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भारत में इस्लाम धर्म के लिए प्रसिद्ध दार्शनिक स्थल

भारत को धर्मों का देश कहा जाता है। यहां पर सभी धर्म के लोग आपसी सामंजस्य के साथ रहते हैं। भारत को मंदिरों का देश भी कहा जाता है। इसके विपरीत देखा जाए तो यहां पर कई इस्लामिक धार्मिक स्थल भी है, जहां मुसलमानों के घूमने लायक बेहतरीन स्थान है। तो आइए जानते हैं कि भारत इस्लामिक धर्म स्थल कहां-कहां है...

अजमेर शरीफ की मजार

अजमेर शरीफ की दरगाह राजस्थान के प्रमुख पर्यटन स्थलों में से एक है। यहां इस्लाम धर्म के लोग ही नहीं बल्कि गैर इस्लामिक लोग भी आते हैं। तारागढ़ की पहाड़ियों में स्थित ये देश की सबसे प्रसिद्ध दरगाह है। अब तक इस दरगाह पर काफी सेलिब्रिटी भी चादर चढ़ाने आ चुके हैं।

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जामा मस्जिद, दिल्ली

पुरानी दिल्ली स्थित जामा मस्जिद को मस्जिद जहान नुमा के नाम से भी जाना जाता है। इसका निर्माण मुगल सम्राट शाहजहां ने 1656 में कराया था। ये मस्जिद मुगल वास्तुकला का एक बेहतरीन नमूना है। यह मस्जिद इतना बड़ा है कि इसमें एक साथ करीब 25000 लोग नमाज अदा कर सकते हैं।

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दरगाह कुतुब साहिब, दिल्ली

दिल्ली में स्थित कुतुब साहिब की दरगाह पर सभी धर्मों के लोग सिर झुकाने जाते हैं। ये दरगाह ख्वाजा कुतुबुद्दीन बख्तियार काकी की दरगाह है। इसके पश्चिमी दीवारों पर कई रंगीन टाइल्स भी लगे हुए है और माना जाता है औरंगजेब ने इसे लगवाया था।

हजरतबल मस्जिद, श्रीनगर

डल झील के पश्चिमी किनारे पर स्थित हजरतबल मस्जिद कश्मीर के सबसे प्रमुख इस्लामिक तीर्थ स्थलों में से एक है। माना जाता है कि पैंगबर साहब का बाल यहां पर है। इसीलिए, इससे कश्मीर के मुसलमानों की काफी आस्था भी जुड़ी हुई है। यहां हर साल लाखों में श्रद्धालु आते हैं।

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हाजी अली दरगाह, मुंबई

मुंबई में स्थित हाजी अली की दरगाह मुस्लिम संत पीर हजरत हाजी अली शाह बुखारी की दरगाह है, इस्लाम धर्म के प्रसिद्ध तीर्थ स्थलों में से एक है। इस दरगाह की स्थापना 1431 ई. में की गई थी।

चारमीनार, हैदराबाद

हैदराबाद का चारमीनार देश ही नहीं बल्कि विदेशी पर्यटकों को भी काफी आकर्षित करता है। या यूं कहे कि चारमीनार हैदराबाद की जान है तो गलत नहीं होगा। इसका निर्माण सुल्तान मुहम्मद कुली कुतुब शाह ने करवाया था, जो ग्रेनाइट, मोर्टार और चूने बना है।

हजरत शेख सलीम चिश्ती का मकबरा, फतेहपुर सीकरी

फतेहपुर सीकरी में स्थित हजरत शेख सलीम चिश्ती का मकबरा इतिहास से काफी जुड़ाव रखता है। सफेद संगरमरमर से बना ये मकबरा पर्यटकों के आकर्षण का खास केंद्र है। शेख सलीम चिश्ती के मरणोपरांत मुगल सम्राट अकबर ने उनके सम्मान में इसे बनवाया था।

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मोती मस्जिद, आगरा

आगरा के मोती मस्जिद का निर्माण मुगल शासक शाहजहां ने करवाया था। यह मस्जिद दूर से देखने पर एक मोती की तरह चमकती हुई दिखाई देती है।

