भारत में आज भी मौजूद है कोहिनूर हीरा और इसे देखना है तो आपको राजस्थान आना पड़ेगा। अरे नहीं, आपने इतिहास में अब तक जो पढ़ा है, वह गलत नहीं है। कोहिनूर हीरा ब्रिटेन की पूर्व महारानी एलिजाबेथ द्वितीय की ताज में ही जड़ा हुआ है। लेकिन राजस्थान के जयपुर में स्थित खजाना महल में भी आप एक कोहिनूर का नायाब हीरा देख सकते हैं।

हां, यह हीरा असली नहीं बल्कि कोहिनूर की रेप्लिका है। सिर्फ कोहिनूर ही नहीं बल्कि इस म्यूजियम में आपको कई और खास चीजें भी देखने को मिलेंगी। यहां बॉलीवुड की कई फिल्मों में इस्तेमाल हुए महंगे गहने, शार्क के दांत से लेकर सोने से बनी शराब तक रखी हुई है।
जयपुर वैक्स म्यूजियम से मिली प्रेरणा
'खजाना महल' एक 87 वर्षीय वृद्ध डॉ. रजनीकाथ शाह का सपना है, जिसे बनाने की प्रेरणा उन्हें जयपुर के वैक्स म्यूजियम को देखने से मिली। उक्त वृद्ध न्यूयॉर्क के रहने वाले हैं। इसके बाद खजाना महल को अनूप श्रीवास्तव ने बनवाया। जून 2022 में इस म्यूजियम को आम लोगों के लिए खोल दिया गया।

खजाना महल में हाईटेक और मानव सुरक्षा व्यवस्था के अलावा 3 फीट मोटी दिवार भी बनायी गयी है, ताकि बेशकीमती वस्तुओं की सुरक्षा को सुनिश्चित किया जा सके। इस म्यूजियम को एक 200 साल पुरानी हवेली, जिसे 'चीता की हौदी बारुदखाना' के नाम से जाना जाता था, में बनाया गया है। इस हवेली को खजाना महल में परिवर्तित करने में करीब 2.5 सालों का समय लग गया।
क्या-क्या देख सकते हैं
खजाना महल में कई तरह की चीजें हैं, जिन्हें आप देख सकते हैं। यहां फ्लोटिंग स्टोन रखी हुई है। खजाना महल से अरावरी पर्वतश्रृंखला स्पष्ट दिखाई देती है। इसके अलावा पीकॉक गार्डन और लेपर्ड प्वाएंट भी यहां देखने लायक होते हैं। लेकिन जो चीज सबसे ज्यादा पर्यटकों को आकर्षित करती है, वह है कई प्रसिद्ध फिल्मों में एक्टर-एक्ट्रेसेस द्वारा पहने गये बेशकीमती गहनों को भी यहां प्रदर्शित किया गया है। खजाना महल में प्रवेश करते ही सबसे पहले दिखाई देता है बॉलीवुड मुवी जोन।

यहां जिन फिल्मों में इस्तेमाल हुए जेवरों को आप देख सकते हैं उनमें शामिल हैं :
- सलमान खान द्वारा पहनी गयी कलंगी (फिल्म वीर)
- सलमान खान की पहनी देवी सरस्वती का लॉकेट (फिल्म वीर)
- जैकी श्रॉफ द्वारा पहनी गयी कलंगी (फिल्म वीर)
- बेशकीमती हार जिसे हेमा मालिनी ने पहना था
- अवॉर्ड शो में रेखा द्वारा पहना गया हार
- मुमताज महल का ताज (फिल्म ताजमहल)
- माधुरी दीक्षित के गहने (फिल्म देवदास)
- मधुबाला के गहने (फिल्म मुगल-ए-आजम)
- निगार खान का ताज (फिल्म ताजमहल)

और क्या-क्या है खजाना महल में खास
खजाना महल में आपको कई तरह के बेशकीमती जवाहरातों से बने सामानों के अलावा काफी खास चीजें भी देखने को मिलेंगी। इस म्यूजियम में कुर्ग से मिली नेचुरल रुबी में भगवान सूर्य की प्रतिमा प्रदर्शित है। इसे बनने में 4 सालों का समय लग गया था। म्यूजियम का मुख्य आकर्षण 111 किलो का विशालकाय एक अंगुठी भी है जिसमें महंगे हीरे और जवाहरात जड़े हुए हैं। खजाना महल की छत पर शानदार कलाकारी की गयी है जो पूरी तरह से हैंड पेंटेड है।

इसे सिर्फ एक कारिगर ने 9 दिनों में बनाया है। यहां गोल्ड वाइन, गोल्ड कोटेड बादाम और कैंडी भी प्रदर्शित की गयी है। खजाना महल में सोने के तारों से बना पैर पोंछने का पायदान भी मौजूद है। पुराने जमाने में महिलाएं जो 16 श्रृंगार करती थी, उसे भी यहां एक महिला के पुतले में दर्शाया गया है। खजाना महल में एक कमरा ऐसा भी है, जिसकी दिवारों पर रत्न व जवाहरात जड़े गये हैं। राजस्थान के प्रतापगढ़ का दुनिया भर में एकमात्र परिवार जो थेवा ज्वेलरी बनाता है, उसे भी दिखाया गया है। खजाना महल में शार्क की दांत और ममी का स्टोन भी प्रदर्शित किया गया है।
एंट्री फीस और समय

खजाना महल में प्रवेश करने के लिए टिकट लेना पड़ेगा। भारतीय पर्यटकों के लिए टिकट का मूल्य ₹350 और विदेशी सैलानियों के लिए टिकट का मूल्य ₹1000 रखा गया है। टिकट लेने के बाद और खजाना महल में प्रवेश करने से पहले प्रत्येक पर्यटक को अपने जूतों पर शूकवर लगाना अनिवार्य होता है। ऐसा इसलिए क्योंकि कहा जाता है कि म्यूजियम में रखे गये सामान अमूल्य हैं और जूतों की धूल से कहीं वे खराब ना हो जाएं। म्यूजियम सुबह 8 बजे से शाम को 5 बजे तक सैलानियों के लिए खुला रहता है।



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