मात्र 8 दिनों बाद बाबा केदार के दर्शन मिलने वाले हैं। 10 मई को केदारनाथ धाम के कपाट खुलने वाले हैं। इसके लिए प्रशासन जहां कमर कस कर सारी तैयारियों को अंजाम दे रहा है, वहीं दूसरी ओर केदारनाथ धाम के कपाट खुलने से ठीक पहले मौसम एक बार फिर से मेहरबान हो गया है।
केदारनाथ और आसपास का पूरा क्षेत्र सफेद बर्फ की चादर से ढंक गया है। केदारनाथ धाम के साथ-साथ 10 मई को अक्षय तृतिया के दिन गंगोत्री और यमुनोत्री के कपाट भी खुल जाएंगे जिसके साथ ही चार धाम यात्रा की शुरुआत हो जाएगी। वहीं बद्रीनाथ धाम के कपाट 12 मई को खुलेंगे।

केदारनाथ धाम के कपाट खुलने से पहले केदारनाथ परिसर में पुनर्निर्माण और विकास कार्यों का जायजा लेने मुख्य सचिव राधा रतूड़ी व अन्य अधिकारियों की टीम पहुंची। बताया जाता है कि उन्होंने निर्माण और पुनर्निर्माण कार्यों की रफ्तार को बढ़ाते हुए 10 मई को केदारनाथ धाम के कपाट खुलने से पहले सभी अनिवार्य कार्यों को पूरा कर लेने का आदेश दिया है। साथ ही उन्होंने इसके लिए अतिरिक्त मजदूर या संसाधनों की मदद लेने के भी निर्देश दिये हैं।
केदारनाथ धाम की यात्रा को सुगम और सुव्यवस्थित बनाए रखने के लिए नगर पंचायत केदारनाथ की ओर से धाम में सरस्वती नदी, मंदाकिनी नदी के घाटों, मंदिर परिसर, हेलीपैड सहित अन्य स्थानों की साफ-सफाई करवायी जा रही है। इसके साथ ही राष्ट्रीय राजमार्ग के दोनों किनारों की झाड़ियों की कटाई, सड़क के दोनों किनारों पर नालियों की सफाई, प्लास्टिक कूड़े को काम्पेक्टर मशीनों से कम्पेक्ट कर हरिद्वार भिजवाना, यात्रा मार्ग में जो स्थान क्षतिग्रस्त हैं उनका पैचवर्क, क्षतिग्रस्त रेलिंग को बनवाना आदि काम किये जा रहे हैं।

शुरुआती 15 दिन वीवीआईपी नहीं कर सकेंगे दर्शन
चारधाम यात्रा शुरू होने के बाद शुरुआती 15 दिन किसी भी वीआईपी (VIP) अथवा वीवीआईपी (VVIP) को दर्शन करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उक्त निर्णय उत्तराखंड प्रशासन की तरफ से लिया गया है। ऐसा इसलिए किया जा रहा है क्योंकि दर्शन करने के लिए VIP अथवा VVIP के आने पर श्रद्धालुओं को VIP मूवमेंट के कारण परेशानियां झेलनी पड़ती है।
बताया जाता है कि इस साल 10 से 25 मई तक वीआईपी और वीवीआईपी दर्शन नहीं होंगे। बता दें, इस साल चार धाम की साफ-सफाई में करीब 700 सफाई कर्मियों को तैनात किया गया है। चार धाम यात्रा मार्ग में चार नये मॉड्यूलर शौचालय और 4 नये मोबाइल मॉड्यूल्स शौचालयों की व्यवस्था की गयी है।

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चार धाम यात्रा पर ट्रैक्टर-ट्रक से जाने पर रोक
चार धाम की यात्रा पर ट्रैक्टर और ट्रकों पर उत्तराखंड जाने पर रोक लगा दी गयी है। अगर कोई भी वाहन ऐसा करता हुआ पाया जाता है तो उन वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। हाल ही में उत्तराखंड के परिवहन सचिव अरविंद सिंह ह्यांकी ने उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, चंडीगढ़, राजस्थान व मध्य प्रदेश के परिवहन सचिवों को चार धाम यात्रा के लिए एडवाइजरी जारी कर दी है।
इसमें कहा गया है कि सभी राज्य ऐसे वाहनों को अपने स्तर पर ही रोकने की व्यवस्था करें। पर्वतीय मार्ग पर अधिकतम 2570 मिलीमीटर चौड़ी, 4000 मिलीमीटर ऊंची और 8750 मिलीमीटर लंबी वाहनों को ही परमिट दी जाएगी।

क्या है एडवाइजरी
- चार धाम आने वाले वाहनों को ग्रीन व ट्रिप कार्ड बनवाना अनिवार्य।
- वाहन चालक greencard.uk.gov.in पर जाकर ऑनलाइन दोनो कार्ड बनवा सकते हैं।
- वाहन चलाते समय टेप रिकॉर्डर, सीडी प्लेयर, रेडियो आदि बजाना प्रतिबंधित।
- टूरिस्ट बस में टेप रिकॉर्डर, सीडी प्लेयर, रेडियो बज सकेंगे लेकिन उनका नियंत्रण कंडक्टर के पास होगा।
- कचरे को फैलने से रोकने के लिए वाहन में डस्टबिन लगाना अनिवार्य।
मीडिया रिपोर्ट्स से मिली जानकारी के अनुसार अभी तक केदारनाथ धाम के लिए 6,33,568 श्रद्धालुओं ने, बद्रीनाथ के लिए 5,33,518 श्रद्धालुओं ने, गंगोत्री धाम के लिए 3,29,246 श्रद्धालुओं ने और यमुनोत्री धाम के लिए 2,92,193 श्रद्धालुओं ने रजिस्ट्रेशन करवाया है। इसके साथ ही हेमकुंड साहिब में दर्शन के लिए 31,852 तीर्थ यात्रियों ने रजिस्ट्रेशन करवाया है।
बता दें, चार धाम यात्रा और हेमकुंड साहिब में दर्शन के लिए रजिस्ट्रेशन करवाना अनिवार्य है। रजिस्ट्रेशन ऑनलाइन अथवा ऑफलाइन दोनों प्रकार से की जा सकती है। बिना रजिस्ट्रेशन के किसी भी श्रद्धालु को दर्शन के लिए जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।



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