ताज-उल-मस्जिद, भोपाल

ताज-उल-मस्जिद का निर्माण भोपाल के नवाब शाहजहां बेगम के शासनकाल में हुआ था, जो एशिया के सबसे बड़े मस्जिदों में से एक है। यह मस्जिद गुलाबी रंग से बनी हुई है और इसकी दो मीनारे सफेद रंग से रंगी हुई है। इसका इस्तेमाल मदरसे के रूप में किया जाता है।

चेरामन जुमा मस्जिद, त्रिशूर

केरल के त्रिशूर जिले में स्थित चेरामन जुमा मस्जिद को भारत की सबसे पुरानी मस्जिद मानी जाती है। इसका निर्माण 629 ई. में हुआ था और इसका पुनर्निर्माण 11 वीं शताब्दी में किया गया।

पिरान कालियार शरीफ, हरिद्वार

हरिद्वार में स्थित पिरान कालियार शरीफ की दरगाह महान सूफी संत अलाउद्दीन अली अहमद साबिर को समर्पित है। इस दरगाह को इब्राहिम लोदी द्वारा बनवाया गया था।

बड़ा इमामबाड़ा, लखनऊ

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में स्थित बड़ा इमामबाड़ा इस्लाम के प्रमुख तीर्थ स्थलों में से एक है। इसका निर्माण 1784 ई. में आसफ-उद-दौला ने करवाया गया था। इसे बनाने में लखनवी ईंटों और चूने के प्लास्टर का प्रयोग किया गया है।

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शाह-ए-आलम का मकबरा, अहमदाबाद

अहमदाबाद का शाह-ए-आलम का मकबरा रसूलाबाद दरगाह या शाह आलम नो रोजो के नाम से भी जाना जाता है। माना जाता है कि ये मकबरा सैय्यद जलाउद्दीन हुसैन बुखारी के बेटे की है, जिसे मखदूम जहानियान जहांहांश के नाम से भी जाना जाता है।

नखोदा मस्जिद, कोलकाता

कोलकाता की नखोदा मस्जिद का निर्माण फतेहपुर सीकरी शैली की वास्तुकला पर बनाया गया है, जो इसे काफी आकर्षित बनाती है। यह देश की विशाल मस्जिदों में से एक है, जहां एक साथ करीब 10000 लोग बैठक एक साथ नमाज अदा कर सकते हैं।

पझायंगड़ी मस्जिद, मलप्पुरम

केरल के मलप्पुरम में स्थित पझायंगड़ी मस्जिद इस्लामिक संत हजरत मुहम्मद शाह को समर्पित है, जो करीब 500 साल पुरानी है। इसकी नक्काशी बेहद जटिल है, जो इसे और भी शानदार बनाती है।

अढ़ाई दिन का झोपड़ा, अजमेर

अजमेर में स्थित अढ़ाई दिन का झोपड़ा राजस्थान के सबसे प्रमुख इस्लामिक तीर्थस्थलों में से एक है। जैसा कि इसका नाम है, इसे ढाई दिन में तैयार किया गया था। इसके बारे में बताया जाता है कि इसका निर्माण 1153 ई. में चौहान सम्राट बीसलदेव ने करवाया था। पहले यह एक संस्कृत पाठशाला हुआ करती थी।

मक्का मस्जिद, हैदराबाद

हैदराबाद में स्थित मक्का मस्जिद का निर्माण कुतुब शाही मोहम्मद कुली कुतुब शाह ने करवाया था। यहां का मक्का मस्जिद अपने शानदार वास्तुकला के लिए जाना जाता है। इस मस्जिद को लेकर एक बात कही जाती है कि इसके ईंटों को मक्का से लाई गई मिट्टी से बनाया गया है।

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गोल गुंबज, कर्नाटक

कर्नाटक में स्थित गोल गुंबज मस्जिद, इंडो-सारासेनिक शैली में बनाई गई है। इसमें ख्वाजा बंदे नवाज, मोहम्मद आदिल शाह व उनकी प्रेमिका रम्भा और उनके परिवार का दरगाह है, जो मुस्लिमों के आस्था का केंद्र है।

सोलह खंभा मस्जिद, कर्नाटक

कर्नाटक में स्थित सोलह खंभा मस्जिद का निर्माण 1424 ई. में कुबिल सुल्तानी ने करवाया था। इसकी वास्तुकला इस प्रकार से है कि यहां ताजी हवा और प्रकाश की प्रचुरता को एक करता है।

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