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दक्षिण भारत : काकीनाडा की सैर के दौरान उठाएं इन स्थानों का आनंद

दक्षिण भारत के आंध्र प्रदेश राज्य स्थित काकीनाडा एक खूबसूरत योजनाबद्ध शहर है, जो विजाग से 168 किमी, राजमुंदरी से 64 किलोमीटर और हैदराबाद से 459 किमी की दूरी पर स्थित है। इसके अलावा यह एक म्युनिसिपल कारपोरेशन और बंगाल की खाड़ी पर स्थित एक बंदरगाह शहर भी है। इस शहर को मूल रूप से ककनंदिवाद(Kakanandivada) भी कहा जाता था। काकीनाडा क्षेत्र में यूरोपियन लोगों के बसने के बाद विकसित हुआ।

माना जाता है कि इस शहर को अंग्रेज को-कनाडा कहकर संबोधित करते थे, जिसके बाद इसका नाम काकीनाडा में बदल दिया गया। नाम का यह बदलाव भारत की आजादी यानी 1947 के बाद हुआ। कई उर्वरक संयंत्रों के कारण इस शहर को फर्टिलाइजर सीटी भी कहा जाता है। इस खास लेख में जानिए पर्यटन के लिहाज से यह शहर आपके लिए कितना खास है। 

दक्षिण का काशी

दक्षिण का काशी

PC-Venkat2336

दक्षिण भारत स्थित अंतर्वेदी को दक्षिण काशी के रूप में जाना जाता है। यहां गोदावरी नदी की सहायक नदी सागर संगम में मिलती है जो इस स्थान को पवित्र बनाने का काम करती है। संगम स्थल पर लक्ष्मी नरसिंह का मंदिर गोदावरी नदी के तट पर स्थित है। यहां भगवान शिव का मंदिर और वर्षिता सेवाश्रम और भगवान शिव का मंदिर प्रमुख आकर्षण हैं।

यहां गोदावरी नदी के किनारे एक खूबसूरत द्वीप भी है। जो यहां आने वालै सैलानियों को बहुत ही भाता है। सैलानी यहां की प्राकृतिक खूबसूरती का आनंद किसी भी समय आकर उठा सकते हैं।

द्राक्षराम भीमेश्वर स्वामी मंदिर

द्राक्षराम भीमेश्वर स्वामी मंदिर

PC- Aditya Gopal

काकीनाडा के आसपास स्थित भव्य मंदिरों की श्रृंखला में आप प्रसिद्ध द्राक्षराम भीमेश्वर स्वामी मंदिर के दर्शन भी कर सकते हैं। यह अद्भुत मंदिर यहां के द्राक्षराम गांव में स्थित है। काकीनाडा से यहां तक की दूरी 28 किमी के सफर में पूरी की जा सकती है। इस मंदिर की सबसे अनोखी विशेषता यहां स्थित क्रिस्टल शिवलंग है।

यह एक प्राचीन मंदिर है जिसके दर्शन करने लिए सालाना सैकड़ों तीर्थयात्री यहां आते हैं। ऐतिहासिक महत्व से जुड़े होने के कारण यह मंदिर अब भारतीय पुरातात्विक विभाग के तहत एक संरक्षित स्मारक भी माना जाता है।

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श्री भवनारायण स्वामी मंदिर

श्री भवनारायण स्वामी मंदिर

PC- Adityamadhav83

काकीनाडा से केवल तीन किमी की दूरी पर स्थित श्री भवनारायण स्वामी मंदिर एक अद्भुत मंदिर है, जहां आप प्राचीन चालुक्य और चोल वास्तुकला शैली का अद्भुत मिश्रण देख सकते हैं। पित्तपुरम यहां के प्रमुख तीर्थ स्थानों में से एक है। गोदावरी नदी के साथ यहां भौगोलिक सरंचना काकीनाडा को एक आकर्षक स्थान बनाने काम करती है।

यहां स्थित श्री भवनारायण स्वामी मंदिर एक धार्मिक स्थान के साथ खूबसूरत वास्तुकला को प्रदर्शित करता है। धार्मिक-सांस्कृतिक रूप से यह मंदिर काफी ज्याद मायने रखता है।

अन्नवरम

अन्नवरम

PC-Magnus Manske

काकीनाडा से 48 किमी की दूरी पर खूबसूरत अन्नवरम गांव पम्पा नदी के किनारे बसा है। आकार में छोटा यह गांव अपने धार्मिक महत्व के लिए काफी प्रसिद्ध है। यहां की एक पहाड़ी पर स्थित वेंकट सत्यनारायण स्वामी का मंदिर यहां मुख्य आकर्षण का केंद्र है। रोजाना यहां श्रद्धालुओं की लंबी कतार लगती है। दक्षिण भारत का यह मंदिर हिन्दूओं की आस्था का बड़ा केंद्र है।

तिरूपति मंदिर से अलग इस मंदिर ने काफी प्रसिद्धी हासिल की है। यहां हर साल भव्य त्योहारों का आयोजन किया जाता है जिसमें शामिल होने के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु यहां आते हैं। यहां का शांत माहौल बहुत हद तक पर्यटको को आकर्षित करता है।

कोरिंगा अभयारण्य

कोरिंगा अभयारण्य

PC- Roland zh

धार्मिक स्थानों के अलावा आप यहां वन्यजीवन का रोमांचक आनंद भी उठा सकते हैं। काकीनाडा से लगभग 20 किमी की दूरी पर स्थित कोरिंगा अभयारण्य एक प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है। यहां आने वाले सैलानियों को यहां की सैर करना बहुत ही अच्छा लगता है। कोरिंगा अभयारण्य गतिशील पारिस्थितिकी तंत्र का एक अद्भुत उदाहरण है, जहां आप विभिन्न जीव-वनस्पति प्रजातियों को देख सकते हैं।

यहां चारों ओर फैली घनी वनस्पतियां इसे एक सदाबहार जंगल बनाती हैं। पक्षी विहार मछली पकड़ने के लिए यह एक आदर्श जगह है। आप यहां समुद्री गुल, पेलिकन आदि पक्षियों के साथ मगरमच्छ जैसे जंगली जानवरों को भी देख सकते हैं।

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