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हाथियों से दोस्ती करनी है तो चले आएं मधुमलाई नेशनल पार्क का थेप्पाकडू एलिफैंट कैम्प

हाथी...दुनिया का सबसे विशाल स्थलीय जीव। कहा जाता है हाथियों से बड़ा कोई दुश्मन नहीं होता लेकिन अगर दोस्ती की बात हो तो हाथी इंसानों के बड़े अच्छे दोस्त भी साबित होते हैं। कई दक्षिण भारतीय राज्य जैसे तमिलनाडु, केरल आदि के जंगलों में बड़ी संख्या में इन हाथियों का बसेरा है।

अगर आप भी इन शानदार जीवों को थोड़ा करीब से जानने और इनकी तरफ अपनी दोस्ती का हाथ बढ़ाना चाहते हैं तो आपको तमिलनाडु के नीलगिरी में स्थित थेप्पाकडू एलिफैंट कैम्प में आना चाहिए। मधुमलाई नेशनल पार्क में स्थित इस एलिफैंट कैंप में अपने प्राकृतिक आवास में मदमस्त चाल चलते इन हाथियों के साथ समय बिताना बड़ों के साथ-साथ बच्चों को भी खूब पसंद आएगा।

elephant camp tamilnadu

जानते हैं क्यों पर्यटकों को आकर्षित करता है थेप्पाकडू एलिफैंट कैंप :

प्राकृतिक सुन्दरता ऐसी कि दिल मोह ले

हाथियों से मिलना और उनसे दोस्ती करने से पहले ही थेप्पाकडू एलिफैंट कैंप की प्राकृतिक सुन्दरता आपका दिल मोह लेगी। घने जंगलों के बीच स्थित इस जगह की हरियाली और हर तरफ से आती चिड़ियों की चहचहाहट आपको शहरों के शोर से दूर ले जाएगी। अगर आप प्रकृति प्रेमी हैं या हरियाली से आपको लगाव है तो आपका दिल इन जंगलों में खो जाने का होगा।

tamilnadu jungle

कहां है थेप्पाकडू एलिफैंट कैंप

तमिलनाडु के मधुमलाई टाइगर रिजर्व के अंदर स्थित थेप्पाकडू एलिफैंट कैंप देश के सबसे पुराने एलिफैंट कैंप में से एक है। इस एलिफैंट कैंप की स्थापना 1927 में की गयी थी। यह एलिफैंट कैंप हिल स्टेशन उटी से लगभग 1 घंटे की दूरी पर मौजूद है। नीलगिरी पहाड़ियों पर बसे इस कैंप तक पहुंचने का रास्ता बेहद आसान है।

हाथियों से दोस्ती

तमिलनाडु का थेप्पाकडू एलिफैंट सेंटर इन शानदार प्राणियों की वजह से ही सबसे अधिक लोकप्रिय है। अपने प्राकृतिक आवास में इन हाथियों को देखना, उनका घूमना, चलना-फिरना और विभिन्न प्रकार की गतिविधियों को करीब से देखने का मौका यह एलिफैंट सेंटर देता है। खास बात है कि इस एलिफैंट सेंटर में पर्यटकों को हाथियों को नहलाने या फिर खिलाने का भी मौका मिलेगा, वह भी प्रशिक्षित महावतों की मौजूदगी और निगरानी में।

elephant camp bathing

अगर कोई व्यक्ति हाथियों के बारे में गहराई से जानना, उनके व्यवहारों को समझना या फिर प्रकृति के साथ इन जीवों के सामन्जस्य के बारे में अधिक जानना चाहता है, तो थेप्पाकडू एलिफैंट सेंटर में उनके लिए एडुकेशनल हब भी चलाए जाते हैं जहां अलग-अलग सेशन और वर्कशॉप के माध्यम से जानकारियां साझा की जाती हैं।

ध्यान दें

एलिफैंट कैंप में रहने वाले हाथियों के खाना खाने के समय वहां पर्यटकों को आने जाने की अनुमति होती है। सुबह और शाम के वक्त हाथियों को खाना खिलाया जाता है। हाथियों को खाना खिलाने का सुबह का समय 8.30 से 9 बजे तक और शाम को 5.30 से 6 बजे तक होता है। यहां आने वाले पर्यटकों को पहले से ही अपने टिकट बुक कर लेने चाहिए क्योंकि पीक सीजन में यहां पर्यटकों की खासी भीड़ होने लगती है।

elephant in jungle

हाथियों को खाना खिलाते या उनके करीब जाते समय जिस तरह महावत आपकी सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए कड़ी निगरानी करते हैं, ठीक उसी तरह से पर्यटकों को भी सुरक्षात्मक दूरी बनाए रखने और कोई भी ऐसा व्यवहार न करने की सलाह दी जाती है जो हाथियों को उकसा दे या गुस्सा दिलाए।

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