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कासरागोड- रोमांटिक, ऐतिहासिक, और धार्मिक पर्यटन

Written By: Goldi

क्या आप बैंगलोर की भीड़ और ट्रैफिक से उब चुके हैं, और छुट्टियाँ मनाने के लिए किसी एकांत बीच का किनारा ढूंढ रहे हैं, तो आपको गोवा की बजाए केरल स्थित कासरगोड जाना चाहिए। आप सोच रहे होंगे गोवा क्योंकि, तो जनाब गोवा में पर्यटकों की बढ़ती भीड़ के चलते आप अपनी छुट्टियों को एकांत मे नहीं बिता पाते, इसलिए आपको कासरागोड की ओर रुख करना चाहिए। कासरागोड जहां तक नजरें फैलयों वहां तक नीले समुंद्र ही आपको नजर आएगा।

यह वह खास जगह है, जहां की हवा एकदम ताज़ी है, जहां मिट्टी की सौंधी सौंधी खुशबू है और इसके अलावा आप यहां कई अन्य चीजों को भी निहार सकते हैं, जो शायद आपको बीच कैपिटल ऑफ़ इंडिया में देखने को मिले।

कासरगोड में आपका स्वागत है! केरल के उत्तरी जिले में स्थित, यह तटीय शहर पूर्व में पश्चिमी घाट और पश्चिम में अरब सागर के नजदीक स्थित है। अगर आप दक्षिण भारत में एक परफेक्ट वीकेंड गेटवे की तलाश में हैं, तो आपकी यह तलाश कासरगढ़ में आकर खत्म पूरी हो सकती है, आधुनिक दुनिया से दूर कासरगोड में आप खुद को प्रकृति के करीब पाएंगे।

कासरगोड

कासरगोड

कासरगोड एक छोटा सा शहर है और जहां आप आसानी से पैदल ही सब जगहें घूम लेंगे। अगर आप ऑटो या टैक्सी के जरिये घूमना चाहते हैं, तो स्थानीय टैक्सियां ​​₹ 8 / किमी या पूरे दिन के किराए के लिए ₹ 2,000 पर उपलब्ध हैं। स्थानीय बसों में टिकट ₹ 6 से शुरू होता है।
Pc:Shareef Taliparamba

बेक्कल किला

बेक्कल किला

केरल के सबसे बड़े किलों में से एक बेक्क्ल किला कासरगोड से 10 किमी दूर स्थित है।इस किले की ऊंचाई तक आसानी से पहुंचकर अरेबियन समुंद्र को आसानी से देखा जा सकता है, ये दृश्य इतना मनोरम होता है, कि आप इस खूबसूरत नजारे को अपने कैमरे में कैद करने से खुद को रोक नहीं पाएंगे।

बेक्क्ल किला एक प्रभावशाली इमारत है जो 40 एकड़ में फैली हुई है। अज बेक्क्ल किला पर्यटकों के बीच खासा लोकप्रिय है। बेक्क्ल किला सिर्फ पर्यटकों को ही बल्कि बॉलीवुड समेत दक्षिण भारतीय सिनेमा को भी अपनी ओर आकर्षित करता है, यहां कई फिल्मों की शूटिंग सम्पन्न हो चुकी है।Pc: Renjithks

प्रवेश शुल्क: ₹ 15 प्रति व्यक्ति
समय: 8 बजे से शाम 5.30 बजे तक

चंद्रगिरी फोर्ट

चंद्रगिरी फोर्ट

अगर आप कासरगोड में सनसेट के मनोरम नजारे को देखना चाहते हैं, तो आपको चन्द्रगिरी किले की ओर रुख करना चाहिए।चंद्रगिरी फोर्ट केरल की प्राचीन सुन्दरता और वास्तुकला का बखान करता है। भले ही यह किला आज खंडहर में तब्दील हो चुका है, लेकिन इस किले के बगल से बहती हुई चन्द्रसागर नदी और अरेबियन सागर एक मनोरम नजारा प्रस्तुत करते हैं। कासरगोड से सात किमी की दूरी पर स्थित इस किले से आप डूबते हुए सूरज की मनोरम और इन्स्टाग्राम पर पोस्ट करने हेतु तस्वीरें क्लिक कर सकते हैं। आप चंद्रागिरी नदी में बोटिंग का भी लुत्फ उठा सकते हैं।

