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आखिर क्या है तिलस्मी शक्तियों से भरे इस रहस्यमयी गांव की हकीकत

भारत का एक लंबा इतिहास गुप्त सिद्धियां, काला जादू और तंत्र-मंत्रों से भरा है। इंसानी वशीकरण, दोषमुक्ति, माया प्राप्ति जैसे अंधविश्वासों पर टिका यह अंधजाल आज भी भारत के कई हिस्सों में गुप्त रूप से जारी है। हालांकि भारत में अब इसे अपराध की श्रेणी में डाल दिया गया है। लेकिन इसका अस्तित्व मिटा नहीं हैं। भारत के कई शहर, गांव इन्हीं गुप्त साधनाओं के लिए कुख्यात है।

ऐसी मायावी तंत्र साधनाएं अकसर रात के अंधेरे में ही की जाता ही, जब रूहानी ताकतें इंसानी वातावरण में प्रवेश करती हैं। काला जादू करने वाले चुनिंदा तांत्रिक ही होते हैं जिन्हें तंत्र-मंत्र का ज्ञान होता है।

रहस्य की पड़ताल में आज हम आपको एक ऐसे गांव के बारे में बताने जा रहे हैं जहां की पूरी आबादी तांत्रिकों से भरी है। जहां हर घर में लगता है रूहानी ताकतों का मेला। जानिए इस अजीबोगरीब गांव के बारे में। 

क्या होता है काला जादू ?

क्या होता है काला जादू ?

नकारात्मक तंत्र-मंत्रों द्वारा मानवीय जीवन को प्रभावित करना ही काला जादू है। यह एक जटील प्रक्रिया है, जिसका प्रयोग दूसरों को हानि पहुंचाने लिए विशेष क्रियाओं द्वारा सम्पन्न किया जाता है। नकारात्मकता, लालच, निराशा, कुंठा, ईर्ष्या अकसर लोगों को काले जादू की तरफ आकर्षित करती हैं।

जिसका सबसे बड़ा शिकार समाज का अशिक्षित वर्ग बनता है। जो इस क्रिया को अंजाम देता है उसे तांत्रिक कहा जाता है। आगे जानिए तांत्रिकों के गढ़ उस अजीब गांव के बारे में...

काली शक्तियों का गढ़

काली शक्तियों का गढ़

पश्चिम बंगाल के बाद असम को काला जादू का सबसे बड़ा गढ़ माना जाता है। जहां तंत्र-मंत्र और गुप्त साधनाओं द्वारा इंसानी समस्या को खत्म करने का दावा किया जाता है। गुवाहाटी से लगभग 40 किमी की दूरी पर स्थित असम का मायोंग गांव काला जादू के क्षेत्र में काफी आगे माना जाता है। कहा जाता है यहां हर घर में गुप्त तंत्र साधनाएं चलती हैं। इसलिए आस पास के गांव मायोंग का नाम लेने से भी डरते हैं।

महाभारत काल से है संबंध

महाभारत काल से है संबंध

असम के मायोंग गांव के बारे में कहा जाता है कि इसका संबंध महाभारत काल से हैं। कहा जाता है कि भीम के बेटा घटोत्कच मायोंग का ही राजा था। हालांकि यह बात पौराणिक किवदंतियों तक ही सीमित है। जानकारों का मानना है कि काले जादू की शुरूआत इसी गांव से हुई है। इसलिए यहां दूर-दूर से लोग काला जादू, तंत्र विद्या सिखने के लिए आते हैं।

लेकिन आसपास के गांव के लोग यहां आने से डरते हैं, उनका मानना है कि यहां उन्हें जानवर बना दिया जाएगा।

गायब हो गई थी पूरी सेना

गायब हो गई थी पूरी सेना

असम से इस रहस्यमयी गांव से एक बड़ी ही रोचक बात जुड़ी है। कहा जाता है इस गांव के तांत्रिकों ने एक बड़ी सेना को गायब कर दिया था। 1332 में जब मुगल सम्राट मोहम्मद शाह ने असम पर चढ़ाई की थी तो यहां के तांत्रिकों ने बादशाह की एक लाख सेना को गायब कर दिया था।

अपने तंत्र-मंत्र के बल पर उन तांत्रिकों ने गांव के बाहर एक ऐसी दीवार खड़ी कर दी थी जिसे पार करते ही शाह की पूरी सेना गायब हो गई। यह तथ्य इस गांव को और भी मायावी बनाने का काम करता है।

गांव की रहस्यमयी जगह

गांव की रहस्यमयी जगह

कहा जाता है इस गांव के अंदर एक रहस्यमयी जगह है जिसे बूढ़े मायोंग के नाम से जाना जाता है। यह जगह काली शक्तियों से भरी हुई है। आपको जानकर आश्चर्य होगा कि यहां महादेव, पार्वती और गणेश की तांत्रिक प्रतिमाएं मौजूद हैं। यहां नरबलि दी जाती है। कहा जाता है कि यहां एक योनि कुंड है, जहां कई गुप्त मंत्र लिखे हुए हैं। मंत्रों की शक्ति के कारण ही इस कूंड का पानी कभी नहीं सूखता है।ऐसा मंदिर जो हमेशा के लिए पति-पत्नी को कर देता है अलग

कैसे करे प्रवेश

कैसे करे प्रवेश

अगर आपको रहस्य और रोमांच का शौक है तो आप यहां की यात्रा कर सकते हैं। ध्यान रहे पूरी सावधानी के साथ ही यहां प्रवेश करें। यह गांव गुवाहाटी से लगभग 40 किमी की दूरी पर स्थित है। जहां तक के लिए आप स्थानीय परिवहन साधनों का सहारा ले सकते हैं। गुवाहाटी आने के लिए आप गुवाहाटी रेलवे स्टेशन और गुवाहाटी एयरपोर्ट का सहारा ले सकते हैं।अद्भुत : समूचे पर्वत को तराश कर बनाया गया विशाल मंदिर

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