जब भी जिंदगी बोरिंग लगने लगती है तो लोग जंगलों या प्राकृतिक जगहों पर घूमने के लिए निकल पड़ते हैं। हमारे देश में कई नेशनल पार्क व अभयारण्य हैं जिनमें निर्धारित दूरी तर पर्यटकों को बड़े ही आराम से प्रवेश करने दिया जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं, हमारे देश में कुछ नेशनल पार्क ऐसे हैं, जहां प्रवेश करने से पहले विशेष अनुमति की जरूरत होती है।
और कुछ नेशनल पार्क तो ऐसे भी हैं, जहां पर्यटकों को प्रवेश करने की अनुमति ही नहीं दी जाती है। ऐसा इन नेशनल पार्क की संवेदनशील जैव विविधता, वहां के पर्यावरण आदि को ध्यान में रखते हुए ही किया जाता है।

हम यहां कुछ ऐसे ही नेशनल पार्क के बारे में बता रहे हैं, जहां पर्यटकों को प्रवेश करने से पहले विशेष अनुमति की जरूरत होती है -
1. नम्दाफा नेशनल पार्क, अरुणाचल प्रदेश
इस नेशनल पार्क में तेंदुए की कई तरह की प्रजातियां पायी जाती हैं, जिनमें क्लाउडेड लेपर्ड, स्नो लेपर्ड, सामान्य तेंदुआ के साथ-साथ बाघों का यह घर है। इसके अलावा यहां रेड पांडा भी पाए जाते हैं। यह नेशनल पार्क भारत और नेपाल की सीमा पर मौजूद है, जिस वजह से यहां सुरक्षा व्यवस्था भी काफी सख्त है।
संभवतः इसी वजह से अरुणाचल प्रदेश के नम्दाफा नेशनल पार्क में प्रवेश करने से पहले पर्यटकों को विशेष अनुमति की जरूरत होती है। यहां प्रवेश करने से पहले भारतीय नागरिकों को इनर लाइन परमिट (ILP) और विदेशी पर्यटकों को रेस्ट्रिक्टेड एरिया परमिट (RAP) की जरूरत होती है।
2. कंचनजंघा नेशनल पार्क, सिक्किम
सिक्किम का यह नेशनल पार्क यूनेस्को की विश्व धरोहर है। कंचनजंघा की पहाड़ी, शानदार ग्लेशियर आदि से घिरा हुआ यह नेशनल पार्क भारत-चीन-नेपाल की सीमा पर स्थित है, जो एक रेस्ट्रिक्टेड इलाका है। यहां भी प्रवेश करने से पहले भारतीय पर्यटकों को इनर लाइन परमिट (ILP) और विदेशी पर्यटकों को रेस्ट्रिक्टेड एरिया परमिट (RAP) की जरूरत होती है। सिक्किम के पर्यटन विभाग की ओर से इन सभी परमिट को जारी किया जाता है।

3. नटंग्की नेशनल पार्क, नागालैंड
दूसरे नेशनल पार्क से अलग नागालैंड के नटंग्की नेशनल पार्क में आमतौर पर पर्यटकों को प्रवेश करने की अनुमति नहीं होती है। इस नेशनल पार्क में सुनहरे लंगूर, उड़ने वाली गिलहरियां, हूलॉक गिब्बन आदि जंगली जीव पाए जाते हैं। इसके अलावा यह जंगल का घना है, जिनकी सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए ही इस नेशनल पार्क में पर्यटकों को प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी जाती है।
इस नेशनल पार्क में प्रवेश करने से पहले वन विभाग अथवा दीमापुर के चीफ वाइल्डलाइन वार्डेन से विशेष अनुमति लेने की जरूरत होती है। चुकीं यहां आमतौर पर पर्यटकों को प्रवेश नहीं करने दिया जाता है, इसलिए यहां कोई एंट्री फी नहीं होती है।
4. ग्रेट निकोबार बायोस्फेरे रिजर्व, अंडमान और निकोबार
ग्रेट निकोबार बायोस्फेरे रिजर्व देश के सबसे अलग नेशनल पार्क में से एक है। यह नेशनल पार्क निकोबार मेगापोड और सॉल्टवाटर मगरमच्छ का घर माना जाता है। यह बायोस्फेरे रिजर्व इंडियन ओशन के पास मौजूद है और भारतीय सेना की उपस्थिति की वजह से काफी संवेदनशील माना जाता है।
यहां प्रवेश करने के लिए सभी पर्यटकों को रेस्ट्रिक्टेड एरिया परमीट (RAP) की जरूरत होती है। विदेशी पर्यटकों को अतिरिक्त सुरक्षा जांच करवानी पड़ती है। ये सभी परमीट अंडमान और निकोबार प्रशासन द्वारा प्रदान किये जाते हैं।

5. सुंदरवन नेशनल पार्क, पश्चिम बंगाल
यह नेशनल पार्क भी यूनेस्को विश्व धरोहर है, जिसे मुख्य रूप से रॉयल बंगाल टाइगर का घर माना जाता है। इस वजह से ही यह एक बड़ा ही अनोखा नेशनल पार्क है। यह नेशनल पार्क मैनग्रोव जंगलों से घिरा हुआ है। हालांकि इस नेशनल पार्क में बोट सफारी की अनुमति दी जाती है लेकिन जंगल के कोर ज़ोन में प्रवेश करने की अनुमति किसी भी पर्यटक को नहीं दी जाती है।



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