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भारत के 5 कम लोकप्रिय ऐतिहासिक स्‍थल

Posted By: Namrata Shatsri

भारत एक ऐसा देश है जिसका इतिहास अतुल्‍य है। भारत में प्राचीन समय में कई महान राजाओं का शासन रहा है और उनके द्वारा बनवाई गई कई विभिन्‍न संरचनाएं और इमारतें आज भी मौजूद हैं। इनमें से कई इमारतों को संरक्षित कर पर्यटकों के लिए खोला गया है जबकि कुछ इतिहास के पन्‍नों में ही दबकर रह गईं हैं।

हालांकि, इन इमारतों में इतिहास की कई सारी कहानियां छिपी हुई हैं। भारत में कई सांस्‍कृतिक विरासत की धरोहरें हैं जिन्‍हें सालों पहले जाना जाता था।

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आज हम आपको भारत की इन्‍हीं सांस्‍कृतिक विरासत धरोहरों के बारे में बताने जा रहे हैं जो पर्यटकों से अब तक दूर हैं।

चंपानेर पावगढ़ आर्कियोलॉजिकल पार्क, गुजरात

चंपानेर पावगढ़ आर्कियोलॉजिकल पार्क, गुजरात

गुजरात के ऐतिहासिक शहर चंपानेर में पंचमहल जिले में स्थित इस आर्कियोलॉजिकल धरोहर में कई महल, मंदिर, टैंग, बावड़ी और कई ऐ‍तिहासिक इमारते हैं। अगर आप आठवीं शताब्‍दी के इतिहास को करीब से जानना चाहते हैं तो यहां आ सकते हैं।

हिंदू तीर्थस्‍थलों और मंदिरों से लेकर यहां मस्जिदें और मकबरे भी हैं। इस जगह में पर्यटकों के जानने के लिए बहुत कुछ है।Pc:Phso2

खांगचेन्दोंगा नेशनल पार्क

खांगचेन्दोंगा नेशनल पार्क

वर्ल्‍ड हेरिटेज साइट में चुनिंदा बायोस्‍फेयर रिज़र्व और नेशनल पार्क में से एक है खांगचेन्दोंगा नेशनल पार्क में कई जानवर जैसे मस्‍क डियर, स्‍नो लैपर्ड, हिमालयन ताह्र, लाल पांडा आदि देख सकते हैं। इसके अलावा यहां पर एक मठ, जेमू ग्‍लेशियर और कुछ स्‍थानीय जनजातियों को भी देख सकते हैं।Pc: Spattadar

रानी की वाव, गुजरात

रानी की वाव, गुजरात

सरस्‍वती नदी के तट पर स्थित रानी की वाव को चालुक्‍य राजवंश के काल में बनवाया था। गुजरात के पटन शहर में ये एक प्राचीन स्‍टेपवैल है। ऐतिहासिक और उत्‍कृष्‍ट वास्‍तुकला का ये बेजोड़ नमूना है। इसमें सात स्‍तर पर सीढियां और यहां 500 से भी ज्‍यादा संरचनांए बनी हुई हैं। इसे 2016 में सबसे साफ आइकॉनिक प्‍लेस भी बताया गया था। इस स्‍टैपवैल में आप स्‍नान भी कर सकते हैं और यहां आप खुद को किसी राजा या रानी से कम नहीं समझेंगें।Pc: Awara Diaries

कैपिटोल कॉम्‍प्‍लेक्‍स, चंडीगढ़

कैपिटोल कॉम्‍प्‍लेक्‍स, चंडीगढ़

100 एकड़ में फैले कैपिटोल कॉम्‍प्‍लेक्‍स चंडीगढ़ के आधुनिक वास्‍तुकला के उदहारणों में से एक है। इस बड़े कॉम्‍प्‍लेक्‍स में उच्च न्यायालय, विधान सभा भवन, एक झील, ओपन हैंड स्मारक और कई अन्य इमारतें हैं जिन्‍हें ली कोरबूसिअर द्वारा डिजाइन किया गया है। यहां आप मॉडर्न आर्किटेक्‍चर की झलक देख सकते हैं।

इस बड़े से कॉप्‍लेक्‍स में आकर आपको मॉडर्न डिज़ाइनों की क्रांति के देश में आने के इतिहास के बारे में पता चलेगा। 2016 मं विश्‍व विरासत धरोहर में कैपिटोल कॉम्‍प्‍लेक्‍स का नाम शामिल किया गया था।

भीमबेटका रॉक शैल्‍टर्स, मध्‍य प्रदेश

भीमबेटका रॉक शैल्‍टर्स, मध्‍य प्रदेश

भारत के कम लोकप्रिय ऐतिहासिक स्‍थानों में भीमबेटका का नाम भी आता है। इस जगह के ऐतिहासिक महत्‍व से अब तक सभी अनजान हैं। भीमबेटका रॉक शैल्‍टर्स स्‍टोन एज के ज़माने के माने जाते हैं। यहां पर आपको मानव जीवन से जुड़ी कई बातों के बारे में भी पता चलेगा। हज़ारों साल पहले इसकी गुफाओं पर चित्रकारी की गई थी। ये सबस प्राचीन रॉक आर्ट में से एक है।

भीमबेटका में 750 से भी ज्‍यादा रॉक शैल्‍टर्स हैं और ये जगह 10 किमी में 7 पर्वतों पर फैली हुई है।Pc:Dinesh Valke

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