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लद्दाख की वो वादियां, जिनसे आज भी है पर्यटक अनजान

By Goldi

पूरी दुनिया में घूमने की ढेरों जगहे मौजूद हैं, जो रिभाषित चीजों के लिए विख्यात हैं। जिनमे से कुछ ऐसी भी जगहें हैं, जिन्हें हम तस्वीरों और वीडियो में देखते हैं। जिसमे से एक है लद्दाख, जोकि जम्मू-कश्मीर की वादियों में स्थित बेहद ही खूबसूरत पर्यटन स्थल है, जिसे फिल्म 3 इडियट्स के बाद पर्यटकों के बीच लोकप्रियता हासिल हुई। आज इस खूबसूरत जगह को देखने हर साल लाखों की तादाद में देशी और विदेशी पर्यटक पहुंचते हैं। इस खूबसूरत सी जगह पर आप उंचे उंचे पहाड़, लेकिन रेतीले, नीले साफ़ पानी की झीलें आदि पर्यटकों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करते हैं।

लद्दाख में घूमने की कई जगहें हैं, लेकिन इनमे से कुछ ऐसी भी जगहें मौजूद हैं, जो आज भी पर्यटकों की नजरों से दूर हैं। जी हां अगर आप सोचते हैं, कि आप पूरा लद्दाख घूम चुके हैं, तो शायद आप गलत होंगे। इस खूबसूरत जगहों पर आज भी पर्यटकों का जमावड़ा नहीं है, और प्राकृतिक खूबसूरती के मामले में यह जगहें बेहद ही अतुलनीय है, तो आइये नजर डालते हैं

तुर्तुक

तुर्तुक

Pc: Fulvio Spada
लेह से करीबन 211 किमी की दूरी पर स्थित तुर्तुक एक बेहद ही खूबसूरत गांव है, जो कभी बाल्टिस्तान रियासत का हिस्सा हुआ करता था। यह के बेहद ही खूबसूरत गांव हैं, जो 1971 तक पाकिस्तान के हिस्से में था,यह पूरी तरह से एक मुस्लिम गांव है, यहां के लोग लद्दाखी, बालती, और उर्दू बोलते हैं। तुर्तुक भारत में आखिरी चौकी है जिसके बाद पाकिस्तान-नियंत्रित गिलगिट-बाल्टिस्तान शुरू होता है। तुर्तुक को सियाचिन ग्लेशियर का गेटवे भी कहा जाता है।

जांसकर घाटी

जांसकर घाटी

Pc:Sumita Roy Dutta

एडवेंचर लवर्स के बीच जांसकर घाटी किसी स्वर्ग से कम नहीं है, यहां तेज बहाव में बहती हुई जांसकर नदी में वाइट रिवर राफ्टिंग का मजा लिया जा सकता है।

यह खूबसूरत घाटी बंजर और बर्फीली पहाड़ों के बीच एक अलग दुनिया की तरह दिखाती है, यह जगह बहुत ही रंगीन और अलग है,जिसमे खोकर आप खुद ही भूल जायेंगे कि, आप लद्दाख में हैं, या फिर एक अलग ही दुनिया में।

दिसम्बर और जनवरी के महीने में यह नदी पूरी तरह बर्फ में तब्दील हो जाती है, इस दौरान आप इस नदी पर ट्रैकिंग का मजा ले सकते हैं, जोकि ट्रेकिंग लवर्स के बीच चादर ट्रेक के नाम से जानी जाती है।

बीते कई सालों में, यह ट्रेक बेहद लोकप्रिय हो चुका है, जिसमे ट्रेकर्स बर्फ की मोटी चादर पर चलकर गुजरते हैं। इसे पार करने के बाद ट्रेकर्स आसपास कैम्पिंग का मजा लेते हुए रात गुजारते हैं। ये करीबन 70 किमी की ट्रेक है, अगर आप दिल से दिलेर है, तो इस ट्रेक को अवश्य ट्राय करें।

