महाराष्ट्र में नवी मुंबई के पास बसा उपनगरीय शहर बेलापुर और अहमदनगर (अहिल्यानगर) के बीच भारतीय रेलवे डबल लाइन बिछाने का काम कर रही है, जो लगभग पूरा होने वाला है। बेलापुर से अहमदनगर के बीच सिंगल लाइन होने की वजह से ट्रेन से आवाजाही करने में जहां कम से कम 6 से 7 घंटे का समय लग जाता था, वहीं डबल लाइन का काम पूरा होने के बाद उम्मीद की जा रही है कि दोनों शहरों के बीच आने-जाने में लगने वाला समय काफी हद तक कम हो जाएगा।
बात अगर बेलापुर की करें तो यह नवी मुंबई के पास मौजूद है और इसका मुख्य व्यवसायिक केंद्र भी माना जाता है। वहीं अहमदनगर महाराष्ट्र का सबसे बड़ा जिला है जो पुणे, सोलापुर, मुंबई, कल्याण, ठाणे आदि कई शहरों से जुड़ा होने की वजह से महत्वपूर्ण है। ऐसे में इन दोनों शहरों के बीच डबल लाइन का बिछना काफी अहम मानी जा रही है।

दावा किया जा रहा है कि इस रेलखंड पर लाइन का दोहराकरण मराठावाड़ा क्षेत्र के साथ यातायात संपर्क को पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा आसान और तेज रफ्तार बना देगा।
पिछले दिनों लोकसभा के बजट सत्र के दौरान केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से महाराष्ट्र के बेलापुर-परली रेलवे लाइन के इतिहास और इस लाइन के निर्माण में हो रही देरी की वजह के बारे में पूछा गया जिनका जबाव केंद्रीय रेल मंत्री ने देते हुए मनमाड-अहमदनगर रेलखंड पर लाइन के दोहरीकरण के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने अपने उत्तर में बताया कि मनमाड-बेलापुर-अहमदनगर खंड पर बेलापुर स्टेशन का निर्माण काफी पहले ही किया जा चुका है। बेलापुर पहले से ही परली से परभणी, जालना और मनमाड के माध्यम से जुड़ा हुआ है।
परियोजनाएं जो बेलापुर और परली के बीच यातायात संपर्क को बनाएगी बेहतर
बेलापुर और परली के बीच यातायात संपर्क को बेहतर बनाने के लिए रेलवे ने जिन परियोजनाओं को मंजूरी दी है, उनमें शामिल है -
1. अहमदनगर-बीड-परली वैजनाथ नई रेलवे लाइन
यह रेलवे लाइन 250 किमी लंबी होगी। इसमें से अहमदनगर से बीड रेलखंड का 169 किमी हिस्सा शुरू भी हो चुका है। बाकी के हिस्से का निर्माण कार्य चल रहा है, जिसे जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा। रेल मंत्री ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट में इस परियोजना के लिए ₹103 का आवंटन किया गया है।

2. अहमदनगर-बेलापुर रेलखंड पर लाइन दोहरीकरण
अहमदनगर से बेलापुर के बीच के लगभग 67 किमी रेलखंड पर लाइन के दोहरीकरण का काम किया जा रहा है, जो मनमाड-अहमदनगर-दौंड रेल लाइन डबलिंग के 247 किमी लंबी परियोजना का ही हिस्सा है। अब तक अहमदनगर से बेलापुर के बीच करीब 48 किमी लंबे रेलखंड पर लाइन दोहरीकरण का काम पूरा हो चुका है।
बाकी बचे 19 किमी लंबे रेलखंड पर लाइन दोहरीकरण का काम भी शुरू हो चुका है, जो जल्द ही पूरा हो जाएगा। रेलमंत्री ने बताया कि इस परियोजना के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान करीब ₹268 करोड़ का आवंटन किया गया है।
स्वतंत्रता से पहले नहीं हुआ था कोई सर्वेक्षण
रेल मंत्री वैष्णव ने बताया कि स्वतंत्रता से पहले महाराष्ट्र के बेलापुर-परली रेल लाइन पर कोई सर्वेक्षण नहीं हुआ था। हालांकि बेलापुर-शेवगांव के बीच 80 किमी लंबे कॉरिडोर में वर्ष 1920 के शुरुआत में नैरोगेज का सर्वेक्षण किया गया था। लेकिन बाद में यानी वर्ष 1948 के बाद इसे छोड़ दिया गया। रेलमंत्री ने बताया कि उस समय कितना फंड आवंटित किया गया था, उस बारे में कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है।
हालांकि देश को आजादी मिलने के कई सालों बाद वर्ष 2018 में बेलापुर-शेवगांव-परली के बीच लगभग 241 किमी लंबे कॉरिडोर में नई रेलवे लाइन बिछाने की व्यवहार्यता सर्वेक्षण तो किया गया था। इस सर्वेक्षण में दावा किया गया कि इस कॉरिडोर में ट्रैफिक कम होगी और पहले से ही अहमदनगर-बीड-परली नई लाइन परियोजना को मंजूरी मिल जाने की वजह से इस परियोजना को आगे नहीं बढ़ाया गया।



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