लंबे अर्से के इंतजार के बाद अयोध्या में राम मंदिर बनने का सपना अब धीरे-धीरे साकार हो रहा है। अयोध्या की पावन धरती पर जैसे-जैसे राम मंदिर आकार ले रही है, उसके साथ ही अयोध्या नगरी को भी भगवान श्रीराम के रंग में रंगने की तैयारियां भी चल रही हैं। अयोध्या को सजाने के साथ-साथ देश के हर एक कोने से जोड़ने की कोशिश भी की जा रही है।

ओमकारेश्वर से शिवलिंग, मंदिर की चौखट और दरवाजे महाराष्ट्र से, पश्चिम बंगाल में बनी भगवान राम की मूर्तियों से पूरी अयोध्या नगरी को सजाया और संवारा जा रहा है। अब अयोध्या में एक ऐसा संग्रहालय बनाने का फैसला लिया गया है जिसमें लोगों को देशभर में मौजूद सभी मंदिरों की झलक एक जगह पर ही मिल सकेगी। इतना ही नहीं, मैडम तुसाद म्यूजियम के तर्ज पर अयोध्या में Wax म्यूजियम बनाने के बारे में भी सोच-विचार किया जा रहा है।
Temple म्यूजियम : दुनिया देखेगी भारत की समृद्ध वास्तुकला
भारत के मंदिर ना सिर्फ सैंकड़ों साल पुराने हैं, बल्कि कई मंदिरों में काफी जटिल वास्तुकला भी देखने को मिलती है। इन मंदिरों की दिवारों, स्तंभों और यहां तक की छतों पर जटिल डिजाइन बनाएं रहते हैं, जो कई बार किसी वैज्ञानिक सिद्धांत पर भी निर्भर करते हैं। हैरान करने वाली बात यह होती है कि जिस समय इन वैज्ञानिक सिद्धांतों की खोज की गयी होती है, उससे काफी सालों पहले इन मंदिरों का निर्माण हो चुका होता है।

इससे ही यह पता चलता है कि भारत की वास्तुकला किसी Advanced और शानदार थी। यहीं कारण है कि भारत के इन पुराने मंदिरों के प्रति शोधकर्ताओं का आकर्षण हमेशा बना रहता है। उत्तर प्रदेश में प्रस्तावित टेम्पल म्यूजियम में पूजा, शिक्षा, भारतीय समाज और संस्कृति से जुड़े सभी पहलुओं की गहराई से जांच की जाएगी।
महत्वपूर्ण विषयों पर बनेगी गैलरी
जानकारी के मुताबिक प्रस्तावित टेम्पल म्यूजियम में 12 गैलरी बनाए जाएंगी, जिसमें मंदिरों से संबंधित अलग-अलग पहलुओं के बारे में बताने का प्रयास किया जाएगा। इनमें सनातन धर्म में भगवान की अवधारणा, पूजा की पद्धतियों, मंदिरों का महत्व, मंदिरों की वास्तुकला, विभिन्न प्रकार के धार्मिक अनुष्ठानों की शुरुआत आदि के बारे में दर्शकों को बताने का प्रयास किया जाएगा। इन Galleries में मंदिरों का धार्मिक महत्व के अलावा सामाजिक और सांस्कृतिक महत्व, उनके निर्माण में अपनाया गया वैज्ञानिक दृष्टिकोण और वास्तु व स्थापत्य कला की विविधता के बारे में लोगों को बताने का प्रयास किया जाएगा।
कौन-कौन से मंदिर होंगे प्रदर्शित

अयोध्या के Temple म्यूजियम में देश भर में फैले लाखों मंदिरों में से किन-किन मंदिरों को प्रदर्शित किया जाएगा, किन मंदिरों के बारे में विस्तार से बताया जाएगा इसका निर्णय अभी तक नहीं किया गया है। जानकारी के मुताबिक यह म्यूजियम 10 एकड़ की भूमि पर बनाया जाएगा, लेकिन जमीन चुनने का काम चल रहा है। म्यूजियम में म्यूजियम हॉल, एक बागिचा, एक तालाब, कैफे और बेसमेंट पार्किंग बनाने का फैसला किया गया है।
नगर का इतिहास बताएगा Wax म्यूजियम
मैडम तुसाद म्यूजियम की तर्ज पर अयोध्या में एक विशाल वैक्स म्यूजियम भी तैयार करने का प्रस्ताव दिया गया है जिसका थीम रामायण होगा। बता दें, हाल ही में उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से रामकथा पर आधारित डिजिटल गैलरी का उद्धाटन अयोध्या में किया गया है। वैक्स म्यूजियम को 3D मूर्तियों और तस्वीरों से सजाया जाएगा, ताकि देखने पर वे बिल्कुल सजीव लगे। इस म्यूजियम को तैयार करने के लिए देश ही नहीं विदेशों की कई कंपनियों से भी संपर्क किया जा रहा है। चयनिय कंपनी के साथ अयोध्य नगर निगम 20 सालों का करार करेगी। चयनित कंपनी को वैक्स म्यूजियम तैयार करने के साथ-साथ इसकी मरम्मत और रखरखाव की जिम्मेदारी भी उठानी पड़ेगी।
रामायणकाल के बारे में दी जाएगी जानकारी

मिली जानकारी के अनुसार अयोध्या में प्रस्तावित वैक्स म्यूजियम को बनाने के लिए शहर के अफीम कोठी के पीछे की जगह का चुनाव किया गया है। पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए इस म्यूजियम में कई तरह की चीजें बनायी जाएगी जिसमें रामायणकालीन इतिहास की जानकारी, देश की सांस्कृतिक व आध्यात्मिक इतिहास की जानकारी, देश को सशक्त बनाने वाले महापुरुषों की मोम की मूर्तियां आदि लगायी जाएंगी।
बता दें, निर्माणाधीन भव्य राम मंदिर के अलावा अयोध्या में कम से कम 6,000 मंदिर हैं। सामान्य दिनों में यहां लगभग 3 लाख पर्यटक आते हैं। लेकिन किसी खास अवसर पर जैसे मकर संक्रांति, राम नवमी, सावन, चौदर कोस परिक्रमा, पंच कोस परिक्रमा, दीपावली के मौके पर यहां आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 10 लाख पर पहुंच जाती है। संभावना जतायी जा रही है कि अगले साल यानी 2024 में जनवरी के तीसरे सप्ताह में अयोध्या में राम जन्मभूमि पर बन रहे भव्य मंदिर में श्रीरामलला की मूर्ति की प्राणप्रतिष्ठा के साथ मंदिर के द्वार आम लोगों के लिए खोल दिये जाएंगे। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं अयोध्या में उपस्थित रह सकते हैं।



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