भगवान शिव को सबसे ज्यादा क्या प्रिय है या महादेव की पूजा में किस वस्तु का होना अनिवार्य होता है? अगर आपसे कोई यह सवाल पूछता है तो इसका सीधा जवाब होगा बेलपत्र। भगवान शिव को प्रिय बेलपत्र से भला उनकी प्रिया (मां दुर्गा) कैसे अछुती रह सकती हैं। नवरात्रि/दुर्गा पूजा पर कोलकाता में जहां अलग-अलग थीम पर दुर्गा पूजा पंडाल बनाए जा रहे हैं।

उनमें से ही एक है मुदियाली क्लब जहां बेलपत्रों से तैयार किया गया है मां दुर्गा का विशाल चेहरा। सिर्फ मां दुर्गा का यह चेहरा ही नहीं बल्कि इस दुर्गा पूजा पंडाल में और भी कई चीजें हैं जो दर्शकों को इस पूजा पंडाल में खींच लाएंगे।
डेढ़ लाख बेलपत्तों को सुखाकर बनाया गया है चेहरा
मुदियाली क्लब दुर्गा पूजा पंडाल में डेढ़ लाख बेलपत्तों को सुखाकर मां दुर्गा का चेहरा तैयार किया गया है। बेलपत्तों को पहले सुखाकर फिर उन्हें एक साथ सिलकर मां दुर्गा के दो विशाल चेहरे बनाए गये हैं। मुदियाली क्लब ने इस बार अपने थीम का नाम 'समाहारे समारोह' रखा है।

यह थीम बताता है कि पूजा पंडाल को कई तरह के काम से सजाया गया है, जिनको एक साथ करके ही पूरे दुर्गा पूजा पंडाल का निर्माण किया जाएगा। दुर्गा पूजा पंडाल में प्रवेश करने के बाद करीब 70 फीट की ऊंचाई पर बेलपत्तों से बने मां दुर्गा के दोनों चेहरे दिखाई देंगे। आमने-सामने की दीवारों पर दोनों चेहरों को लगाया है।
पूजा पंडाल में है और भी कई खास चीजें
इस साल मुदियाली क्लब ने 88 सालों का सफर पूरा कर लिया है। पूजा पंडाल को एक युवा डिजाइन विमान साहा ने डिजाइन किया है। पूजा पंडाल में सिर्फ मां दुर्गा का चेहरा ही नहीं बल्कि और भी चीजें दर्शकों को आकर्षित करेंगी। पूरे दुर्गा पूजा पंडाल को सजाने के लिए लगभग 2 लाख दीयों का इस्तेमाल किया जाएगा।

बांस में लाइट लगाकर लगभग 50 हजार दीये बनाएं गये हैं। मां दुर्गा के बेलपत्तों से बने दोनों चेहरों के ठीक बीच में एक विशाल पंचमुखी दीया रखा जाएगा जिसमें 100 लौ होंगी। बताया जाता है कि इस दीये का आकार किसी छोटे मंच जितना ही बड़ा होगा।
विशाल मूर्तियों से सजेगा पूजा पंडाल
मुदियाली क्लब की दुर्गा पूजा हर साल काफी भव्य होती है। आम तौर पर यह पूजा पंडाल कभी भी कोई ऐसा थीम नहीं चुनता है, जो आम लोगों की समझ से दूर हो। साधारण थीम को ही बेहद सुन्दर तरीके से यहां प्रस्तुत किया जाता है। इस दुर्गा पूजा पंडाल को और भी भव्य बनाने के लिए इसे कई देवी-देवताओं के विशालकाय मूर्तियों से सजाया जाएगा।

चारों तरफ से ऐसे ही विभिन्न देवी-देवताओं की मूर्तियों के बीच में ही मां दुर्गा की सुन्दर प्रतिमा विराजमान होंगी। बता दें, इस दुर्गा पूजा पंडाल में मां दुर्गा के चेहरे में कभी कोई परिवर्तन नहीं किया जाता है। पिछले 88 सालों से दर्शकों को इस पूजा पंडाल में मां दुर्गा का जो स्वरूप दिखाई देता आया है, वहीं स्वरूप इस बार भी नजर आएगा।



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