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जीवन में एक बार लद्दाख घूमने के दस प्रमुख कारण

By Goldi

क्या आप घूमने के शौक़ीन हैं, अगर नहीं भी है, तो भी जीवन में एकबार आपको लेह लद्दाख और गोवा अपने दोस्तों के साथ जरुर घूमना चाहिए। आज हम यहां बात करेंगे लद्दाख की, क्या आप जानते है कि, लद्दाख समुद्री स्तर से करीबन 5000 मीटर की ऊंचाई पर स्थित बेहद ही खूबसूरत जगह है।

लेह लद्दाख चरम प्राचीन सुंदरता एक आकर्षक रूप है, यह जगह अपने प्राचीन मठों, अन्य धार्मिक स्थलों , रॉयल्टी के महलों , विभिन्न गोमपास , पर्वत चोटियों , वन्यजीव सफारी , साहसिक गतिविधि के धब्बे और के समावेशी के लिए प्रसिद्ध है। लद्दाख भारतीय , तिब्बती और साथ ही बौद्ध धर्म का एक मिश्रण है जो लद्दाख की विशेषता को दर्शाता है।

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अगर आपने अभी तक लद्दाख घूमने का प्लान नहीं बनाया है , तो हमारे लेख में दिए गये दस कारण पढ़ने के बाद आप यकीनन इस लद्दाख को एक बार जरुर घूमना चाहेंगे।

तो आइये स्लाइड्स में जानते हैं, लद्दाख के बारे में कुछ खास,

रिवर राफ्टिंग

रिवर राफ्टिंग

आपने रिवर राफ्टिंग का मजा मनाली या फिर ऋषिकेश में जरुर लिया होगा, लेकिन इसका मजा आप लद्दाख की सिंधु नदी में भी ले सकते हैं। फोटोज़ लेने के के लिए सबसे बेहतरीन जगह, अपने प्राकृतिक दृश्य, राजसी पहाड़ों और घाटियों से घिरे और दूसरे किनारे पर ही मानव की छोटी सी बस्ती के इस क्षेत्र की यात्रा आपकी सबसे शानदार और मज़ेदार यात्रा होगी। यहाँ पर राफ्टिंग के हिस्से: फे से निमो, उपशी से खारू, फे से ससपोल, खारू से स्पितुक और ससपोल से खलत्से हैं। यहाँ पर कठिनाईयों का स्तर मध्यम से लेकर चुनौतीपूर्ण तक है, जो आपके द्वारा हिस्से को पसंद करने पर निर्भर करता है। हर हिस्से की दूरी लगभग 25 किलोमीटर की है।

स्तकना मठ

स्तकना मठ

स्तकना मठ एक सुनसान चट्टान पर 60 मीटर की ऊँचाई पर स्थित है। ये स्थान लेह से 25 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है जिसकी खूबसूरती बेमिसाल है। इस मठ का निर्माण चोस्जे जम्यंग पालकर, जो एक बौद्ध बाबा थे द्वारा वर्ष 1580 में बनाया गया था। ये मठ आज भी 15 वीं सदी की परंपरा और संस्कृति को दर्शाता है। मठ अब एक बौद्ध विरासत के रूप में माना जाता है । इस मठ को टाइगर नोज मठ के नाम से भी जाना जाता है क्यूंकि जिस पत्थर पर ये गोम्पा स्थित है वो टाइगर की नाक के समान प्रतीत होती है।Pc:Koshy Koshy

त्यौहार

त्यौहार

लद्दाख बर्फ की चोटियों का देश है। इस क्षेत्र में विभिन्न पर्व मनाये जाते हैं, जिनमे से एक है लोसर, जोकि दिसम्बर के महीने में मनाया जाता है। साथ ही यहां हेमिस गोम्पा एक प्रमुख वार्षिक त्यौहार है, जिसे लद्दाख में हेमिस त्सचू कहा जाता है। हेमिस त्यौहार लेह से लगभग 45 किलोमीटर के दूरी पर हेमिस मठ के ही परिसर में हर साल बौद्धिक कैलंडर के अनुसार उनके पाँचवे महीने में मनाया जाता है। इस त्यौहार में सबसे बड़ा आकर्षण का केंद्र होता है, मास्क डांस(नकाब पहन कर नृत्य)। यह मास्क नृत्य मुख्यतः चाम्स द्वारा प्रस्तुत किया जाता है। यह रंग बिरंगा मेला, जहाँ कुछ सुंदर हस्तकलाओं की भी प्रदर्शनी होती है लोगों को अपनी ओर सबसे ज़्यादा आकर्षित करती है।Pc:Madhav Pai

