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सुकून भरे पलों को पाने के लिए पहुंच जाइये दादर-नगर हवेली

दादरा और नगर हवेली नैसर्गिक खूबसूरती की धरती है। हरियाली, कलकल करती नदियां, धाराएं, पहाड़ों की शृंखला और जीव-जंतुओं व वनस्पतियों की बहुलता यहां आपको दिखेगी।

By Goldi

आज की भागती दौड़ती में जिन्दगी में हर कोई सुकून के दो पलों की तलाश करने के लिए छुट्टियों का इंतजार करते हैं। जब भी बात घूमने की आती है तो दिमाग में ठहर जाता है हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड आदि। लेकिन आज मै आपको ऐसी जगह के बारे में बताने जा रही हूं जिसके बारे में आपने शायद ही सुना हो।

जी हां, मै बात कर रहीं हूं दादर नगर हवेली की..जो पश्चिमी भारतमें एक केंद्र शासित प्रदेश ( यूटी ) है और इसकी राजधानी सिलवासा है। नागर हवेली, गुजरात और महाराष्‍ट्र के मध्‍य में स्थित है।

जंगलों से घिरा यह इलाका बहुत सुकून और शांति देता है। रोजमर्रा की भागमभाग वाली जिंदगी से निकलकर कुछ दिन इस माहौल में बिताना बेहतरीन अनुभव है। यह एक अजीब जगह है, जहां आप शांति के साथ नींद ले सकते हैं।

दादरा और नगर हवेली नैसर्गिक खूबसूरती की धरती है। हरियाली, कलकल करती नदियां, धाराएं, पहाड़ों की शृंखला और जीव-जंतुओं व वनस्पतियों की बहुलता यहां आपको दिखेगी। यह केंद्र शासित प्रदेश छुट्टी मनाने के लिए भारत के सबसे शांत इलाकों में से एक है।

कैसे पहुंचे?

कैसे पहुंचे?

सड़क मार्ग से
राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 8 (वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे) इसी क्षेत्र से होकर गुजरता है। राज्य की राजधानी सिल्वासा पशिच्मी भारत के प्रमुख शहरों से जुड़े हुए हैं-

रेल मार्ग से
सबसे पास का रेलवे स्टेशन है वापी। इस रेलवे स्टेशन पर कई महत्वपूर्ण ट्रेन रोज आती हैं।

हवाई मार्ग से
दादरा और नगर हवेली में एक भी एयरपोर्ट नहीं है। सबसे पास का एयरपोर्ट मुंबई है, जो यहां से 164 किलोमीटर दूर है।

लैंड ऑफ ऑल सीजंस

लैंड ऑफ ऑल सीजंस

दादरा पार्क दरअसल वनगंगा कहलाता है। साढे सात हेक्टेयर से ज्यादा इलाके में फैले इस पार्क में एक द्वीप है जो जापानी शैली के पुलों से जुडा है। पेड, झरने, नावें, रेस्तरां व जॉगिंग ट्रैक पार्क को इतना खूबसूरत बना देती हैं कि हर साल चार लाख से ज्यादा सैलानी इसे देखने आते हैं।

चर्च ऑफ आवर लेडी ऑफ पाइटी

चर्च ऑफ आवर लेडी ऑफ पाइटी

सिलवासा शहर में चर्च ऑफ आवर लेडी ऑफ पाइटी पुर्तगाली शिल्प का बढिया नमूना है। सिलवासा को लैंड ऑफ ऑल सीजंस भी कहा जाता है। जून से मानसून शुरू हो जाता है। वहां की हरियाली में मानसून का भी अलग मजा है।

