कर्नाटक राज्य के भटकल में स्थित मुरुदेश्वर हिंदुयों के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक है। मुरुदेश्वर का इतिहार रामायण काल का है, जो इस जगह को और हिंदुयों के लिए और भी पवित्र बनाता है। मुरुदेश्वर सिर्फ हिंदुयों के धार्मिक स्थल औ कारण ही नहीं बल्कि यहां स्थापित विश्व की दूसरी सबसे बड़ी शिव प्रतिमा के लिए भी प्रसिद्ध है। पवित्र मंदिर के अलावा इस जगह पर्यटक मुरुदेश्वर बीच पर भी कुछ अच्छा समय व्यतीत कर सकते हैं। तो आइये जानते हैं मुरुदेश्वर में घूमने की कुछ बेहद ही खास जगहों के बारे में

मुरुदेश्वर मंदिर
मुरुदेश्वर शांत समुद्र तट के अलावा, मुरुदेश्वर मंदिर के लिए हिन्दू श्रद्धालुओं के बीच खासा लोकप्रिय है, इस मंदिर में भगवान शिव के दूसरे स्वरूप श्री मृदेसा लिंग की पूजा की जाती है। कन्दुका पहाड़ी पर शांतिपूर्वक बसे, मुरुदेश्वर मंदिर तीन तरफ पानी से घिरा हुआ है और जोकि मनोरम नजारे प्रस्तुत करता है।Pc:Vedamurthy J

भगवान शिव की प्रतिमा
मुरुदेश्वर मंदिर के परिसर में स्थापित भगवान शिव की प्रतिमा निश्चित रूप से वास्तुकला का एक अच्छा उदाहारण है और समुद्री तट के किनारे स्थित होने के कारण इसकी खूबसूरती और भी बढ़ जाती है। विश्व की सबसे बड़ी दूसरी शिव प्रतिमा करीबन 123 फीट की हैं, जिसे अरब सागर से बहुत दूर से आसानी से निहारा जा सकता है। यदि आप अपने परिवार और दोस्तों के साथ कुछ अच्छा समय बिताना चाहते हैं, तो मुरुदेश्वर की सैर अवश्य करें।Pc:Vivek Shrivastava

मुरुदेश्वर समुद्री तट
मुरुदेश्वर मंदिर के किनारे स्थित मुरुदेश्वर बीच एक अन्य जगह है, जहां आप अपने परिवार के साथ अच्छा समय व्यतीत कर सकते हैं । यह बीच आज भी पर्यटकों की भीड़ से दूर हैं, जहां पर्यटक बिना किसी गहमागहमी के बीच समुद्र के खूबसूरत नजारों को लाभ उठा सकते हैं। अगर आप इस धार्मिक शहर में हैं, तो उगते हुए सूरज को कतई देखना ना भूले।Pc:Pradeepa88

राजा गोपुर
गोपरा आम तौर पर किसी भी हिंदू मंदिर का मुख्य द्वार होता है। राजागोपुरा मुख्यत:20 मंजिला इमारत है, जोकि मुरुदेश्वर मंदिर का प्रवेश द्वार है। श्रद्धालु इस गोपुरा में लिफ्ट का इस्तेमाल कर उपरी मंजिल अपर पहुंचकर मुरुदेश्वर मंदिर और शिव प्रतिमा और मीलों दूर तक फैले समुंद्र को देख सकते हैं।Pc: Pvnkmrksk



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