जंगल और प्राकृतिक परिवेश में बाघों को देखने के लिए उत्साहित लोगों का सबसे पसंदीदा जगह राजस्थान का रणथंभौर नेशनल पार्क है। दुनिया भर से एडवेंचर के शौकिन खास तौर पर यहां घूमने और बड़ी तादाद में रहने वाले रॉयल बंगाल टाइगर्स का दीदार करने आते हैं। लेकिन कहा जाता है कि जंगल में इन पशुओं का दिखना किस्मत पर निर्भर करता है।
कभी पर्यटकों के समूह को इन वन्य जीवों के दिनचर्या से जुड़ी कोई ऐसी बात दिख जाती है, जो आम तौर पर लोगों को पता ही नहीं होती है। कई बार घंटों इंतजार करने और पूरे जंगल की खाक छानने के बावजूद इन बाघों की एक झलक के लिए पर्यटक तरस जाते हैं। रणथंभौर नेशनल पार्क 392 वर्ग किमी में फैला एक विशाल क्षेत्र है जिसका मुख्य आकर्षण यहां के रॉयल बंगाल टाइगर ही होते हैं।

इसके साथ ही यहां तेंदुए, स्लॉथ, लकड़बग्घा, सांभर हिरण और पक्षियों के 300 से अधिक प्रजातियां पायी जाती हैं। जिन लोगों को वाइल्डलाइफ फोटोग्राफी का शौक होता है, उनकी पसंदीदा जगहों की लिस्ट में रणथंभौर नेशनल पार्क जरूर शामिल होता है।
अगर आप भी इस साल छुट्टियों में या फिर खास तौर पर रणथंभौर जाकर बाघों को उनके प्राकृतिक परिवेश में देखने के लिए छुट्टियां लेने के बारे में सोच रहे हैं, तो हम आपको जंगल के उन क्षेत्रों के बारे में बता देते हैं, जहां इन बाघों के सबसे अधिक दिखने की संभावना होती है।
चुनें सही सफारी ज़ोन
रणथंभौर नेशनल पार्क में कुल 10 सफारी ज़ोन हैं, जिसमें से हर ज़ोन की अलग सुन्दरता और खासियत है। हर ज़ोन में अलग तरह के वन्य जीव या पक्षी दिख सकते हैं। लेकिन बात जब बाघों की आती है, तो कुछ खास ज़ोन ही हैं, जहां इन बाघों के नज़र आने की संभावनाएं बढ़ जाती है।

क्योंकि बाघों का अपना इलाका होता है और उनके शिकार के लिए पशुओं की उपलब्धता के आधार पर ही बाघों के दिखने की संभावनाएं अधिक होती हैं।
कौन से ज़ोन में है सबसे अधिक संभावना
रणथंभौर नेशनल पार्क के कोर एरिया में मौजूद है गेट नंबर 1 से 5। माना जाता है कि बाघों के दिखने की सबसे अधिक संभावना इन 5 गेट क्षेत्रों में ही होती है। जंगल के गेट नंबर 1 से 3 के बीच सबसे अधिक घने जंगल, पानी के तालाब और पथरिले क्षेत्र हैं, जो इन्हें बाघों के रहने और छिपने के लिए आदर्श जगह बनाते हैं।
पर्यटकों और जंगल सफारी के गाईड का मानना है कि गेट नंबर 3 जिसे सुल्तानपुर गेट भी कहा जाता है, में बाघ सबसे अधिक नजर आते हैं।
गेट नंबर 6 से 10?
रणथंभौर नेशनल पार्क के बफर ज़ोन में मौजूद है गेट नंबर 6 से 10। इन सभी गेट के बीच में घास के मैदान हैं जहां बाघों के दिखने की संभावना तो होती है लेकिन वह किस्मत की बात होती है। कोर ज़ोन के मुकाबले बफर ज़ोन में बाघों के नजर आने की संभावना काफी कम मानी जाती है।

गेट नंबर 6 और 7 ऐसे क्षेत्र हैं, जहां बफर ज़ोन में सबसे अधिक बाघ दिखने की बातें सामने आती हैं। इसलिए हर साल वैसे पर्यटक जो बफर ज़ोन में जंगल सफारी के लिए जाना पसंद करते हैं, वो गेट नंबर 6 और 7 में ही आते हैं।
अगर टाइगर सफारी की बात को कुछ देर के लिए अलग भी रख दिया जाए तो रणथंभौर नेशनल पार्क की खुबसूरती ही किसी भी पर्यटक का मन मोहने के लिए काफी है। अगर पर्यटक सही सफारी ज़ोन का चुनाव कर पाते हैं तो बाघों के दिखने की संभावना बढ़ जाती है।
अगर किसी कारणवश बाघ दिखाई नहीं देता है तो रणथंभौर नेशनल पार्क किसी भी पर्यटक को खाली हाथ वापस नहीं लौटाता है। इस जंगल के हर कोने में इतनी हरियाली और सुन्दरता बिखरी पड़ी है कि पर्यटक उसमें ही खो जाते हैं। इसके अलावा यहां बड़ी तादाद में दूसरे जंगली जानवरों का भी बसेरा है, जो कहीं न कहीं जरूर दिखाई देते हैं।



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