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मानसून में बंद हो जाते हैं ये राष्ट्रीय उद्यान, यहां घूमने का तो नहीं बनाया प्लान

अभ्यारण्यों और नेशनल पार्क में साल भर पर्यटकों का तांता लगा रहता है। हजारों की संख्या में सैलानी जंगली जानवरों को उनके प्राकृतिक परिवेश में देखने यहां पहुंचते हैं। लेकिन हर साल मानसून के समय इन अभ्यारण्यों व नेशनल पार्क को बंद कर दिया जाता है।

हालांकि इनके बंद होने व खुलने की तारीखों की घोषणा मानसून आने के समय पर निर्भर करती है। कई राज्यों में मानसून ने दस्तक दे दी है, इसलिए इन अभ्यारण्यों व नेशनल पार्क को बंद कर दिया गया है।

क्यों बंद होते हैं अभ्यारण्य व नेशनल पार्क

मानसून जंगली जानवरों का प्रजनन काल होता है। इस वजह से ही मुख्य तौर पर जंगलों में आम लोगों के प्रवेश को बंद कर दिया जाता है। आम लोगों की उपस्थिति में जंगली जानवरों के प्रजनन प्रक्रिया में खलल पड़ सकता है जिसका असर इन आबादी पर भी पड़ता है। प्रजनन काल होने की वजह से अपने पार्टनर को लुभाने के लिए जानवरों के बीच कई बार हिंसात्मक लड़ाईयां भी होती हैं जो पर्यटकों के लिए खतरनाक साबित हो सकता है।

Tiger

इसके अलावा घने जंगलों के अंदर पक्की सड़कें नहीं होती है। इसलिए बारिश के बाद गिली मिट्टी दलदल जैसी हो जाती है, जिसमें पर्यटकों की गाड़ियां फंस जाने की आशंका भी बनी रहती है। सैलानियों की सुरक्षा के मद्देनजर भी मानसून के समय जंगलों को बंद करना उचित निर्णय होता है।

1. गिर नेशनल पार्क, गुजरात

gir national park

एशियाई शेरों को देखने के लिए साल भर लाखों सैलानी गिर नेशनल पार्क का रुख करते हैं। गिरनार हिल्स घूमने जाने वाला हर पर्यटक गिर नेशनल पार्क जरूर घूमता है। सिर्फ एशियाई शेर ही नहीं बल्कि यहां कई तरह के जंगली जानवरों को उनके प्राकृतिक परिवेश में देखने का मौका मिलता है। हर साल जून से अक्टूबर तक गिर नेशनल पार्क को बंद रखा जाता है।

कब से कब तक बंद : 16 जून से 15 अक्टूबर तक

2. बक्सा टाइगर रिजर्व, पश्चिम बंगाल

buxa tiger reserve

सुन्दरवन के बाद रॉयल बंगाल टाइगर का दीदार करने के लिए पर्यटक सबसे ज्यादा संख्या में डूअर्स के बक्सा टाइगर रिजर्व पहुंचते हैं। यहां सिर्फ बाघ ही नहीं बल्कि हाथी, विभिन्न प्रजातियों के पक्षी और भी कई जगह के जंगली जानवर दिखायी देते हैं। बक्सा टाइगर रिजर्व के अंदर जयंती नदी के किनारे बने होम स्टे में भी लोग जंगल कैम्पिंग का लुत्फ उठाने जाते हैं। हर साल जून से सितंबर तक बक्सा टाइगर रिजर्व को बंद कर दिया जाता है।

कब से कब तक बंद : 15 जून से 15 सितंबर तक

3. चंदौली नेशनल पार्क, महाराष्ट्र

चंदौली नेशनल पार्क की पहचान विभिन्न प्रकार के जंगली जानवरों के घर के तौर पर होती है। महाराष्ट्र में चंदौली डैम के पास स्थित यह नेशनल पार्क मानसून के आगमन के साथ ही बंद कर दिया जाता है। इस दौरान जंगल सफारी भी बंद कर दी जाती है। हर साल जून से अक्टूबर तक यहां पर्यटकों का प्रवेश निषेध होता है।

कब से कब तक बंद : 15 जून से 15 अक्टूबर तक

4. बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व, मध्य प्रदेश

bandhvgarh tiger reserve

सिर्फ बाघ ही नहीं अपनी प्राकृतिक सुन्दरता के लिए भी बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व पर्यटकों के बीच काफी ज्यादा लोकप्रिय है। यह टाइगर रिजर्व बर्ड वॉचिंग के लिए भी काफी ज्यादा फेमस है। इस टाइगर रिजर्व को दो जोन में बांटा गया है, पहला Core जोन और दूसरा Buffer जोन। जंगल का Buffer जोन साल भर पर्यटकों के लिए (मानसून में भी) खुला रहता है लेकिन Core जोन को जुलाई से सितंबर तक बंद कर दिया जाता है।