लुहारी

लुहारी

सिलवासा, पुर्तगाली शब्‍द सिल्‍वा का रूप है, लुहारी यहां का एक शानदार और सुंदर क्षेत्र है। यह लाजबाव पर्यटन स्‍थल, राजधानी सिलवासा से लगभग 14 किमी. की दूरी पर स्थित है। यहां का पर्यटन विभाग, साहसिक पर्यटकों के लिए कई तरह के साहसिक खेलों को आयोजित करता है जैसे - जटिल ट्रेल्‍स पर ट्रैकिंग आदि। यहां आसपास के वन क्षेत्रों में कैम्‍प को भी लगाया जाता है और सिलवासा में वन्‍यजीव अभयारण्‍य भी स्थित है।

आइलैंड गार्डन

आइलैंड गार्डन

शहरों की व्यस्त दिनचर्या से दूर शांत और खुशनुमा माहौल के बीच आइलैंड गार्डन पर्यटकों को संतुष्टि और खुशी की गहरी अनुभूति देता है। जॉगिंग के लिए लंबे हवादार रास्ते, क्रिस्टल से साफ पानी की झील और लकड़ी का पुल इस जगह की खूबसूरती और चमक को और भी बढ़ा देते हैं।

मिनी जू और बाल उद्यान

मिनी जू और बाल उद्यान

खूबसूरत बगीचों से घिरा मिनी जू और बाल उद्यान बच्चों के साथ ही बड़ों के लिए भी एक पसंदीदा पर्यटन स्थल है। मिनी जू में बच्चों को अलग-अलग प्रजातियों के जानवरों और पक्षियों को अनुभव करने का सुनहरा मौका मिलता है। मिनी जू और बाल उद्यान के मनोरंजक बगीचे में बच्चों के लिए कई रंग-बिरंगी झूले, मेरी-गो-राउंड और अन्य आकर्षण भी हैं। मिनी जू और बाल उद्यान तक सिलवासा शहर के किसी भी हिस्से से आसानी से पहुंचा जा सकता है। सिलवासा में महत्वपूर्ण लैंडमार्क है मिनी जू और बाल उद्यान। यह जगह बच्चों का परिचय जानवरों की खूबसूरत दुनिया से कराती है।

हिरवा

हिरवा

प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर हिरवा वन पर्यटकों पर जादुई असर डालता है। हिरवा वन में पर्यटकों को बोटिंग, खेलों को खेलने जैसी कई मनोरंजक और तरोताजा कर देने वाली गतिविधियों की पेशकश करता है। शहरों की व्यस्त दिनचर्या और भीड़ से दूर शांत और मनोरम वातावरण वाला हिरवा वन पर्यटकों को खुशी और विनोद से परिपूर्ण कर देता है।

आदिवासी सांस्‍कृतिक संग्रहालय

आदिवासी सांस्‍कृतिक संग्रहालय

यह संग्रहालय, शहर के केंद्र में स्थित है और इसका प्रवेश द्वार हस्‍तनिर्मित तोरण और मालाओं से सजाया गया है। इस संग्रहालय के आंगन में एक आदिवासी मॉडल को प्रदर्शन के लिए रखा गया है। आपको यह पुतला वास्‍तव सा प्रतीक होगा जबतक कि आप उसे स्‍वंय छू न ले। छूने के बाद ही पता चलता है कि यह स्‍टेचू है।

कब जाएं

कब जाएं

दादरा नगर हवेली में नवंबर से मार्च तक बहुत ही सुहावना मौसम होता है और यह समय यहां घूमने आने का सबसे अच्छा समय है। वैसे आप सिलवासा जाने का कार्यक्रम सालों भर कभी भी बना सकते हैं।

खरीददारी

खरीददारी

भारत के अन्य इलाकों की ही तरह, दादरा और नगर हवेली के हस्तशिल्पों की भी अपनी एक अलग पहचान है। दादरा और नगर हवेली में खरीदारी के दौरान इन वस्तुओं को जरूर देखें-
-चमड़े की स्लीपर्स
-बांस से बुनी चटाई और बास्केट्स
-हरी सुनहरी घास से बनी वस्तुएं

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