उलेतुक्पो

उलेतुक्पो

गर्मियों के दौरान यहां कैम्पिंग का एक अलग ही मजा है, यहां रहने के लिए आपको आराम से टेंट आदि मिल जायेंगे, शाम के समय के किमप के बाद नदी किनारे बैठकर चाय पीने का मजा ही कुछ और है, ट्राय जरुर कीजिये।

बासगो

बासगो

Pc: Ronakshah1990
लेह से करीबन 36 किमी की दूरी पर स्थित बासगो एक समय पर समर्द्ध शहर हुआ करता था, लेकिन आज यहां सिर्फ मठ और कुछ शाही महलों को देखा जा सकता है। लाद्द्ख का बासगो शहर एक बेहद ही महत्वपूर्ण सांस्कृतिक शहर है। इस किले के अंदर तीन मंदिर भी है, इस किले से पूरे बासगो को अच्छे से निहारा जा सकता है। अगर फोटोग्राफी का शौक है, तो इस जगह की सैर अवश्य करें।

सुमुर

सुमुर

नुब्रा नदी के तट पर स्थित सुमरू सम्स्तान्लिंग मठ या गोम्पा के लिए जानी जाती है, जिसका निर्माण वर्ष 1841 में हुआ था।

क्यागर और सुमुर गांव के बीच स्थित यह लामा त्सुल्त्रिम नीमा द्वारा स्थापित किया गया था। यात्री मुख्य रूप से बौद्ध पाठशाला, भित्ति - चित्र, और बौद्ध मूर्तियों के संग्रह के कारण इस मठ की सैर पर जाते हैं। 1962 में तिब्बती आध्यात्मिक गुरु परमपावन दलाई लामा गोम्पा के सात मंदिरों के उद्घाटन के लिए आमंत्रित किये गए थे। वहाँ 50 के आसपास भिक्षु मठ में रहते हैं जिनके दैनिक जरूरते इस मठ के संचालक गुट द्वारा पूरे किये जाते हैं।

चुमथांग

चुमथांग

अगर लद्दाख रोड ट्रिप कर रहे हैं और लद्दाख के मौसम के चलते आपकी तबियत खराब हो रही है, तो आप चुमथांग में गर्म पानी के कुंड में डुबकी लगा सकते हैं। यह प्राकृतिक कुंड है, जोकि इंदु नदी से बनते हैं। अगर आप इस क्षेत्र में ट्रेकिंग कर रहे हैं और थक गये हैं, तो स्प्रिंग वाटर में कुछ देर पैर डालकर बैठे और अपनी थकान को बाय-बाय।

चागथांग

चागथांग

Pc:Prakash R Iyer
लद्दाख की तुलना अक्सर तिब्बत से की जाती है क्योंकि यहा की संस्कृतियों में मुख्य रूप से बौद्ध धर्म का प्रभाव होता है।लद्दाख में एक स्थान, जिसे चंथांग पठार कहा जाता है, वास्तव में तिब्बत का एक हिस्सा है। यह क्षेत्र वृक्षों की अनुपस्थिति की विशेषता है जो अभी भी लद्दाख के अन्य हिस्सों में आसानी से दिखाई देता हैं। लगभग 15400 फीट की ऊंचाई पर स्थित, चांग्थांग आमतौर पर लद्दाख क्षेत्र के बाकी हिस्सों की तुलना में बेहद ठंडा है, इसलिए अगर आप यहां गर्मियों में भी आ रहे हैं, तो गर्म कपड़े लाना कतई ना भूलें। पर्यटक यहां चांग्थांग वन्यजीव अभयारण्य देख सकते हैं, जोकि भेड़ियों, हिम तेंदुओं, भाल, गज़ेल और क्षेत्रीय पक्षियों का घर है। लद्दाख की प्रसिद्ध झील पैंगोग झील भी चांग्थांग पठार पर ही स्थित है।

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