आंध्र प्रदेश में विराजमान भगवान वेंकटेश्वर जल्द ही जम्मू में अपने भक्तों को दर्शन देने वाले हैं। 8 जून में विधि-विधान से पूजा के बाद जम्मू में नवनिर्मित श्री वेंकटेश्वर मंदिर के द्वार भक्तों के लिए खोल दिए जाएंगे। यह देश में भगवान वेंकटेश जिन्हें तिरुपति बालाजी भी कहा जाता है, का 6ठवां मंदिर होगा।

उम्मीद की जा रही है कि इस मंदिर के खुल जाने से जम्मू के अध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। अब वैष्णो देवी और अमरनाथ के दर्शन करने जाने वाले श्रद्धालु भगवान वेंकटेश के भी दर्शन कर सकेंगे।
आइए आपको भगवान वेंकटेश मंदिर की विशेषताओं के बारे में बताते हैं :
हुबहू आंध्र प्रदेश के मंदिर का स्वरुप
जम्मू में तिरुपति बालाजी के मंदिर का निर्माण तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम् बोर्ड कर रहा है। बताया जाता है कि इस मंदिर को हुबहू आंध्र प्रदेश के तिरुपति बालाजी मंदिर की तरह ही बनाया जाता है। इस मंदिर का निर्माण 50 से ज्यादा कारीगर मिलकर कर रहे हैं। सभी कारीगर आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु से लाये गये हैं।

सिर्फ कारीगर ही नहीं बल्कि मंदिर के निर्माण में जिन पत्थरों का उपयोग किया गया है, उन्हें भी कर्नाटक और आंध्र प्रदेश से ही लाया गया है। जम्मू में तिरुपति बालाजी के मंदिर का निर्माण जम्मू-पठानकोट हाईवे और जम्मू-श्रीनगर हाईवे के बीच किया गया है।
मूर्ति लायी गयी आंध्र प्रदेश से
करीब 62 एकड़ की भूमि पर बना रहा तिरुपति बालाजी के मंदिर को तैयार करने में लगभग 33.22 करोड़ रुपये का खर्च आने वाला है। इस मंदिर का निर्माण 2 चरणों में किया जाएगा। पहले चरण में बालाजी के मंदिर के साथ ही पुजारी, बोर्ड के सदस्यों के रहने का घर, शौचालय और पार्किंग की सुविधा तैयार की जा रही है।

दूसरे चरण में वेदशाला और अध्यात्मिक केंद्र बनाए जाएंगे। मुख्य मंदिर परिसर में बालाजी के साथ ही पद्मावती देवी और श्री अंदल श्रीविल्लीपुथुर के मंदिर भी होंगे। मंदिर में स्थापित करने के लिए बालाजी की मूर्ति को विशेष तौर पर आंध्र प्रदेश से मंगवाया जा रहा है।
श्री वेंकटेश्वर का देश में 6ठा मंदिर है

जम्मू में तैयार हो रहा तिरुपति बालाजी का मंदिर आंध्र प्रदेश के बाहर श्री वेंकटेश्वर का 6ठा मंदिर है। अब तक हैदराबाद, दिल्ली, कन्याकुमारी, चेन्नई और भूवनेश्वर में तिरुपति बालाजी के मंदिर बनाए जा चुके हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक तिरुपति बालाजी के भव्य मंदिर का निर्माण मुंबई, रायपुर और अहमदाबाद में भी किया जाएगा। जम्मू में तैयार हुआ तिरुपति बालाजी का मंदिर जम्मू से कटरा के रास्ते में ही पड़ेगा।



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