प्रवेश शुल्क: ₹ 5 प्रति व्यक्ति, ₹ 100 विदेशी नागरिकों के लिए प्रति व्यक्ति

समय: 8 बजे से शाम 5.30 बजे तक

Pc:M agnihotri

 कप्पिल बीच

कप्पिल बीच

कप्पिल समुद्र तट बेकल किले से लगभग 7 किमी दूर है। यह विशाल, शांत और एकांत समुद्र तट एक प्रमुख पर्यटक स्थल है। कप्पिल समुद्र तट अपने शांत वातावरण के कारण अन्य समुद्र तटों से आश्चर्यजनक रूप से अलग है। धूप से आच्छादित यह समुद्र, तट बेकल किले की थका देने वाली यात्रा के बाद, एक आदर्श आरामदायक स्थल है। साहसी प्रवृत्ति के लोग अरब सागर का मनोरम दृश्य देखने के लिए कोडी चट्टान की चढ़ाई भी कर सकते हैं।Pc:Raghavan Prabhu

बेक्क्ल बीच

बेक्क्ल बीच

बेक्कल बीच बेक्क्ल किला से एकदम सटा हुआ है, यहां आप मछली पकड़ने वाले मछुयारों को भी देख सकते हैं, इसके अलावा आप बीच में तैराकी कर सकते हैं, साथ ही घूम भी सकते हैं, बेकल में सूर्यास्त देखने योग्य है। ताड़ के वृक्षों पर डूबते हुए सूर्य के साथ शर्बती रंग का आकाश एक मंत्रमुग्ध कर देने वाला दृश्य होता है।Pc: Vijayanrajapuram

अनंतपुर झील मंदिर

अनंतपुर झील मंदिर

अनंतपुर झील मंदिर केरल में एकमात्र झील मंदिर है। इस मंदिर की यह मान्यता है कि यहां की रखवाली एक मगरमच्छ करता है। ‘बबिआ' नाम के मगरमच्छ से फेमस इस मंदिर में यह भी मान्यता है कि जब इस झील में एक मगरमच्छ की मृत्यु होती है तो रहस्यमयी ढंग से दूसरा मगरमच्छ प्रकट हो जाता है। दो एकड़ की झील के बीचों-बीच बना यह मंदिर भगवान विष्णु (भगवान अनंत-पद्मनाभस्वामी) का है। मान्यता है कि मंदिर की झील में रहने वाला यह मगरमच्छ पूरी तरह शाकाहारी है और पुजारी इसके मुंह में प्रसाद डालकर इसका पेट भरते हैं।
Pc:Kateelkshetra

मल्लिकार्जुन मंदिर

मल्लिकार्जुन मंदिर

मल्लिकार्जुन भगवान शिव का एक और नाम है और मल्लिकार्जुन मंदिर जिले के सबसे पुराने और सबसे प्रमुख मंदिरों में से एक है।भगवान शि वको समर्पित इस मंदिर में हर साल मार्च के महीने में संगीत थिएटर और मंदिर उत्सव आयोजित किया जाता है।

श्री गोपालकृष्ण मंदिर

श्री गोपालकृष्ण मंदिर

श्री गोपालकृष्ण मंदिर कासरगोड शहर के करीब स्थित है, और भगवान कृष्णा के बड़े भाई भगवान बाला गोपालकृष्ण को समर्पित है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, भगवान बाला की मूर्ति, कनवी महर्षि को दी गई थी, जिन्होंने इस मंदिर की स्थापना की थी। माना जाता है कि मंदिर में तीन युग (ईराज़) की पवित्रता प्राप्त हुई है, जो त्रेता, द्वापारा और कलियुग है।

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