कब से कब तक बंद : 1 जुलाई से 30 सितंबर तक

5. रणथंभौर नेशनल पार्क, राजस्थान

ranthambore

राजस्थान अपनी खुबसूरती और सांस्कृतिक धरोहर की वजह से हमेशा ही हॉट टूरिस्ट डेस्टिनेशन बना रहता है। सवई माधोपुर जिले में स्थित रणथंभौर नेशनल पार्क में पर्यटक मुख्य तौर रॉयल बंगाल टाइगर देखने आते हैं। हर इस नेशनल पार्क को जून के अंत से लेकर अक्टूबर तक बंद कर दिया जाता है। हालांकि मानसून में इसका भी Buffer जोन पर्यटकों के लिए खुला रहता है।

कब से कब तक बंद : 30 जून से 30 सितंबर तक

6. कान्हा नेशनल पार्क, मध्य प्रदेश

कान्हा नेशनल पार्क जिसे कान्हा टाइगर रिजर्व भी कहा जाता है। जैसा कि नाम से ही जाहिर है, बाघों के लिए यह नेशनल पार्क पर्यटकों में सबसे ज्यादा फेमस है। मानसून के समय नेशनल पार्क को पर्यटकों के लिए पूरी तरह से बंद कर दिया जाता है। जुलाई से सितंबर तक मानसून के समय यह नेशनल पार्क बंद रहता है।

कब से कब तक बंद : 30 जून से 15 अक्टूबर तक

7. जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क, उत्तराखंड

देवभूमि उत्तराखंड के नैनिताल में स्थित जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क ना सिर्फ ग्रासलैंड और घना जंगल है, बल्कि यह पर्यटकों को पहाड़ व झीलों में घुमने का भी मौका देता है। मानसून के समय पहाड़ी नदियों में बाढ़ आने का खतरा बना रहता है, इस वजह से इस नेशनल पार्क के कुछ हिस्सों को मानसून के दौरान जून से अक्टूबर-नवंबर तक बंद कर दिया जाता है। हालांकि जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क के कुछ हिस्से साल भर पर्यटकों के लिए खुले रहते हैं।

कब से कब तक बंद : 1-15 जून के बीच किसी दिन से लेकर 14 नवंबर तक

8. काजीरंगा नेशनल पार्क, असम

kaziranga

इस नेशनल पार्क को यूनेस्को की तरफ से वर्ल्ड हेरिटेज साइट होने का खिताब मिला हुआ है। काजीरंगा नेशनल पार्क को सभी एक सींग वाले भारतीय गैंडे के घर के तौर पर जानते हैं। साल 2006 में इस नेशनल पार्क में बाघों की सबसे ज्यादा जनसंख्या भी दर्ज की गयी थी। असम में मानसून के दौरान होने वाली भारी बारिश और बाढ़ के कारण इस नेशनल पार्क को मई से अक्टूबर तक बंद कर दिया जाता है। इस दौरान जीप और हाथियों पर जंगल सफारी भी बंद रहती है।

कब से कब तक बंद : एलिफैंट सफारी 1 मई और जीप सफारी 16 मई से बंद

FAQs
रणथंभौर नेशनल पार्क को मानसून में क्यों बंद कर दिया जाता है?

मानसून का समय जंगली जानवरों का प्रजनन काल होता है, जिस वजह से सिर्फ रणथंभौर ही नहीं, भारत में सभी नेशनल पार्क व अभ्यारण्यों को मानसून के समय बंद कर दिया जाता है।

क्या बारिश के मौसम में जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क खुला रहता है?

जुलाई से सितंबर तक उत्तराखंड में मानसून का समय होता है, जिस समय जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क को बंद कर दिया जाता है। हालांकि नेशनल पार्क के कुछ हिस्से साल भर पर्यटकों के लिए खुले रहते हैं।

काजीरंगा नेशनल पार्क जुलाई-अगस्त में जा सकते हैं?

मानसून के समय काजीरंगा नेशनल पार्क को बंद कर दिया जाता है। ब्रह्मपुत्र नदी का पानी अपने उफान पर होता है। इसलिए बाढ़ आने का खतरा भी बना रहता है। इस वजह से मानसून के सीजन (जुलाई-अगस्त) में काजीरंगा नेशनल पार्क में नहीं जाना ही श्रेष्ठ होता है।

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