खंडाला का नाम लेते ही आमिर खान और रानी मुखर्जी पर फिल्माया गया गाना 'ऐ क्या बोलती तू...आती क्या खंडाला...' जरूर याद आ जाता है। लेकिन गर्मी के मौसम में जब मुंबई की गर्मी लोगों को जीने नहीं दे रही है, उस समय फुर्सत के कुछ पल चुराकर सही में निकल चलिए खंडाला।
मुंबई और खंडाला के तापमान में भले ही अधिक बदलाव न हो लेकिन मुंबई में शहरों वाली उमस और गाड़ियों का शोर गर्मी और घुटन को कई गुना बढ़ा देता है। वहीं खंडाला का शांत वातावरण, झरने और यहां के प्राकृतिक नजारे आपको दिल से तरोताजा करने में सक्षम होते हैं। इस वीकेंड परिवार या दोस्तों या फिर अकेले ही दौड़ती-भागती मुंबई की भीड़ से कुछ पल अपने लिए बचाकर एक छोटा सा वीकेंड ट्रिप पर घुम आएं खंडाला।

खुशगवार मौसम
मुंबई में कंक्रीट का जंगल जितनी ज्यादा गर्मी पैदा करता है, वहीं खंडाला का मौसम और प्राकृतिक दृश्य आंखों को सुकून और दिल को राहत पहुंचाने वाला है। तापमान के लिहाज से मुंबई और खंडाला में ज्यादा फर्क नहीं होता है, लेकिन मुंबई की तुलना में कहीं ज्यादा रिलैक्स्ड आप खंडाला में जरूर महसूस करेंगे।
पेड़-पौधे और खुल-खुला होने की वजह से खंडाला में आमतौर पर सालभर मौसम खुशगवार ही रहता है। अक्टूबर से मई तक का समय खंडाला घूमने जाने के लिए बेस्ट माना जाता है, क्योंकि उस समय मानसून की अत्यधिक बारिश भी यहां शुरू नहीं होती है।

पैसा वसूल ट्रिप है खंडाला
मुंबई से खंडाला लगभग 85 किमी की दूरी पर मौजूद है। अगर आप वीकेंड ट्रिप पर खंडाला जा रहे हैं तो एक दिन खंडाला में रिलैक्स करने के बाद दूसरे दिन आप लोनावला चले जा सकते हैं। सुन्दर घाटियां, आकर्षक पहाड़, शांत झील और झरनें गर्मी को मात देने के लिए इससे अधिक और क्या ही चाहिए होगा।
खंडाला को प्रकृति ने अपनी बेशुमार खूबसूरती से नवाजा हुआ है। मानसून के समय तो इस जगह की खुबसूरती कई गुना बढ़ जाती है लेकिन जब तक मानसून नहीं आती तब तक गर्मी से राहत पाने के लिए तो आप इस जगह को एक्सप्लोर कर ही सकते हैं।

खंडाला में घूमने लायक जगहें -
राजमाची प्वाएंट - यह लोनावला रेलवे स्टेशन से सिर्फ 6 किमी की दूरी पर मौजूद है। इस जगह को नाम छत्रपति शिवाजी महाराज के राजमची किला की वजह से मिला है, जो इसके ठीक विपरित में मौजूद है। यह जगह फिल्म इंडस्ट्री की भी फेवरेट जगह है। यहां अक्सर फिल्मों की शूटिंग होती रहती है।
भजा या भजे गुफाएं - लगभग 22वीं सदी में बनें 22 रॉककट गुफाएं जो कार्ला गुफाओं जैसी ही लगती है। इन गुफाओं में से एक में सूर्य नारायण और इंद्र देवी की प्रतिमाएं स्थापित हैं।
लोहागढ़ किला - इस किले में लोग अक्सर ट्रेकिंग के लिए आते रहते हैं। माना जाता है कि इस किले में छत्रपति शिवाजी महाराज अपना खजाना सुरक्षित रखा करते थे। किले में प्रवेश करने का कोई शुल्क नहीं होता है।
तुंगा किला - यह किला कामशेत में स्थित है। इस किले का निर्माण आदिल शाह के वंशज द्वारा करवाया गया बताया जाता है लेकिन बाद में छत्रपति शिवाजी महाराज ने इस किले पर अपना अधिकार स्थापित किया था। किले में पहुंचने के लिए 1200 फीट की चढ़ाई करनी पड़ती है।
पावना झील - यह एक कृत्रिम झील है जो खंडाला के बाहरी इलाके में मौजूद है। सुन्दर वातावरण और प्राकृतिक हरियाली से भरपूर होने की वजह से यह जगह पर्यटकों को खूब पसंद आती है। यह झील खंडाला और लोहागढ़ किले से 15 किमी की दूरी पर स्थित है।

मुंबई से कैसे पहुंचे खंडाला?
खंडाला मुंबई से बहुत अच्छी तरह से ही जुड़ा हुआ है। अगर आप मुंबई राजमार्ग (मुंबई हाईवे) और NH48 के माध्यम से खंडाला जाने में आपको लगभग 2 घंटा 12 मिनट और मुंबई-पुणे राजमार्ग से खंडाला पहुंचने में लगभग 2 घंटा 11 मिनट का समय लग जाएगा। मुंबई से अगर आप किराए पर गाड़ी लेकर खंडाला जाते हैं तो आपको लगभग 2500-3000 रुपए किराया चुकाना पड़ सकता है।
खंडाला का सबसे नजदीकी एयरपोर्ट पुणे एयरपोर्ट है जो खंडाला से लगभग 70 किमी की दूरी पर मौजूद है। खंडाला का अपना रेलवे स्टेशन भी है, जो मुंबई से अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है। इसके अलावा खोपोली, कर्जत, तालेगांव और दाभाडा शहरों से खंडाला के लिए सीधी बस भी मिल जाएगी।



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