अक्सर यात्रा करते वक्त महिलाएं अपनी जरूरतों का सामान रखना भूल जाती हैं। कभी-कभी जल्दबाजी में जरूरत का सामान घर पर छूट जाता है। समस्या तब बड़ी हो जाती है जब कोई महिला हाईवे पर ट्रैवल कर रही हो और अचानक पीरियड्स शुरू हो जाए। खास तौर से हाईवे पर आपको जब सैनिटरी पैड नहीं मिलता है तब दिक्कतें बढ़ जाती हैं। इस समस्या का समाधान करने का बीड़ा सड़क परिवहन, राजमार्ग मंत्रालय ने उठाया है।
विशेष योजना के तहत अब देश के सभी राष्ट्रीय राजमार्गों व एक्सप्रेस वे पर सैनिटरी पैड की वेंडिंग मशीन लगायी जाएंगी। यह काम शुरू हो चुका है और देश भर में अब तक 704 जगहों पर मशीनें स्थापित की जा चुकी हैं।

यह जानकारी सड़क परिवहन, राजमार्ग एवं जहाजरानी मंत्री नितिन गडकरी ने लोकसभा में शीतकालीन सत्र के दौरान दी। हाईवे पर उपलब्ध सुविधाओं से जुड़े एक सवाल के जवाब में उन्होंने बताया कि आम लोगों की यात्रा के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए हर 40-60 किलोमीटर के अंतराल पर वे-साइड एमेनिटीज स्थापित की जाएंगी। इससे न केवल महिलाओं को बल्कि ट्रक ड्राइवरों व बच्चों को भी सुविधा होगी। यनि कि अगर आपका बच्चा छोटा है तो आप हाईवे पर चाइल्ड केयर रूम में उसको लेकर आराम कर सकेंगे।
गडकरी ने लोकसभा में बताया कि हाईवे पर शुरू की जा रही व्यापक सुविधाओं में फूड कोर्ट और रेस्तराँ शामिल भी हैं जहाँ यात्री विभिन्न प्रकार के भोजन का आनंद ले सकते हैं, और उन लोगों के लिए सुविधाजनक स्टोर हैं जहां हर जरूरी सामान उपलब्ध कराया जाएगा। यही नहीं हर 40 से 60 किलोमीटर पर जिम की सुविधा होने से अगर आप बस में बैठे-बैठे थक गये हैं तो वहां पर स्ट्रेचिंग कर सकेंगे।
क्या हैं ये एमिनटीज़
1. सैनिटरी पैड वेंडिंग मशीन (इंसिनरेटर के साथ)
2. फूड कोर्ट / रेस्तरां
3. आवश्यक सामग्री का स्टोर
4. साफ-सुथरे शौचालय
5. पेय जल
6. कार/ बस पार्किंग
7. फर्स्ट एड / मेडिकल रूम साथ में चाइल्ड केयर रूम भी
8. चिल्ड्रेन प्ले एरिया और ओपन जिम
9. सेफ्टी अवेयरनेस कॉर्नर
10. स्थानीय शिल्प के उत्पाद

किन-किन राज्यों में कितनी जगहों पर स्थापित हो चुकी हैं वे साइड एमिनिटीज़
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य न केवल भारत के राजमार्गों पर यात्रा को अधिक आनंददायक बनाना है, बल्कि इसे अधिक सुविधाजनक, सुरक्षित और समावेशी बनाना भी है। इन जगहों पर सुरक्षा के भी इंतजाम किये जाएंगे ताकि रात को यात्रा करने वाले लोग भी यहां रुक कर सुविधाओं का लाभ उठा सकें। उन्होंने कहा कि इस दिशा में काम शुरू हो चुका है और देश भर में अब तक 704 जगहों पर निर्माण पूरा हो चुका है।
राज्य-वार सूची आप नीचे देख सकते हैं -
| राज्य | WSA की संख्या | |
|---|---|---|
1 | आंध्र प्रदेश | 54 |
2 | असम | 11 |
3 | बिहार | 11 |
4 | छत्तीसगढ़ | 8 |
5 | गुजरात | 46 |
6 | हरियाणा | 51 |
7 | हिमाचल प्रदेश | 5 |
8 | जम्मू और कश्मीर | 27 |
9 | झारखंड | 13 |
10 | कर्नाटक | 34 |
11 | केरल | 4 |
12 | मध्य प्रदेश | 76 |
13 | महाराष्ट्र | 39 |
14 | मणीपुर | 8 |
15 | मेघालय | 5 |
16 | ओडिशा | 15 |
17 | पंजाब | 46 |
18 | राजस्थान | 87 |
19 | तमिलनाडु | 30 |
20 | तेलंगाना | 21 |
21 | उत्तर प्रदेश | 54 |
22 | उत्तराखंड | 7 |
23 | पश्चिम बंगाल | 27 |



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