काशी भगवान महादेव को काफी प्रिय है। काशी यानी बनारस या वाराणसी। चाहे जिस नाम से भी इसे पुकार लिया जाए लेकिन हर नाम के बाद हर-हर महादेव का उद्घोष जरूर होता है। बनारस में भगवान शिव काशी विश्वनाथ के रूप में विराजमान हैं, जो द्वादश ज्योतिर्लिंग में से एक है। सिर्फ वाराणसी ही नहीं देश के कई अन्य शहरों में द्वादश ज्योतिर्लिंग मंदिर बने हुए हैं।

लेकिन क्या आपको पता है, सिर्फ देशभर में ही नहीं बल्कि वाराणसी में भी द्वादश ज्योतिर्लिंग के 12 मंदिर हैं, जहां भगवान शिव ज्योतिर्लिंग के रूप में ही पूजे जाते हैं।
आइए बताते हैं बनारस के द्वादश ज्योतिर्लिंगों के बारे में :
सोमनाथ महादेव : वाराणसी के मान मंदिर घाट के पास विराजमान हैं सोमनाथ महादेव। सिर्फ सावन ही नहीं बल्कि साल भर इस मंदिर में भक्तों का तांता लगा रहता है।
मल्लिकार्जुन महादेव : वाराणसी के सिगरा स्थित टीला पर स्थापित हैं मल्लिकार्जुन महादेव। इस मंदिर का जिक्र काशी खंडोक्त नामक धार्मिक किताब में मिलता है।

महाकालेश्वर महादेव : बनारस के दारानगर में महाकालेश्वर महादेव का मंदिर है। कहा जाता है कि इनके दर्शन से अकाल मृत्यु का भय खत्म हो जाता है।
भीमशंकर महादेव : जमीन से करीब 60 फीट नीचे पाताललोक में भगवान शिव भीमशंकर महादेव के नाम से स्थापित हैं। यह मंदिर मणिकर्णिका घाट जाने के रास्ते में आता है। इस मंदिर को काशी करवट के नाम से भी जाना जाता है।
केदारनाथ : वाराणसी के केदारघाट पर केदारनाथ स्वरूप में महादेव स्थापित हैं। कहा जाता है कि इस मंदिर में भगवान का स्वयंभू शिवलिंग है, जो खुद से प्रकट हुआ था। इस मंदिर में दक्षिण भारतीय श्रद्धालु बड़ी संख्या में आते हैं।

विश्वनाथ : माता पार्वती के साथ विराजमान बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए दूर-दूर से भक्त आते हैं। द्वादश ज्योतिर्लिंगों में यह मंदिर बेहद खास माना जाता है।
त्रयंबकेश्वर महादेव : वाराणसी के बांस फाटक इलाके में स्थित भगवान शिव त्रयंबकेश्वर महादेव के नाम से जाने जाते हैं। भगवान शिव का यह मंदिर बेहद प्राचीन है।
बैद्यनाथ महादेव : वाराणसी के बैजनत्था इलाके में स्थित भगवान शिव के मंदिर को बैद्यनाथ महादेव के नाम से पूजा जाता है। कहा जाता है कि महादेव के इस स्वरुप के दर्शन करने से सभी प्रकार के रोगों से मुक्ति मिलती है।
नागेश्वर महादेव : बनारस के पठानी टोला में स्थित भगवान शिव को नागेश्वर महादेव के नाम से पूजा जाता है। इस मंदिर में दर्शन करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती है।

रामेश्वर महादेव : वाराणसी के रामकुंड क्षेत्र में रामेश्वर महादेव का एक प्राचीन मंदिर है। कहा जाता है कि इस मंदिर में भगवान शिव का जलाभिषेक करने से सभी दोषों से मुक्ति मिल जाती है।
घृष्णेश्वर महादेव : वाराणसी में सिर्फ द्वादश ज्योतिर्लिंग के घृष्णेश्वर महादेव ही नहीं बल्कि कामाख्या देवी का मंदिर भी है। काशी के कमच्छा क्षेत्र में दोनों मंदिर स्थित हैं।
ओमकारेश्वर महादेव : वाराणसी में ओमकारेश्वर महादेव का मंदिर छित्तनपुर में है। कहा जाता है कि इस शिवलिंग का दर्शन करने से सभी तीर्थों का लाभ मिलता है।



Click it and Unblock the Notifications














