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उत्तर प्रदेश के 8 रेलवे स्टेशनों का बदला गया नाम, पिछले 10 सालों में कितने नाम बदले गये! List

उत्तर प्रदेश में एक बार फिर से नाम बदलने की हवा चली और अमेठी जिले के 8 स्टेशनों के नाम बदलने पर मुहर लग गयी। उत्तर रेलवे के लखनऊ मंडल के आठ रेलवे स्टेशनों का नाम बदलने का आधिकारिक तौर पर ऐलान कर दिया है। इससे पहले इस साल मई में केंद्रीय गृह मंत्रालय की तरफ से इन स्टेशनों के नाम बदलने पर No Objection Certificate (NOC) दे दिया था, जिसके बाद ही इन स्टेशनों का नाम बदलना तय हो गया था।

ऐसा पहली बार नहीं हुआ है जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने किसी स्टेशन अथवा जगह या जिले का नाम बदलने की सिफारिश की हो। इससे पहले भी उत्तर प्रदेश की योगी सरकार के साथ-साथ अखिलेश यादव की सरकार ने भी कई जगहों व जिलों का नाम बदलने की सिफारिश की थी, जिन्हें स्वीकार करते हुए स्टेशनों का नाम भी बदल दिया गया था।

Uttar pradesh 8 railway stations name change

मिली जानकारी के अनुसार पिछले फरवरी महीने में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने उत्तर प्रदेश सरकार को 8 स्टेशनों का नाम बदलने की अनुमति प्रदान कर दी थी। इन स्टेशनों में नाम के बदलावों को लेकर उत्तर रेलवे के लखनऊ डिवीजन की वरिष्ठ डिवीजनल कमर्शियल मैनेजर रेखा शर्मा ने मीडिया को दिये अपने बयान में कहा कि जिन स्टेशनों का नाम बदला गया है उन्हें जल्द ही रेलवे के CRIS (सेंटर फॉर रेलवे इनफॉर्मेशन सिस्टम) में अपडेट कर दिया जाएगा।

जिन 8 स्टेशनों का नाम बदला जा रहा है उनमें कासिमपुर हॉल्ट,जायस, बानी, मिसरौली, निहालगढ़, अकबरगंज, वरिसगंज और फुरसतगंज के नाम शामिल हैं। गौरतलब है कि आजादी के बाद से लेकर अब भारतीय रेलवे के करीब 100 रेलवे स्टेशनों का नाम बदला जा चुका है, इसमें अयोध्या धाम, इलाहबाद, मुगलसराय आदि शामिल हैं।

uttar pradesh name change

क्या होगा नया नाम

स्टेशन का पुराना नाम स्टेशन का नया नाम
कासिमपुर हॉल्ट जायस सिटी
जायस गुरु गोरखनाथ धाम
बानी स्वामी परमहंस
मिश्रौली मां कालिकन धाम
निहालगढ़ महाराजा बिजली पासी
अकबरगंज मां अहोर्वा भवानी धाम
वारिसगंज अमर शहीद भाले सुल्तान
फुर्सतगंज तपेश्वरनाथ धाम
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क्या है इन स्टेशनों के नाम बदलने की वजह

मिली जानकारी के अनुसार जिन 8 स्टेशनों के नाम बदले गये हैं, उन सभी स्टेशनों के नाम को स्थानीय महत्व के आधार पर बदला गया है। आइए जान लेते हैं उनका लोकल कनेक्शन क्या है -

1. जायस सिटी स्टेशन

जायस अमेठी जिले का एक कस्बा है। कासिमपुर हॉल्ट का नाम अब जायस सिटी स्टेशन होगा। पद्मावत के रचनाकर मलिक मोहम्मद जायसी यहीं के रहने वाले थे, जिनके नाम पर ही जायस स्टेशन का नाम रखा गया है।

2. गुरु गोरखनाथ स्टेशन

जायस रेलवे स्टेशन का नाम नाथ संप्रदाय के पहले योगी गुरु गोरखनाथ के नाम पर रखा गया है। गोरखपुर में उनका मंदिर भी स्थित है। गुरु गोरखनाथ ने पूरे भारत का भ्रमण किया था और कई ग्रंथों की रचना भी की थी।

