भारत के उत्तर पूर्वी राज्यों में से एक राज्य है अरुणाचल प्रदेश जिसकी खूबसूरती पर्यटकों को खूब लुभाती है। अरुणाचल में जाइरो एक छोटा सा हिल स्टेशन है जोकि समुद्र तल से 5754 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। अपनी खूबसूरती की वजह से ही यह शहर यूनेस्को के विश्व विरासत स्थलों में से एक हैं।
जाइरो पाइन के पेड़ों से भरी पहाड़ियों से घिरा हुआ है। पूरे क्षेत्र में फैले घने जंगल ही आदिवासी लोगों के घर हैं। जाइरो पौधों और जन्तुओं के मामले में काफी धनी है तथा अपनी विविधता की वजह से प्रकृति प्रमियों के लिए आदर्श स्थान बनी हुई है।
जाइरो में आदिवासी लोगों का प्रकृति से बेहद लगाव है,वह प्रकृति को भगवान की तरह पूजते हैं और खुद को इससे जुड़ा हुआ पाते हैं। वहां के लोग खेतो के अलावा हस्तशिल्प तथा हैन्डलूम उत्पादों को बनाकर अपना जीवनयापन करते हैं। जाइरो में घूमने की जगह........

जीरो पूटु
इसे आर्मी पूटु के नाम से भी जाना जाता है। आजादी के बाद यहां पर अरुणाचल प्रदेश के पहले प्रशासनिक केन्द्र की स्थापना की गई थी। इसके बाद छठे दशक में यहां पर सेना के कैम्प का निर्माण किया गया।
PC: wikimedia.org

डोलो मांडो
हपोली से 2 किलोमीटर की दूरी पर स्थित डोलो-मांडो डोलो और मांडो के प्रेम-संबंध के लिए प्रसिद्ध है। यहां से जाइरो और हपोली शहर के खूबसूरत दृश्य देखे जा सकते हैं।

तारीन मछली फार्म
पर्यटकों के लिए पसंदीदा जगहों में से एक 'मछली फार्म' हपोली से 3.5 किमी. की दूरी पर स्थित है। यह बहुत ही खूबसूरत जगह है। यहां आने वाले पर्यटक अनेक प्रजातियों की खूबसूरत मछिलयों को देख सकते हैं।

मेघना गुफा मंदिर
मेघना गुफा मंदिर ज़ीरो के लोकप्रिय 'पर्यटन स्थलों' में से एक है। यह प्राचीन गुफा मंदिर 5000 वर्ष पूर्व है । 300 फीट की ऊंचाई पर स्थित, मंदिर आसपास के क्षेत्र के शानदार दृश्य प्रस्तुत करता है। मैजेस्टिक पहाड़ों, घने जंगल प्राकृतिक सुन्दरता को बखूबी दर्शाता है।

टैली घाटी वन्यजीव अभयारण्य
टैली घाटी 337 वर्ग किमी में फैला हुआ वन्यजीव अभयारण्य ज़ीरो के प्रमुख आकर्षणों में से एक है। अभयारण्य विभिन्न लुप्तप्राय प्रजातियों का घर है। बहुत कम मानवीय हस्तक्षेप का आनंद लेने वाले सुंदर वनों में वनस्पतियों और जीवों की एक विस्तृत श्रृंखला है रजत देवदार पेड़, ऑर्किड, बांस और फ़र्न के शानदार पर्वतमाला देखी जा सकती हैं। तलली घाटी वन्यजीव अभयारण्य को जैव विविधता क्षेत्र कहा जाता है।

कब आयें?
जाइरो की जलवायु मौसम के अनुसार बदलती रहती है. वैसे तो पर्यटक पूरे साल भर जाइरो जाते हैं लेकिन यदि आपको वहां के मनमोहक दृश्य को देखना है अक्टूबर तथा नवम्बर का महीना आपके लिए सही रहेगा।

कैसे पहुंचे?
हवाई सफर: तेजपुर में ही सबसे नजदीकी हवाई अड्डा है। यहां से पर्यटक जाइरो के लिए टैक्सी या बस ले सकते हैं।
रेल से: तेजपुर, जाइरो पहुंचने का नजदीकी रेलवे स्टेशन है। यह जाइरो से 300 किमी की दूरी पर है। यहां से पर्यटक जाइरो के लिए टैक्सी या बस ले सकते हैं।
रोड से: इटानगर से जाइरो के लिए राज्य सरकार की बसें चलती हैं।
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