंभ मेले में शाही स्नान के समय प्रयागराज को नो व्हीकल जोन (No Vehicle Zone) बनाया जाएगा, लेकिन इस दौरान पूरा प्रयागराज नो व्हीकल जोन में नहीं बदल जाएगा। यह नियम सिर्फ उन सड़कों पर ही लागू होंगी जो संगम की तरफ जा रही होंगी अथवा पार्किंग से संगम की ओर जाने वाली सड़कों को नो व्हीकल जोन बनाया जाएगा। इन नियमों का पालन करवाने और ट्रैफिक की व्यवस्था को बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती भी की जा सकती है।
कब प्रयागराज बनेगा नो व्हीकल जोन?
प्रयागराज मुख्य रूप से 6 शाही स्नान के समय नो व्हीकल जोन बनेगा, जिसमें से 5 शाही स्नान के समय 3 दिनों के लिए नो व्हीकल जोन का नियम लागू किया जाएगा जबकि 1 शाही स्नान के समय 5 दिनों के लिए प्रयागराज को नो व्हीकल जोन बनाया जाएगा। इनमें से 5 शाही स्नान के समय शाही स्नान से एक दिन पहले, शाही स्नान के दिन और शाही स्नान से एक दिन बाद तक प्रयागराज नो व्हीकल जोन बना रहेगा।
वहीं 5 दिनों तक जब प्रयागराज नो व्हीकल जोन बनेगा तब शाही स्नान से 2 दिन पहले, शाही स्नान के दिन और शाही स्नान से 2 दिन बाद तक प्रयागराज में वाहनों का चलना वर्जित होगा। इनके बारे में विस्तृत जानकारी निम्न हैं -
| शाही स्नान | तारीख | कितने दिन नो व्हीकल जोन |
| पौष पूर्णिमा | 13 जनवरी 2025 | 3 दिन |
| मकर संक्रांति | 14 जनवरी 2025 | 3 दिन |
| बसंत पंचमी | 03 फरवरी 2025 | 3 दिन |
| माघी पूर्णिमा | 12 फरवरी 2025 | 3 दिन |
| महाशिवरात्रि | 26 फरवरी 2025 | 3 दिन |
| मौनी अमावस्या | 29 जनवरी 2025 | 5 दिन |

3 जोन में बांटा गया है महाकुंभ मेला परिसर
मेला पुलिस ने महाकुंभ मेला परिसर को कुल 3 जोन में बांट दिया है - परेड (सिटी), झुंसी और अरैल। इन सभी जोन में सामान्य दिन और शाही स्नान के दिन में प्रवेश और निकास का रूट अलग-अलग ही निर्धारित किया गया है। जो श्रद्धालु परिवहन के सार्वजनिक बस, ट्रेन और निजी गाड़ियों से महाकुंभ मेले में आ रहे हैं, उन सभी के लिए अलग-अलग प्रवेश और निकास द्वार निर्धारित किये गये हैं।
मेला परिसर में किये गये व्यवस्थाओं के बारे में मीडिया से बात करते हुए अतिरिक्त डीजी (प्रयागराज जोन) भानु भाष्कर ने बताया कि जिले के 7 अलग-अलग हिस्सों से संगम की ओर जाने वाले पैदल श्रद्धालुओं को मेला पुलिस प्राथमिकता देगी।
5 लाख गाड़ियों की पार्किंग
अतिरिक्त डीजी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि 1900 हेक्टेयर में महाकुंभ मेला परिसर में करीब 5 लाख वाहनों के लिए पार्किंग की व्यवस्था की गयी है। इसके अलावा 24 सैटेलाइट पार्किंग स्पॉट की व्यवस्था भी होगी, जहां खास तौर पर श्रद्धालुओं के लिए ही सभी सुविधाएं मुहैया करवायी जाएंगी। 1400 से ज्यादा ट्रैफिक पुलिस अधिकारी पूरी ट्रैफिक व्यवस्था को बनाए रखने के लिए मेला परिसर में तैनात रहेंगे।
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परेड, झुंसी और अरैल जोन के लिए अलग से ट्रैफिक योजनाएं बनायी गयी हैं। जो श्रद्धालु संगम में पवित्र डुबकी लगाने जाएंगे, वे काली सड़क से संगम की तरफ आगे जाएंगे और त्रिवेणी मार्ग से वापस लौटेंगे। नवल राय मार्ग को ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया है। वहीं लाल सड़क को प्रशासनिक कार्यों के लिए आरक्षित रखा जाएगा। इसके अलावा शटल बस और आपातकालिन व्यवस्थाएं भी पूरी की जा चुकी हैं।
सभी प्रमुख जगहों पर पार्किंग का बैरियल लगाया जा चुका है। वाराणसी, जौनपुर, अयोध्या आदि शहरों की ओर जाने वाले रूट्स जहां सर्वाधिक भीड़ होने की संभावना है, उनपर सभी व्यवस्थाएं कर ली गयी हैं। इसके साथ ही मिर्जापुर रोड पर सरस्वती हाईटेक के पास पार्किंग की व्यवस्था भी की गयी है।
अलग-अलग इलाकों के लिए अलग रंगों के ई-रिक्शा
बताया जाता है कि महाकुंभ मेला शुरू होने के बाद प्रयागराज में मेला परिसर में एक जगह से दूसरी जगह पर जाने के लिए ई-रिक्शा को तैनात किया जाएगा। लेकिन किसी भी आम ई-रिक्शा की तरह नहीं बल्कि इन्हें अलग-अलग जोन या इलाकों के लिए अलग-अलग रंगों में तैनात करने की योजना बनायी गयी है। इन ई-रिक्शा को झुंसी (नीला), नैनी (पीला), फफमाऊ (हरा), धुमागंज (लाल), शहरी इलाके (सफेद) और मेला परिसर (नारंगी) तैनात करने की योजना है।



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