तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (TTD) ने वार्षिक ब्रह्मोत्सव से पहले अंकुरार्पणम मनाया। अंकुरार्पणम का आयोजन पिछले शुक्रवार को किया गया था। वार्षिक ब्रह्मोत्सव से पहले तिरुपति मंदिर में मनाया जाने वाला यह एक विशेष अनुष्ठान है, जो प्रकृति के साथ लोगों को जोड़ता है।
बता दें, तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम श्री वेंकटेश्वर मंदिर का आधिकारिक संरक्षक भी है। क्या होता है अंकुरार्पणम और कब से शुरू होने वाला है तिरुपति मंदिर में वार्षिक ब्रह्मोत्सव?
तिरुपति में आयोजित होने वाला अंकुरार्पणम एक महत्वपूर्ण महोत्सव होता है, जिसमें बीजारोपण किया जाता है। इसे ब्रह्मोत्सव के शुरू से एक दिन पहले मनाया जाता है। ब्रह्मोत्सव से एक रात पहले बीजों को एक खास बर्तन 'पालिका' की मदद से बोया जाता है। इस बाबत TTD की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया कि इस रिवाज का मुख्य उद्देश्य त्योहार को सफल बनाने के लिए लिया जाने वाला संकल्प और मूल विराट (भगवान) का आर्शीवाद प्राप्त करना होता है।
कब मनाया जाएगा वार्षिक ब्रह्मोत्सव?
तिरुमाला में वार्षिक ब्रह्मोत्सव का आयोजन 4 से 12 अक्तूबर को किया जाएगा, जिसमें कई तरह के धार्मिक कार्यक्रम जैसे अलया शुद्धि, ध्वजारोहणम, वाहन सेवा, श्रीवरी कोलुवु, स्नपनम और अन्य शामिल हैं।
- अलया शुद्धि - वार्षिक ब्रह्मोत्सव से पहले श्री वेंकटेश्वर मंदिर की अच्छी तरह से की जाने वाली सफाई।
- ध्वजारोहणम - ब्रह्मोत्सव के शुरू होने के प्रतिक स्वरूप ध्वज फहराना।
- वाहन सेवा - तिरुमाला की गलियों में भगवान का जुलूस निकालना जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु भी शामिल होते हैं।
मंगलवार (1 अक्तूबर) को भक्तिभाव के साथ पारंपरिक रूप से मंदिर की सफाई, कोइल अलवर तिरुमनजनम, का आयोजन किया गया। इस बारे में TTD के एग्जिक्यूटिव अधिकारी जे. श्यामला राव ने बताया कि ब्रह्मोत्सव को ध्यान में रखते हुए तिरुमनजनम का आयोजन किया गया।
तिरुमाला मंदिर में आमतौर पर इसका आयोजन साल में 4 बार, तेलुगु उगाडी, अनीवारा अष्ठनाम, वार्षिक ब्रह्मोत्सव और बैकुंठ एकादशी से पहले किया जाता है। इसमें मंदिर परिसर, मंदिर के सभी साजो सामान और देवताओं को अच्छी तरह से साफ कर मंदिर की दीवारों, खंभों और छतों पर एक विशेष सुगंधित घोल 'परिमालम' का छिड़काव किया जाता है।
TTD ने बुधवार को ध्वजारोहणम समारोह के एक हिस्से के रूप में चटाई व रस्सी का जुलूस निकाला। जबकि 4 अक्तूबर की शाम को मंदिर के शिखर पर गरुड़ ध्वज फहराने के साथ ही 9 दिवसीय ब्रह्मोत्सव की शुरुआत हो जाएगी। अपने आधिकारिक X हैंडल पर एक वीडियो संदेश देते हुए राव ने कहा कि ब्रह्मोत्सव के दौरान हर साल कई तरह के कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है।
अलग-अलग राज्यों से आने वाले विभिन्न समूह कई तरह के सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करते हैं। पिछले साल 12 राज्यों से आए समूहों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया था लेकिन इस साल हमारी योजना 21 राज्यों से लोगों को बुलाने की है।
श्रद्धालुओं के लिए किया जाएगा खास इंतजाम
ब्रह्मोत्सव के दौरान लाखों की संख्या में श्रद्धालु तिरुमाला आते हैं। इसलिए इनकी सुविधा के लिए आंध्र प्रदेश राज्य परिवहन निगम (APSRTC) 400 विशेष बसें चलाने वाली हैं जो महोत्सव के 9 दिनों तक हर दिन लगभग 2000 ट्रिप लगाएंगी। गरुड़ वाहन सेवा दिवस पर ये बसें 3000 ट्रिप लगाएंगी। ब्रह्मोत्सव के दौरान श्रद्धालुओं को कोई परेशानी न हो, इसे सुनिश्चित करने के लिए मंदिर प्रबंधन ने हेल्पडेस्क लगाने का फैसला लिया है। अलग-अलग राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं को ध्यान में रखते हुए हेल्पडेस्क का संचालन ऐसे कर्मियों द्वारा करवाया जाएगा जो कई भाषाएं बोल सकेंगे।
बताया जाता है कि TTD ने ब्रह्मोत्सव के दौरान भक्तों में वितरित होने वाले अन्नप्रसादम की गुणवत्ता को खास तवज्जो दिया है। राव ने बताया कि 11.5 लाख भक्तों में अन्नप्रसादम वितरित करने की व्यवस्था की गयी है। 40,000 भक्तों के रहने की व्यवस्था तिरुमाला प्रबंधन द्वारा की गयी है। बाकी भक्तों से कहा गया है कि वे अपने रुकने की व्यवस्था स्वयं करें। राव ने आगे कहा कि हाल ही में मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबु नायडू ने तिरुमाला मंदिर में भगवान के दर्शन करने पहुंचे थे, उन्हें भी ब्रह्मोत्सव में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया है।



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