3. स्वामी परमहंस स्टेशन

पश्चिम बंगाल के रहने वाले महान संत स्वामी रामकृष्ण परमहंस के नाम पर बानी स्टेशन का नाम रखा गया है। उन्होंने धार्मिक एकता पर जोर दिया था। रामकृष्ण परमहंस ही स्वामी विवेकानंद के गुरु भी थे।

4. मां कालिकन धाम स्टेशन

मिश्रौली का नाम मां कालिकन धाम शक्तिपीठ के नाम पर रखा गया है। मान्यता है कि यहां मौजूद कुंड में स्नान करने से आंखों से जुड़ी बीमारियां दूर हो जाती हैं। इस स्थान को च्यवन मुनी की तपोस्थली भी माना जाता है।

5. महाराजा बिजली पासी स्टेशन

अमेठी जिले का निहालगढ़ अब महाराजा बिजली पासी स्टेशन के नाम से जाना जाएगा। वे पासी समुदाय के राजा थे। 18वीं और 19वीं शताब्दी के ब्रिटिश गजेटियर के मुताबिक महाराजा बिजली पासी पृथ्वीराज चौहान और जयचंद के समकालीन थे।

6. मां अहोर्वा भवानी धाम स्टेशन

रायबरेली में स्थित अकबरगंज स्टेशन का नाम अब से मां अर्होवा भवानी धाम स्टेशन होगा। यह मंदिर अमेठी में स्थित है। कहा जाता है कि इस मंदिर की स्थापना खुद पांडवों ने की थी। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार इस मंदिर में देवी मां की मूर्ति दिन में 3 बार अपना स्वरूप बदलती है।

7. अमर शहीद भाले सुल्तान स्टेशन

वारिसगंज हॉल्ट स्टेशन का नाम अमर शहीद भाले सुल्तान कर दिया गया है। देश की आजादी में भाले सुल्तानों का एक समूह था। इतिहासकारों का मानना है कि 1857-58 की लड़ाई के दौरान भाले सुल्तानों ने देश की आजादी के लिए अपने जीवन का बलिदान किया था। कहा जाता जाता है कि अंग्रेजों को भाले सुल्तानों के समूह ने युद्ध के मैदानों में 7 बार पछाड़ा था।

8. तपेश्वर धाम स्टेशन

अमेठी का फुर्सतगंज रेलवे स्टेशन अब तपेश्वर धाम के नाम से जाना जाएगा। यह मंदिर अमेठी के बहादुरपुर में स्थित है। कहा जाता है कि यहां स्थापित शिवलिंग स्वयंभू हैं। इस स्थान पर मंदिर बनाने का कई बार प्रयास किया गया लेकिन कभी भी मंदिर का निर्माण नहीं हो सका। मान्यताओं के अनुसार इस स्थान पर भगवान शिव खुले आकाश के नीचे तपस्या करते थे इसलिए इस मंदिर को तपेश्वरनाथ धाम कहा जाता है।

पिछले 10 सालों में बदले गये कई नाम

उत्तर प्रदेश में अब तक कई स्टेशनों, जिलों व शहरों के नाम बदले जा चुके हैं। इनमें से कुछ नाम ब्रिटिशकालिन थे तो कुछ नाम मुगलकालिन थे। उन नामों को बदलकर ऐतिहासिक व्यक्तियों अथवा उन स्थानों से संबंधित किसी ऐतिहासिक जगह के नाम पर रखा गया है। जिन जगहों के नाम बदले गये हैं उनमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार में अधिक व कुछ जगहों के नाम पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की सरकार में बदले गये हैं।

अब तक किन जगहों के बदले गये नाम

पुराना नाम नया नाम बदलने का वर्ष
प्रबुद्ध नगर शामली 2012
भीम नगर संभल 2012
पंचशील नगर हापुड़ 2012
महामाया नगर हाथरस 2012
ज्योतिबा फुले नगर अमरोहा 2012
काशीराम नगर कासगंज 2012
छत्रपति शाहूजी महाराज नगर अमेठी 2012
रामाबाई नगर कानपुर देहात (जिला) 2012
संत रविदास नगर भदोही 2015
इलाहबाद प्रयागराज 2018
फैजाबाद अयोध्या 2018
राबर्ट्सगंज सोनभद्र 2018
मुगलसराय पंडित दीन दयाल उपाध्याय जं. 2018
झांसी वीरांगना लक्ष्मीबाई 2021
मंडुआडीह बनारस 2021
दांदूपुर बाराही देवी धाम 2021
अयोध्या अयोध्या धाम 2024

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