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देखना है श्रीलंका, तो फ़ौरन पहुंचे यहां....लेकिन संभलकर

Written By: Goldi

क्या आप पड़ोसी देश श्रीलंका की सैर बिना श्रीलंका जाये करना चाहते हैं, तो आपको एक बार तमिलनाडू स्थित धनुषकोटि गांव जरुर जाना चाहिए। यह गांव श्रीलंका से बस 18 मिल की दूरी पर स्थित है।

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यह भारत और श्रीलंका के बीच एकमात्र स्थलीय सीमा है और बालू के टीले पर सिर्फ 50 गज की लंबाई में दुनिया के सबसे छोटे स्थानों में से एक है। जिस कारण यह पर्यटकों को अपनी तरफ आकर्षित करती है,हालांकि अब भुतहा जगहों की लिस्ट में शामिल हो चुकी है।

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बताया जाता है कि,धनुषकोटि ही वो स्थान है जहां से राम सेतू शुरू होता है। इसका ज़िक्र हिंदुओं के सबसे पवित्र ग्रंथ रामायण में भी है। इस सेतू का निर्माण श्री राम जी ने लंका जाने के लिए किया था। राम सेतू होने के कई प्रमाण हमारे वैज्ञानिकों को भी मिले हैं।  

कहां स्थित है?

कहां स्थित है?

यह गांव तमिलनाडु के रामेश्वरम जिले में स्थित है, जोकि श्रीलंका से बस 18 मिल की दूरी पर स्थित है।PC:Nsmohan

कैसे पड़ा नाम?

कैसे पड़ा नाम?

यहां रावण के भाई विभीषण के अनुरोध पर राम ने अपने धनुष के एक सिरे से सेतु को तोड़ दिया था। इसी वजह से इस जगह का नाम धनुषकोटि पड़ गया। यह भी कहा जाता है कि राम ने अपने प्रसिद्ध धनुष के एक छोर से सेतु के लिए इस स्थान को चिह्नित किया था।PC:Armstrongvimal

भुतहा जगह

भुतहा जगह

धनुषकोटि की पहचान बस यही तक सीमित नहीं है, हालांकि रामभक्त पौराणिक महत्व के कारण इस स्थान के दर्शन करने आते हैं, लेकिन इस स्थान का भूतहा कहलाना भी यहां पर्यटकों की संख्या में दिनों दिन इजाफा होने का एक कारण है।PC: rajaraman sundaram

यहां रहती है आत्मा

यहां रहती है आत्मा

जी हां, एक तरफ तो धनुषकोटि से भगवान राम का गहरा संबंध है, वहीं दूसरी ओर यहां प्रेत आत्माओं को भी महसूस किए जाने के दावे किए गए हैं। इन दावों के पीछे का कारण है वर्ष 1964 में यहां आया भयंकर चक्रवात, जिसने धनुषकोटि की खूबसूरती को मातम में बदल दिया था।PC:Armstrongvimal

चक्रवात से पहले

चक्रवात से पहले

1964 के चक्रवात से पहले, धनुषकोटि एक उभरता हुआ पर्यटन और तीर्थ स्‍थल था। चूंकि सीलोन (अब श्रीलंका) केवल 18 मील दूर है, धनुषकोटि और सिलोन के थलइमन्‍नार के बीच यात्रियों और सामान को समुद्र के पार ढोने के लिए कई साप्‍ताहिक फेरी सेवाएं थीं।PC:Armstrongvimal

चक्रवात ने कर दिया तहस नहस

चक्रवात ने कर दिया तहस नहस

सन 1964 में आए भयंकर चक्रवात के दौरान 20 फीट की ऊंची लहर पाक जलसंधि से शहर धनुषकोटि पर आक्रमण करते हुए आई और पूरे शहर को तबाह कर गई। सौ लोगों से ज्यादा भरी रेलगाड़ी भी इस चक्रवात की चपेट में आ गई, जिसमें सभी की मौत हो गई।PC:Thachan.makan

