
कला की कोई सीमा नहीं होती, इसकी अपनी ही एक अलग दुनिया होती है। एक मूर्तिकार कलाकार होता है, अभिनेता कलाकार होता है, नृतक कलाकार होता है यहाँ तक कि कपड़ों में कढ़ाई करने वाला भी एक कलाकार ही होता है। ज़रूरी नहीं कि हर किसी के पास ये कला का ज्ञान हो, कइयों को यह जन्म से भगवान का दिया हुआ वरदान भी होता है। इसी तरह सैंड आर्ट भी एक शानदार कला शैली है, जो भारत में तेज़ी से उभर रहा है।
बालू को आकृति देना कोई आसान काम नहीं है , पर भारत में कई ऐसे कलाकार हैं जो समुद्री तट पर बालुओं से जादू करते हैं।जैसा कि यह कला अभी उन्नति के कगार पर है, इसलिए इसके प्रशिक्षण के लिए ज़्यादा अवसर अभी उपलब्ध नहीं हैं। अभी हाल ही के समय में सुदर्शन पट्टनायक, नितीश भारती और मानस कुमार साहू जैसे सैंड आर्टिस्ट दुनिया के सामने अपनी अद्भुत कला की वजह से प्रसिद्द हुए हैं।
हम आए दिन दुनिया के कई सोशल मीडिया वेबसाइट्स पर इनके शानदार कामों को देख प्रशंसा करते हैं, पर इन्हें सचमुच में देखना एक अलग ही दिलचस्प आकर्षण होगा। कला के प्रेमियों के लिए जो इस तरह के भव्य सैंड आर्ट को देखने के लिए उत्साही हैं, उनके लिए भारत में दो ऐसे प्रसिद्द सैंड आर्ट डेस्टिनेशन्स मौजूद हैं जहाँ कला की ऐसी अदभुत्ता को देख आप मंत्रमुग्ध हो जाएंगे।
आइये चलते हैं ऐसे ही शानदार और अद्भुत गंतव्यों की ओर जहाँ की कला आपको मंत्रमुग्ध कर देगी।

पुरी बीच
दुनिया के सबसे प्रसिद्द सैंड आर्टिस्ट सुदर्शन पट्टनायक जिन्होंने दुनिया भर में अपनी प्रतिभा की बदौलत खूब नाम कमाया है, भारत के पूर्वी राज्य उड़ीसा से हैं। उन्होंने सबसे पहले पुरी बीच पर समुद्र के किनारे देवी देवताओं की मूर्तियां बनाना शुरू किया।

पुरी बीच
आज वो अपनी सैंड आर्ट की कला में शानदार प्रदर्शन की वजह से पद्मश्री पुरस्कार के विजेता हैं। उनकी कलाओं को आप आये दिन सोशल मीडिया के कई प्लेटफॉर्म्स में देख सकते हैं।

पुरी बीच
पुरी बीच(सुमद्री तट) उन जादुई स्थलों में से एक है, जहाँ आप सुदर्शन पट्टनायक की उत्कृष्ट सैंड आर्ट की कला को पूरी तरह से सराह सकते हैं।

पुरी बीच
गोल्डन सैंड आर्ट इंस्टिट्यूट(जिसे सुदर्शन सैंड आर्ट इंस्टिट्यूट भी कहा जाता है) एक ओपन-एयर इंस्टिट्यूट है, यानि की खुली हवा में बिना छत का प्रशिक्षण संस्थान।
Image Courtesy:Dorajagannath8

पुरी बीच
यहाँ नवोदित कलाकारों को सैंड आर्ट में प्रशिक्षित किया जाता है। यह संस्थान पुरी में समुद्र के किनारे होटल मेय फेयर बीच रिसॉर्ट और पंथनिवास के बीच में स्थित है।

मैसूर रेत मूर्तिकला संग्रहालय(सैंड आर्ट म्यूज़िम)
मैसूर में स्थित रेत मूर्तिकला संग्रहालय भारत के यूनिक(अद्वितीय) संग्रहालयों में से एक है। इस संग्रहालय में कई ऐसे रेत के मॉडल हैं, जो कलाकारों के विशाल प्रतिभा और प्रयासों को बखूबी दर्शाते हैं।

मैसूर रेत मूर्तिकला संग्रहालय(सैंड आर्ट म्यूज़िम)
यह रेत मूर्तिकला संग्रहालय मैसूर में हाल ही में स्थापित हुआ ऐसा आकर्षण है, जिसे आप अपनी मैसूर की यात्रा में देखना न भूलें। एम.एन. गौरी जो इस संग्रहालय के संस्थापक हैं, उन्होंने कला के क्षेत्र में कई अद्भुत और लाजवाब काम किए हैं।
Image Courtesy:స్వరలాసిక

मैसूर रेत मूर्तिकला संग्रहालय(सैंड आर्ट म्यूज़िम)
यह संग्रहालय दर्शकों के लिए रोज़ाना खुला रहता है और यहाँ रेत कला(सैंड आर्ट) के कई शानदार नमूनों को देखना आपके लिए सार्थक होगा।

मैसूर रेत मूर्तिकला संग्रहालय(सैंड आर्ट म्यूज़िम)
जैसा कि सैंड आर्ट अभी विकासशील कला का रूप है, इसमें ध्यान देने की अभी भी बहुत ज़रूरत है। हालाँकि हम रेत की मूर्तियों की खुलकर प्रशंसा करते हैं पर आज भी भारत में कई ऐसी जगह हैं जहाँ लोगों को इस कला को समझने और सराहने की ज़रूरत है।

मैसूर रेत मूर्तिकला संग्रहालय(सैंड आर्ट म्यूज़िम)
हमें हमेशा अपनी देश की ऐसी अद्भुत कलाओं को प्रोत्साहित करते रहना चाहिए। तो आप अगली बार सैंड आर्ट के इन प्रसिद्द गंतव्यों की यात्रा करना न भूलें।



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