प्राचीन मठ, और गोम्पा

प्राचीन मठ, और गोम्पा

यहां आप कई पुरानी तिब्बती मठो को देख सकते हैं, जो सांस्कृतिक सौंदर्य का प्रतीक है। यहां के प्रसिद्ध मठ हेमिस मठ, शनी मठ, शांती स्तूप और स्टोक मठ आदि हैं।Pc:Shrikanthhegde

बाइक राइड

बाइक राइड

अगर आप बाइक राइड के शौक़ीन है, और उबड़ खाबड़ रास्तों पर बाइक चलाने का अनुभव लेना चाहते हैं, तो लद्दाख आपके लिए एक परफेक्ट जगह है। यहां स्थित दुनिया की सबसे ऊँची सड़क खरदुंगा ला पास है, जिस पर बाइक चलाना सबसे ज्यादा चैलेंजिंग माना जाता है, यहां आप थ्रिलिंग बाइक राइड अनुभव कर सकते हैं।

सस्ता रहना और खाना

सस्ता रहना और खाना

अगर आप सोचते हैं कि, लद्दाख में रहना खाना महंगा है, तो ऐसा बिल्कुल भी नहीं, आप यहां अच्छे होटल्स के साथ ही अच्छे और सस्ते कैम्पिंग विकल्पों को भी चुन सकते हैं।Pc:McKay Savage

खाना

खाना

टिगमो यह एक स्थानीय पकवान है जो पाव रोटी के साथ परोसा जाता है, या फिर शाकाहारी / गैर-शाकाहारी स्टू के साथ परोसा जाता है। इसके अलावा मोमो के आकार की एक वास्तविकता है जो बहुत आकर्षक है। इसके अलावा आप यहां तिब्बती थुक्पा सूप को भी ट्राई कर सकते हैं। यह सूप नूडल और सब्जियों से मिलाकर बनाया जाता है।
Pc:Sharada Prasad CS

 प्राकृतिक सौंदर्य

प्राकृतिक सौंदर्य

सिंधु नदी के किनारे स्थित लद्दाख की सुंदर झीलें, आसमान को छूते हुए पहाड़, आकर्षक मठ पर्यटकों को अपनी ओर सम्मोहित करते हैं। लद्दाख की असीम खूबसूरती को अपने कैमरे में कैद करना कतई ना भूले।Pc:Atishayphotography

उंचे पहाड़ी चट्टान

उंचे पहाड़ी चट्टान

उत्तर में कराकोरम पर्वत से और दक्षिण में हिमालय पर्वत से घिरे हुए लद्दाख की की ऊँची चोटियों के बीच जैसे स्टोक कांगड़ी,मेंतोक कांगड़ी, च्म्सेर आदि पर ट्रेकिंग का मजा ले सकते हैं।Pc:Gianluca

नुब्रा घाटी

नुब्रा घाटी

नुब्रा घाटी, जो मूलतह ल्दुम्र के नाम से जाना जाता था, का मतलब 'फूलों की घाटी' है, जो समुद्र तल से 10,000 फुट की ऊंचाई पर स्थित है। यह क्षेत्र लद्दाख के बाग के नाम से जाना जाता है। गर्मियों के दौरान पर्यटकों को गुलाबी और पीले जंगली गुलाबों को देखने का मौका मिलता है जो कि इस क्षेत्र में उगते हैं। नुब्रा घाटी तक पहुंचने के लिए पर्यटकों को लेह से खार्दूंग ला दर्रा लेना होगा, जो दुनिया का सबसे ऊँचा दर्रा है।

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