Search
  • Follow NativePlanet
Share
» »दुनिया में सबसे गहरी है राजस्थान की यह बावड़ी, नीचे उतरने वाला भूल जाता है वापस लौटने का रास्ता

दुनिया में सबसे गहरी है राजस्थान की यह बावड़ी, नीचे उतरने वाला भूल जाता है वापस लौटने का रास्ता

राजस्थान में कदम-कदम पर आपको चौंकाने वाली और कई ऐतिहासिक जगहें मिलेंगी। इसी क्रम में हम आपको राजस्थान की एक बावड़ी के बारे में बता रहे हैं, जो न सिर्फ भारत बल्कि दुनिया की सबसे गहरी बावड़ी कहलाती है। साथ ही इस बावड़ी के साथ जुड़ी लोककथाएं भी इसे काफी रहस्यमयी बनाती है।

हम बात कर रहे हैं राजस्थान के दौसा जिले में स्थित आभानेरी गांव की चांद बावड़ी के बारे में। कहा जाता है कि इस बावड़ी की सीढ़ियां किसी भूलभूलैया की तरह बनी हुई हैं। कहा जाता है कि चांद बावड़ी में नीचे तक उतरने वाला मनुष्य कई बार ऊपर आने की सीढ़ियां नहीं खोज पाता और बावड़ी में ही गुम होकर रह जाता था।

chand bawari

इतिहासकारों से मिली जानकारी के अनुसार चांद बावड़ी का निर्माण निकुंभ वंश के स्थानीय शासक मिहिर भोज (जिन्हें चांद के नाम से भी जाना जाता था) ने बनवाया था। चांद बावड़ी का नाम उन्हीं के नाम पर रखा गया था। कहा जाता है कि इस बावड़ी का निर्माण 9वीं शताब्दी में करवाया गया था। स्थानीय लोककथाओं की मानें तो इस बावड़ी को एक रात में तैयार कर लिया गया था। कुछ लोगों का तो कहना है कि इस बावड़ी को तैयार करने में भूत-प्रेतों का हाथ रहा है।

abhaneri chand baori

भूलभूलैया जैसी हैं सीढ़ियां

आभानेरी की चांद बावड़ी को दुनिया की सबसे गहरी बावड़ी माना जाता है। इसकी गहराई 100 फीट से भी अधिक मानी जाती है। बावड़ी में 3500 से अधिक सीढ़ियां बनी हुई हैं। इसका फायदा यह होता है, कि पानी चाहे बावड़ी में कितना भी नीचे चला जाए लेकिन नीचे उतरकर पानी भरा जा सकता है।

लेकिन इसके बावजूद बावड़ी में नीचे उतरने से लोग कतराते थे। कहा जाता है कि 13 मंजिला ऊंची इस बावड़ी की सीढ़ियां भूलभूलैया जैसी बनी हुई हैं। कोई भी व्यक्ति जिस सीढ़ि से नीचे उतरता था, उस सीढ़ि से वापस नहीं लौट पाता था।

rajasthan abhaneri chand baori

बनाया गया था नृत्य कक्ष और गुप्त सुरंग

इतिहासकारों के मुताबिक चांद बावड़ी चांदनी रात में दूध की तरह सफेद दिखाई देती है। इस बावड़ी में एक नृत्य कक्ष के अलावा लगभद 17 किमी लंबी गुप्त सुरंग भी बनी हुई है। कहा जाता है कि यह सुरंग आभानेरी गांव के पास ही स्थित भांडोरेज गांव में निकलती है। कहा जाता है कि जब भी भीषण युद्ध की परिस्थिति उत्पन्न होती थी, तब राजा और उनके सैनिक सुरक्षित बचकर निकलने के लिए इस सुरंग का इस्तेमाल किया करते थे।

durga idol in abhaneri chand baori

इस बावड़ी को 13 मंजीलों में बनाया गया था, जहां तक पहुंचने के लिए 3500 सीढ़ियां बनी हैं। इन बावड़ी की सबसे निचली मंजिल पर भगवान गणेश और महिषासुर मर्दिनी की विशाल और भव्य मूर्तियां बनायी गयी हैं, जो इस बावड़ी की सुन्दरता को कई गुना बढ़ा देती है।

More News

    Read more about: rajasthan history travel
    Notifications
    Settings
    Clear Notifications
    Notifications
    Use the toggle to switch on notifications
    • Block for 8 hours
    • Block for 12 hours
    • Block for 24 hours
    • Don't block
    Gender
    Select your Gender
    • Male
    • Female
    • Others
    Age
    Select your Age Range
    • Under 18
    • 18 to 25
    • 26 to 35
    • 36 to 45
    • 45 to 55
    • 55+