हिमालयी क्षेत्र में ऐसी कई जगहें हैं जिनकी सुन्दरता को शब्दों में बयां कर पाना बेहद मुश्किल होता है। एडवेंचर पसंद करने वाले पर्यटकों के लिए हिमाचल प्रदेश के हिमालयी क्षेत्र बेहद लोकप्रिय लोकेशंस होते हैं। इन सब में एक नाम आता है स्पीति वैली (Spiti Valley) का। हिमाचल प्रदेश का यह बर्फिला रेगिस्तान न तो पूरी तरह से अनछुआ है और न ही पर्यटकों की अत्यधिक भीड़ की वजह से यह ओवरक्राउडेड होता है।
स्पीति घाटी एक अजीब सा सुकून देती है, इसका बर्फिला रेगिस्तान, चारों तरफ से हिमालयी पर्वत श्रृंखला से घिरा होना और टेढी-मेढ़ी पगडंडियों जैसे रास्ते।

तापमान जाता है -10 से भी नीचे
क्या आप जानते हैं हिमाचल प्रदेश के स्पीति घाटी में साल के 365 दिनों से मात्र 250 दिन ही धूप खिलती है। इस वजह से ही यह भारत के सबसे ठंडी जगहों में एक माना जाता है। अगर ठंड के मौसम की बात की जाए तो इस घाटी में ऐसे कई गांव हैं, जहां तापमान -17 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है। इसके बावजूद एडवेंचर के शौकीन पर्यटकों के लिए स्पीति घाटी किसी जन्नत से कम नहीं माना जाता है। स्पीति घाटी 12500 फीट की ऊंचाई पर मौजूद है। इसकी प्राचीन झीलें, दर्रा (Pass) और नीले आसमान लोगों को बहुत आकर्षित करते हैं।
अगर आप भी शानदार स्पीति वैली में घूमने जाने का प्लान बना रहे हैं, तो इसके कुछ बेहतरीन जगहें और वहां तक कैसे पहुंचेंगे इस बारे में हम आपको विस्तार से बता रहे हैं :

चंद्रताल
इस झील को हिमालय में 4300 मीटर की ऊंचाई पर स्थित सबसे सुन्दर झीलों में इसकी गिनती होती है। यह झील स्पीति के लाहौल क्षेत्र में समुद्र टापू पठार पर मौजूद है जो चंद्र नदी का स्रोत है। इस ताल का नाम इसके आकार यानी अर्धचंद्राकार की वजह से ही रखा गया है। अगर आपको एडवेंचर का शौक है, तो आप इस झील पर जरूर जा सकते हैं। यह ताल स्पीति के काजा से मात्र 50 किमी की दूरी पर मौजूद है।
कब जाएं : सर्दियों के मौसम में चंद्रताल बर्फ से पूरी तरह से जम जाता है। यहां जाने का बेस्ट समय अप्रैल से जून का समय माना जाता है।
कैसे जाएं : यहां तक पहुंचने के लिए सबसे पहले काजा जाना होगा। शिमला या मनाली से काजा के लिए बस चलती है। काजा से चंद्रताल तक जाने के लिए कैब या बाइक रेंट पर मिल जाएगी।

की मोनेस्ट्री
यह भारत की सबसे पुरानी और सबसे बड़ी मोनेस्ट्री है। समुद्रतल से करीब 4,166 मीटर की ऊंचाई पर मौजूद है की मोनेस्ट्री। इस मोनेस्ट्री की स्थापना 11वीं शताब्दी में हुई थी। मोनेस्ट्री का आर्किटेक्चर बेहद शानदार है, जो पर्यटकों को आकर्षित करता है। हर साल यहां कई फेस्टिवल्स का आयोजन भी किया जाता है।
कब जाएं : ज्यादा बर्फबारी के समय यहां जाना काफी मुश्किल हो जाता है। इसलिए की मोनेस्ट्री जाने का बेस्ट समय गर्मियों के सीजन को ही माना जाता है। अप्रैल से जून के बीच का समय यहां जाने के लिए बेस्ट माना जाता है।
कैसे जाएं : काजा से की मोनेस्ट्री मात्र 15 किमी की दूरी पर है। रास्ता सही नहीं होने की वजह से यहां पहुंचने में काफी समय लग जाता है। काजा से मोनेस्ट्री तक के लिए गाड़ी या कैब मिल जाएगी।

3. कुंजुम पास
यह भारत के सबसे ऊंचे दर्रों में से एक है। समुद्रतल से इसकी ऊंचाई लगभग 4551 मीटर है। यहां दुनिया का दूसरा सबसे लंबा ग्लेशियर कुंजुम ला बारा शिगरी ग्लेशियर भी देख सकते हैं। इसके अलावा चंद्रभागा रेंज और स्पीति घाटी के शानदार नजारों का आनंद लेने के लिए आप यहां जा सकते हैं।
कब जाएं : सर्दियों के मौसम में यहां जाना थोड़ा मुश्किल हो सकता है। अत्यधिक बर्फबारी की वजह से पास को बंद कर दिया जा सकता है। इसलिए यहां जाने का बेस्ट समय अप्रैल से अक्तूबर को ही माना जाता है।
कैसे जाएं : कुंजुम पास तक गाड़ियां जाती हैं। काजा से यह सिर्फ 45 किमी दूर है। लेकिन अगर आप एडवेंचर पसंद करते हैं तो चंद्रताल लेक से ट्रैकिंग करते हुए भी जा सकते हैं। यह चंद्रताल लेक से मात्र 9 किमी की दूरी पर ही मौजूद है।

हिक्किम पोस्ट ऑफिस
हिमाचल प्रदेश के हिक्किम गांव में मौजूद इस पोस्ट ऑफिस में बिना घूमें आपका स्पीति वैली का सफर पूरा कैसे हो सकता है। इस छोटे से पोस्ट ऑफिस में सिर्फ 1 ही पोस्टमास्टर है। यह भारत ही नहीं बल्कि दुनिया का सबसे ऊंचाई पर बना पोस्ट ऑफिस है। सैलानी यहां से अपने घरों के लिए पत्र लिखकर भेजते हैं।
कब जाएं : सर्दियों के मौसम में यह पोस्ट ऑफिस बाकी दुनिया से पूरी तरह से कट जाता है। इसलिए स्पीति घाटी की बाकी जगहों की तरह से यहां भी गर्मियों के मौसम में खासतौर पर अप्रैल से जून के बीच जाना ही बेहतर होगा।
कैसे पहुंचे : हिक्किम पोस्ट ऑफिस हिमाचल प्रदेश के हिक्किम गांव में मौजूद है। यह गांव काजा से सिर्फ 15 किमी की दूरी पर मौजूद है। हालांकि काजा से हिक्किम के लिए कोई गाड़ी नहीं चलती है, इसलिए यहां जाने के लिए आपको अपनी गाड़ी बुक करके ही जानी होगी।



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