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अप्रैल-मई में बनाएं केरल के थेक्कडी हिल स्टेशन का प्लान

दक्षिण भारत में स्थित थेक्कडी केरल का प्रमुख हिल स्टेशन माना जाता है। यह पर्वतीय गंतव्य राज्य के इडुक्की जिले के अंतर्गत आता है। यह हिल स्टेशन दक्षिण भारत के उन गंतव्यों के गिना जाता है जहां पर्यटक जाते तो हैं पर ठीक से स्थल का भ्रमण नहीं कर पाते। शहरी व्यस्तता और भीड़भाड़ के बीच यह पर्वतीय स्थल शानदार छुट्टी बिताने के लिहाज से एक आदर्श स्थान है।

दरअसल यह स्थान पेरियार वन्यजीव अभयारण्य के लिए ज्यादा जाना जाता है, इसका इसका नाम शायद बहुतों को नहीं पता। देखा जाए तो प्राकृतिक खूबसूरती से लबरेज यह पहाड़ी स्थल हर आयु वर्ग के सैलानियों का स्वागत करता है। यहां प्रकृति प्रेमियों से लेकर एडवेंचर के शौकीन वर्ग भी आ सकते है।

गर्मियों के दौरान परिवार और दोस्तों के साथ एक क्वालिटी टाइम स्पेंड करने के लिए यह एक परफेक्ट डेस्टिनेशन है। आइए जानते हैं थेक्कडी की सैर के दौरान आप कौन-कौन सी खास चीजों का आनंद जी भरकर ले सकते हैं।  

पेरियार वन्यजीव अभयारण्य

पेरियार वन्यजीव अभयारण्य

PC- Bernard Gagnon

पेरियार वन्यजीव अभयारण्य भारत के चुनिंदा सबसे खास राष्ट्रीय उद्यानों में गिना जाता है। दक्षिण भारत घुमने आए पर्यटकों के बीच यह उद्यान काफी लोकप्रिय है। लगभग 925 वर्ग किमी में फैला यह वन क्षेत्र अंसख्य वन्य प्राणियों के साथ पहाड़ी वनस्पतियों को सुरक्षित आश्रय देने का काम करता है।

वैसे तो आप यहां अनेकों जीव जन्तुओं के देख सकते हैं लेकिन यह उद्यान एक बड़े हाथी रिजर्व और एक बाघ अभयारण्य के लिए ज्यादा जाना जाता है। इन बड़े वन क्षेत्र को 1982 में एक राष्ट्रीय उद्यान का दर्जा दिया गया था। यह उद्यान इलायची पर्वत के एक पहाड़ी क्षेत्र पर बसा है। यहां आप हाथी और बाघ के अलावा सांभर, जंगली सुअर, जंगली बिल्ली, नीलगिरि लंगूर, भारतीय विशाल गिलहरी, गौर आदि जीवों को देख सकते हैं।

इसके अलावा यहां पक्षियों की 265 और मछलियों की 40 प्रजातियां निवास करती हैं। गर्मियों के दौरान एक रोमांचक सफर के लिए आप पेरियार वन्यजीव अभयारण्य की सैर का प्लान बना सकते हैं।

पेरियार टाइगर ट्रेल

पेरियार टाइगर ट्रेल

रोमांचक गतिविधियों के लिए भी थेक्कडी काफी खास माना जाता है। परियार उद्यान में लगभग 25 से ज्यादा रॉयल बंगाल टाइगर रहते हैं। जिनकी दहाड़ से गूंजता जंगल एक थ्रिलिंग एहसास अंदर जगाता है। पेरियार में ट्रेकिंग के दौरान आप टाइगर ट्रेल की तरफ भी मूड़ सकते हैं।

जंगल विभाग के कर्मचारियों के दिशा निर्देश में आप बंगाल टाइगर्स को देखने का मौका प्राप्त कर सकते हैं। जंगलों में घूमते हुए, दहाड़ते हुए, झील में पानी पीते हुए आप इन बाघों को देख सकते हैं। टाइगर के अलावा आप यहां जंगली हाथियों, सांभर आदि को भी देख सकते हैं।भारतीय इतिहास को करीब से देखना है तो इन अजायबघरों की करें सैर

बंबू राफ्टिंग

बंबू राफ्टिंग

PC- Vi1618

आपने रिवर राफ्टिंग तो बहुत की होगी लेकिन क्या आपने राफ्टिंग के लिए बंबू बोट का इस्तेमाल किया है ? शायद नहीं.. अगर आप थेक्कडी के जंगलों बीच नदी में बंबू राफ्टिंग का रोमांचक आंनद लेना चाहते हैं तो यहा जरूर आएं। थेक्कडी में वाटर एक्टिविटी में बंबू राफ्टिंग काफी खास माना जाता है।

बंबू राफ्टिंग की सुविधा आपको यहां जंगल विभाग उपलब्ध कराएंगा, जिनके दिशा निर्देश में आप इस खास राफ्टिंग का आनंद ले सकते हैं। बंबू बोट के सहारे आप जंगल और यहां के वन्य प्राणियों को भी देख सकते हैं।

थेक्कडी झील की सैर

थेक्कडी झील की सैर

PC- Raku2040

थेक्कड़ी में आप वन्य जीवन ट्रेकिंग या हाथी सफारी के माध्यम से भी देख सकते हैं, लेकिन इनसे अलग अगर आप थेक्कडी झील की सैर के दौरान वन्य भ्रमण करें तो ज्यादा रोमांचक अनुभूति का एहसास करेंगे। थेक्कडी झील यहां के हिल स्टेशन और वन अभयाण्य की सबसे खास झील मानी जाती है। जो चारों तरफ से घने जंगलों से घिरी है।

झील की सैर के दौरान आप जंगल के सबसे अद्भुत और दुर्लभ दुश्यों को देख पाएंगे। अगर आप चाहें तो अपने कैमरे से यहां की खूबसूरती को भी उतार सकते हैं। थेक्कडी भ्रमण के दौरान आप यहां की झील की सैर का प्लान जरूर बनाएं।

अनाकारा

अनाकारा

PC - Ben3john

उपरोक्त स्थानों के अलावा आप अगर चाहें तो इडुक्की जिले के अनाकारा गांव की सैर का प्लान बना सकते हैं। इडुकी वन्यजीव अभयारण्य से यह खूबसूरत गांव 18 किमी की दूरी पर स्थित है। अनाकारा लगभग 50 वर्ग किमी के क्षेत्र में फैला है जो अपने मसाले के बागानों और आकर्षक झरनों के लिए ज्यादा जाना जाता है।

प्राकृतिक खूबसूरती का एक अनोखा रूप आप यहां आकर देख सकते हैं। इडुक्की जिले के इस खास गंतव्य में आप प्राकृतिक खूबसूरती के साथ-साथ एडवेंचर के शौक को भी पूरा कर सकते हैं। आप यहां ट्रेकिंग और पैराग्लाइडिंग का रोमांचक अनुभव ले सकते हैं।

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