चक्रवात ने कर दिया तहस नहस

चक्रवात ने कर दिया तहस नहस

धनुषकोटि की प्राकृतिक सुंदरता तहस-नहस हो गई। इस आपदा के बाद यहां आने वाले लोगों ने कई अजीबोगरीब हलचलें महसूस की, उन्हें अपने आसपास किसी के होने का आभास होता था।
PC:ILAKKIA KAMARAJ

पर्यटन

पर्यटन

धनुषकोटि में आप भारतीय महासागर के गहरे और उथले पानी को बंगाल की खाड़ी के छिछले और शांत पानी से मिलते हुए देख सकते हैं। क्योंकि समुद यहां छिछला है, तो आप बंगाल की खाड़ी में जा सकते हैं और रंगीन मूंगों, मछलियों, समुद्री शैवाल, स्टार मछलियों और समुद्र ककड़ी आदि को देख सकते हैं।PC: rajaraman sundaram

धनुषकोटि में क्या घूमे

धनुषकोटि में क्या घूमे

धनुषकोड़ी समुद्र तट, कुछ प्रमुख आकर्षणों में से एक है। सफेद रेत से भरा यह समुद्र तट सुनसान है। भीडभाड़ ना होने के कारण आप इस समुद्री किनारे पर एल लंबी वाक का आनन्द उठा सकते हैं।
PC:rajaraman sundaram

चर्च

चर्च

1964 में, वापस धुकुशोद्दी पर चक्रवात प्रभावित होने से पहले, एक रेलवे स्टेशन और कस्बे के करीब का चर्च था। वे चक्रवात में नष्ट हो गए, लेकिन आज भी चर्च के अवशेषों को यहां देखा जा सकता है।
PC:Rajaraman sundaram

एडम का पुल

एडम का पुल

एडम पुल को राम का पुल या राम सेतु भी कहा जाता है। यह भारत के धनुषकोडी, पाम्बान द्वीप से शुरू होता है और श्रीलंका में मन्नार द्वीप तक फैली हुआ है। पाम्बन द्वीप भारत से एक पाम्बन ब्रिज के जरिये जुड़ा हुआ है जबकि मन्नार द्वीप एक पुल के माध्यम से श्रीलंका से जुड़ा हुआ है।
PC: wikimedia.org

पाम्बान आइलैंड

पाम्बान आइलैंड

धनुशकोड़ी से करीब 20 किमी दूर स्थित पाम्बान आइलैंड है। गहरे नीले समुद्र सबसे सुंदर द्वीपों में से एक है। यात्री पंबन ब्रिज को पार करके वहां जा सकते हैं।इस द्वीप को रामेश्वरम द्वीप के नाम से भी जाना जाता है।
PC: KARTY JazZ

मन्नार समुद्री राष्ट्रीय उद्यान

मन्नार समुद्री राष्ट्रीय उद्यान

मन्नार समुद्री राष्ट्रीय उद्यान की खाड़ी देश में कुछ समुद्री राष्ट्रीय उद्यानों में से एक है। इस पार्क में 21 द्वीपसमूह मुहैयाहट, चिड़चिड़ाहट, समुद्र तटों और जंगलों के साथ होते हैं।सरकार ने पंबन को 1 9 86 में संरक्षित क्षेत्र के रूप में तूतीकोरिन बैरियर रीफ के रूप में घोषित किया। समुद्री पार्क में कई प्रकार की मछली, समुद्री घोड़े, डॉल्फ़िन और जलीय पौधों आदि है। यहां कई कछुए भी हैं, जिनमें से कुछ 200 वर्ष से अधिक पुराने हैं।

रामार पाथम

रामार पाथम

धनुषकोड़ी से लगभग 20 किमी दूर रामार पाथम मंदिर है। माना जाता है कि मंदिर एक पत्थर पर भगवान राम के पड़ चिन्ह हैं। यह माना जाता है कि यह इस जगह पर ही, भगवान हनुमान ने भगवान राम को बताया कि उन्हें श्रीलंका में देवी सीता मिली थी।PC:Shubham Gupta

कैसे पहुंचे धनुषकोटि

कैसे पहुंचे धनुषकोटि

रामेश्वरम से धनुषकोटि की दूरी महज 20 किमी है जिसे आधे घंटे में पूरा किया जा सकता है।PC: rajaraman sundaram

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