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हालेबिडु, कर्नाटक के होयसलाये राजवंशों का विशाल ऐतिहासिक साम्राज्य

By Khushnuma

मैसूर से तक़रीबन 150 किलोमीटर की दूरी पर हालेबिडु दक्षिण भारत के एक सदियों पुराने हिन्दू राजवंश होयसलाये वंश के गौरव का एक बचा हुआ टुकड़ा है यहाँ का इतिहास तो काफी लंबा है ही साथ ही यहाँ की कहानियां भी कई हैं।
होयसलाये वंश के राज्य काल के दौरान बहुत सारे मंदिरों का निर्माण हुआ लेकिन इन 1500 बनाये हुए मंदिरों में आज केवल 40 मंदिर बचे हुए हैं। आज भी यह सवाल गूंजता है कि इतने सफल, ताकतवर और साहसी राजाओं का साम्राज्य ख़त्म कैसे हुआ इसका जवाब केवल हैलेबिडु जाकर ही मिल सकता है तो क्यों न इस वेकेशन सैर की जाए एक ऐतिहासिक विशाल साम्राज्य हैलेबिडु की।
जहाँ आप कलात्मक शैली की अद्भुत नक्काशियों को करीब से महसूस कर सकेंगे। जहाँ की हर दीवार पर एक आलीशान इबारत लिखी हुई है।
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होयसलेश्वर मंदिर हालेबिडु,कर्नाटक

होयसलेश्वर मंदिर हालेबिडु,कर्नाटक

हैलेबिडु,कार्नाटक का विशाल भूतकाल साम्राज्य
Image Courtesy:MGA73bot2

होयसल मूर्तिकला शैली,हालेबिडु

होयसल मूर्तिकला शैली,हालेबिडु

वास्तविक वास्तुयोजना के हिसाब से होयसल मंदिर केशव मन्दिर और हलेबिड के मन्दिर सोमनाथपुर और अन्य दूसरों से भिन्न हैं।
Image Courtesy:Vaishalee

होयसल मंदिर

होयसल मंदिर

ऐसा कहा जा सकता है कि होयसल कला का आरंभ ऐहोल, बादामी और पट्टदकल के प्रारंभिक चालुक्य कालीन मंदिरों में हुआ
Image Courtesy:Arian Zwegers

होयसलेश्वर मन्दिर, कर्नाटक

होयसलेश्वर मन्दिर, कर्नाटक

होयसलों की राजधानी हलेबिड में सबसे प्रमुख भवन होयसलेश्वर मन्दिर है। शिव को समर्पित है।
Image Courtesy:Magnus Manske

केशव मन्दिर,हालेबिडु

केशव मन्दिर,हालेबिडु

वास्तविक वास्तुयोजना के हिसाब से होयसल मंदिर केशव मन्दिर और हलेबिड के मन्दिर सोमनाथपुर और अन्य दूसरों से भिन्न हैं।
Image Courtesy:Dineshkannambadi

होयसल मंदिर के सामने का दृश्य

होयसल मंदिर के सामने का दृश्य

स्तम्भ वाले कक्ष सहित अंतर्गृह के स्थान पर इसमें बीचों बीच स्थित स्तंभ वाले कक्ष के चारों तरफ बने अनेक मंदिर हैं, जो तारे की शक्ल में बने हैं।
Image Courtesy:Cropbot

होयसल मूर्तिकला शैली

होयसल मूर्तिकला शैली

कई मंदिरों में दोहरी संरचना पायी जाती है। इसके प्रमुख अंग दो हैं और नियोजन में प्राय: तीन चार और यहाँ तक कि पांच भी हैं।
Image Courtesy:Ankur P

हालेबिडु मंदिरों की नक्काशी

हालेबिडु मंदिरों की नक्काशी

अपनी प्रसिद्धि के चरमकाल में इस शैली की एक प्रमुख विशेषता स्थापत्य की योजना और सामान्य व्यवस्थापन से जुड़ी है।
Image Courtesy:Ras67

हालेबिडु की अद्भुत नक्काशियां

हालेबिडु की अद्भुत नक्काशियां

इसमें बलुई पत्थर के स्थान पर पटलित या स्तारित चट्टान का प्रयोग किया गया क्योंकि इस पर तक्षण कार्य अच्छी तरह से किया जा सकता है।
Image Courtesy:Ramanathan.k.i

नंदी मन्दिर, हालेबिडु की अद्भुत नक्काशियां

नंदी मन्दिर, हालेबिडु की अद्भुत नक्काशियां

यह अलंकृत शैली में बना एक वैष्णव मंदिर है।
Image Courtesy:Lomita

केशव मन्दिर, हालेबिडु की अद्भुत नक्काशियां

केशव मन्दिर, हालेबिडु की अद्भुत नक्काशियां

मंडप के हर स्तंभ पर ख़ूबसूरत नक़्क़ाशी की गई है।
Image Courtesy:Ramanathan.k.i

शिव-पार्वती , हालेबिडु की अद्भुत नक्काशियां

शिव-पार्वती , हालेबिडु की अद्भुत नक्काशियां

शिव को समर्पित है। इसे अलंकृत निर्माण शैली का एक श्रेष्ठ उदाहरण माना जा सकता है।
Image Courtesy:Calvinkrishy

सोमनाथपुर का मंदिर, हालेबिडु की अद्भुत नक्काशियां

सोमनाथपुर का मंदिर, हालेबिडु की अद्भुत नक्काशियां

नरसिंह तृतीय द्वारा निर्मित मंदिरों में सोमनाथपुर का प्रसिद्ध केशव मंदिर है
Image Courtesy:Ankur P

हालेबिडु गार्डन, हालेबिडु की अद्भुत नक्काशियां

हालेबिडु गार्डन, हालेबिडु की अद्भुत नक्काशियां

शिल्पकारों द्वारा एकाश्मक अखंडित चट्टान को बड़ी लेथ पर घुमाकर इच्छित आकार देने की क्रिया के चलते स्तंभों को विशिष्ट रूप मिलाया जाता था।
Image Courtesy:Soham Banerjee

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