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अभी मत जाइये मसूरी! नहीं तो कार में बितानी पड़ेगी रात

अगर आप इस वक्त उत्तराखंड के खूबसूरत हिल स्टेशन मसूरी जाने की योजना बना रहे हैं तो मत जाइये। जी हां मसूरी अभी मत जाइये। बार-बार हम इसी बात को दोहरा रहे हैं क्योंकि अगर जरा भी गड़बड़ हुई तो ओ आपको न तो खाने के लिए खाना मिलेगा न सोने के लिए बिस्तर!

long line of vehicle in Mussoorie Uttarakhand

ऊपर से रात भी आपको कार में ही गुज़ारनी पड़ेगी। और हां अगर आप बस से जा रहे हैं, तो भी हो सकता है आपको बस स्‍टैंड पर ही बिस्तर लगाना पड़ जाये।

आपको आगाह करने के साथ-साथ पिछले रविवार की घटना आपको बताने जा रहे हैं, जिसके साक्षी वनइंडिया हिन्दी के संपादक केशव कर्ण हैं। जो पिछले सोमवार को ही मसूरी से लौटे हैं। रविवार की सुबह केशव कर्ण उस वक्त चौंक गये, जब सुबह करीब सात बजे एक व्यक्ति ने उनके गेस्ट हाउस का दरवाजा खटखटाया। दरवाजा खोलते ही देखा एक युवा कपल करीब डेढ़ साल के बच्चे को गोद में लेकर खड़े हुए हैं।

crowd at mussoorie

उन्‍होंने पूछा क्या चाहिए, तो बोले, "सर रात भर हम आपके गेस्टहाउस के सामने कार में सोये हैं, बच्चा छोटा है, अगर इजाजत हो तो वॉशरूम इस्‍तेमाल कर सकते हैं क्या?" बातचीत में पता चला कि गाजियाबाद के शैलेश सिंह और उनकी पत्नी एक डेढ़ साल के बच्चे को लेकर मसूरी के लिए निकले थे। रास्ते में ही पता चला कि उनकी होटल बुकिंग कैंसल हो चुकी है।

उन्‍होंने सोचा कि वहां पहुंच कर पाया कि सारे होटल खचाखच भरे हुए हैं। कहीं रूम नहीं खाली है, इसलिए उन्‍होंने रात को सड़क किनारे ही कार पार्क की और उसी में सो गये। सच पूछिए तो केवल शैलेश ही नहीं, ऐसे तमाम लोग हैं जिन्‍हें मसूरी पहुंचने पर होटल या गेस्टहाउस नहीं मिल रहे हैं, जिस कारण वो कारों में, सड़कों पर, बस स्टैंड आदि पर रात बिताने को मजबूर हैं।

kempty waterfall Mussoorie Uttarakhand

अगर घूमना है केम्‍प्‍टी फॉल्स

केशव कर्ण ने नेटिवप्लैनेट से बातचीत में बताया कि उन्‍हें मसूरी के पास पहुंचकर तब तनाव हुआ जब हाईवे पर गाड़ियों की कई किलोमीटर लंबी लाइन देखीं। सड़क पर किसी तरह से सरकती हुई या यूं कहें रेंगती हुई गाड़ियां आगे बढ़ रही थी। जिस दूरी को तय करने में 1 घंटे का समय लगता है आज कल 3 से 4 घंटे लग रहे हैं। अगर आपको केमप्‍टी फॉल्स देखना है तो सुबह 6 बजे निकलिये। अगर जरा भी देर हुई तो फॉल्स तक पहुंच ही नहीं पायेंगे।

वजह पूछने पर पता चला कि अगर 6 से थोड़ी भी देर होती है और 6.30 या 7 बजे भी कोई पर्यटक मसूरी से केम्प्टी वाटरफॉल के लिए निकलता है तो समझ लेना चाहिए कि आज भी उसकी किस्मत खराब ही है। थोड़ी भी देर होने पर पूरा रास्ता जाम मिलेगा। ट्रैफिक जाम का कारण केवल भारी भीड़ ही नहीं है बल्कि बारिश की वजह से जगह-जगह लैंडस्लाइड या उसकी आशंका को देखते हुए भी रास्ते बंद कर दिये जाते हैं।

केम्प्टी फॉल्स ही नहीं बल्कि तिब्बा प्‍वाइंट, कंपनी गार्डन, कैमल रॉक, भट्टा फॉल्स, आदि जगहों पर भी आलम एक जैसा ही है।

mussoorie streets

माल रोड पर भारी भीड़

केशव कर्ण ने अपने अनुभव शेयर करते हुए बताया कि मसूरी की माल रोड गांव में लगे किसी मेले से कम नहीं। उन्होंने बताया कि यहां की माल रोड का हाल यह है कि पैर रखने तक को जगह नहीं है। यही नहीं अगर आप किसी रेस्तरां में भोजन करना चाहते हैं तो एक-एक घंटे की वेटिंग के बाद जाकर टेबल मिलेगी।

कुल मिलाकर अगर आप बारिश में वॉटरफॉल्‍स देखने के लालच में अगर बिना सोचे समझे या प्लानिंग के साथ मसूरी निकल पड़े तो आपका हाल भी शैलेश जैसा हो सकता है। रात सड़क पर गुजरे या होटल में लेकिन आस-पास की जगहों पर घूमने में तो दिक्कत निश्चित तौर पर झेलनी ही पड़ेगी। इसलिए अगर आप अभी मसूरी जाने की प्लानिंग कर रहे हैं, तो थोड़ा सब्र कीजिये, ये वॉटरफॉल बारिश के बाद भी ऐक्टिव रहेंगे। आप ऑफ सीज़न में जाकर प्रकृति के बीच अपना अच्‍छा समय बिता सकते हैं।

Read in English: Mussoorie in Uttarakhand has fallen victim to overtourism, forcing tourists to spend the night in their cars

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